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Sat, Oct 31, 2026
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4000 करोड़ की रामायण - रणबीर बने राम, यश बने रावण, साई पल्लवी बनी सीता

इस साल दिवाली के मौक़े पर रणबीर कपूर स्टारर फ़िल्म 'रामायण' रिलीज़ हो रही है. नितेश तिवारी के निर्देशन में बनी इस फ़िल्म के बजट से लेकर कास्ट तक की काफ़ी चर्चा है फ़िल्म में राम का किरदार बॉलीवुड अभि…

4000 करोड़ की रामायण - रणबीर बने राम, यश बने रावण, साई पल्लवी बनी सीता

इस साल दिवाली के मौक़े पर रणबीर कपूर स्टारर फ़िल्म 'रामायण' रिलीज़ हो रही है. नितेश तिवारी के निर्देशन में बनी इस फ़िल्म के बजट से लेकर कास्ट तक की काफ़ी चर्चा है फ़िल्म में राम का किरदार बॉलीवुड अभिनेता रणबीर कपूर निभा रहे हैं और सीता के रूप में साई पल्लवी हैं इस कड़ी में एक और नाम काफ़ी चर्चा में है और वो हैं कन्नड़ फ़िल्म अभिनेता यश इस फ़िल्म में रावण का किरदार निभा रहे हैं वह इसके को-प्रोड्यूसर भी हैं

8 जनवरी 1986 को कर्नाटक के हासन ज़िले में जन्मे यश का असली नाम नवीन कुमार गौड़ा है आज उन्हें उनके असली नाम से कम और 'रॉकिंग स्टार यश' के नाम से ज़्यादा जाना जाता है जब उनसे पूछा गया कि नवीन कुमार गौड़ा कहकर बुलाए जाने पर उनकी क्या प्रतिक्रिया होगी, तो उन्होंने मज़ाक़िया अंदाज़ में कहा था- कौन है ये? उनसे पूछा गया कि नवीन कुमार गौड़ा कहकर बुलाए जाने पर उनकी क्या प्रतिक्रिया होगी, तो उन्होंने मज़ाक़िया अंदाज़ में कहा था- कौन है ये?क्योंकि ज़्यादातर लोग उन्हें इस नाम से नहीं जानते हैं. तो आख़िर एक छोटे शहर से निकलकर कन्नड़ सिनेमा के बड़े सितारों में शामिल होने और अब रावण की भूमिका निभाने तक यश का सफ़र कैसा रहा?

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2007 में आई फ़िल्म 'जंबाडा हुडुगी' से सहायक अभिनेता के रूप में यश ने अपना फ़िल्मी डेब्यू किया. इससे पहले वो 'उत्तरायण' और 'नंदा गोकुला' सहित कुछ टीवी शोज़ में काम कर चुके थे 'नंदा गोकुला' काफ़ी लोकप्रिय टीवी शो रहा और इसी से यश ने काफ़ी पहचान बनाई. इसमें यश और राधिका पंडित की जोड़ी को काफ़ी पसंद किया गया. यह शो वर्ष 2004-2007 के दौरान प्रसारित हुआ यश को पहचान दिलाने वाली फिल्म 'मोगिन्ना मनसू' 2008 में आई. 'वीकेंड विद रमेश' में यश ने इस फ़िल्म में उन्हें लिए जाने की एक दिलचस्प कहानी बताई, "फ़िल्म में उस रोल के लिए किसी दूसरे एक्टर को चुना गया था, लेकिन मुहूर्त के समय बाइक से गिरने के कारण उसे चोट लग गई और वह शूटिंग नहीं कर सका, टीम को किसी दूसरे कलाकार की ज़रूरत पड़ी. आख़िरकार मुझे चुना गया.वो आगे कहते हैं, "उन्होंने भूमिका को समझने के लिए बहुत मेहनत की थी. हर शॉट से पहले वे पूछते थे कि क्या इसे इस तरह करें या किसी दूसरे तरीक़े से? वे मुझे एक ही दृश्य के कई विकल्प देते थे. उनमें अभिनय के साथ डांस, समर्पण और काम के प्रति सम्मान भी था बॉक्स ऑफ़िस पर फ़िल्म ने अच्छी कमाई की. 'मोगिन्ना मनसू' के लिए यश को बेस्ट सपोर्टिंग ऐक्टर का 'फ़िल्मफ़ेयर' अवॉर्ड भी मिला कॉमिक कॉन्स 2026 में रावण का किरदार निभाए जाने को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में यश ने कहा था, “यह बहुत जटिल किरदार है. ज़रा सोचिए, एक ऐसा किरदार जिससे लोग नफ़रत करते हैं और हर साल उसका पुतला जलाते हैं. यह दिखाता है कि उसने अपने लिए किस स्तर की पहचान बनाई है.”

उन्होंने बताया कि जब किरदारों के बारे में सभी जानते हैं और लोगों के मन में उनकी पहले से एक छवि बनी हुई है, तो उस भूमिका को निभाना और भी चुनौतीपूर्ण हो जाता है यश ने कहा था, "अगर कोई नई फ़िल्म है और आप नई कहानी सुना रहे हैं, तो आप जो भी करेंगे, वही उस किरदार की पहचान बन जाएगी. लेकिन जब लोगों के मन में पहले से उस किरदार की कल्पना मौजूद हो और कई लोग उसे अलग-अलग तरीक़ों से निभा चुके हों, तो एक अभिनेता पर अतिरिक्त दबाव होता है. उन्होंने कहा कि एक अभिनेता के तौर पर वे यह समझने की कोशिश कर रहे थे कि उन्होंने जो कुछ किया, वह क्यों किया. वे उसके पीछे की सोच को समझना चाहते थे यश ने कहा, “मुझे लगा कि रावण को पर्दे पर उतारने का सबसे अच्छा तरीक़ा यही है कि मैं उनकी सोच और उनके कामों के पीछे की वजह को समझूँ.”

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