भोपाल। गोविंदपुरा औद्योगिक क्षेत्र में नियमों को ताक पर रखकर चलाई जा रही गैर-औद्योगिक गतिविधियों पर प्रशासन अब बड़ा प्रहार करने की तैयारी में है। नियमों के अनुसार यहां केवल मैन्युफैक्चरिंग इकाइयों का संचालन हो सकता है, लेकिन लंबे समय से यहां धड़ल्ले से शोरूम, बड़े सर्विस सेंटर और गोदाम चलाए जा रहे हैं।
जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र (डीआईसी) ने इस पर सख्त रुख अपनाते हुए अब तक करीब 21 गैर-औद्योगिक इकाइयों का आवंटन निरस्त कर दिया है। साथ ही अगले महीने ऐसे तमाम संस्थानों पर बड़ी कार्रवाई की रूपरेखा तैयार कर ली गई है। गौरतलब है कि क्षेत्र में करीब 20 प्रतिशत फैक्ट्रियां बंद हो चुकी हैं। ज्यादा मुनाफे के लालच में कई फैक्ट्री मालिकों ने अपने शेड और जमीन शोरूमों व सर्विस सेंटरों को किराए पर दे दी है। वर्तमान में यहां 1157 औद्योगिक इकाइयां कार्यरत हैं, जिन्हें इन अवैध गतिविधियों की भारी कीमत चुकानी पड़ रही है।
डीआईसी के महाप्रबंधक सिद्धार्थ खरे ने बताया कि पूर्व में जेके रोड की तरफ करीब 10 और कुछ समय पहले अंदरूनी हिस्से में 11 गैर-औद्योगिक इकाइयों को निरस्त किया गया है। जिन इकाइयों को निरस्त किया है उन्होंने कोर्ट स्टे ले रखा है। मामला कोर्ट में चल रहा है। निर्णय आने के बाद नियम अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
गोविंदपुरा इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष विजय गौर ने बताया कि क्षेत्र में चार गुना ट्रैफिक दबाव और ग्राहकों की छोटी गाड़ियों की भीड़ से दिनभर जाम लगा रहता है। इस कारण फैक्ट्रियों तक कच्चा माल देरी से पहुंच रहा है और तैयार माल भी समय पर बाहर नहीं जा पा रहा। बड़े ट्राले घंटों फंसे रहने से उद्योगों का ट्रांसपोर्ट खर्च बढ़ गया है और समय पर आर्डर पूरे न होने से कारोबार प्रभावित हो रहा है।


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