अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आरोप लगाया है कि ईरान के कहने पर यमन के हूती विद्रोही सऊदी अरब को निशाना बना रहे हैं। उनका मकसद अमेरिकी मिडटर्म चुनाव से पहले तेल की कीमतें बढ़ाने का है। ट्रंप ने चेतावनी दी कि वे सऊदी पर हो रहे हमलों को नहीं भूलेंगे और चुनाव के बाद इसके नतीजे भुगतने होंगे। तीन नवंबर के बाद छोड़ेंगे नहीं। ट्रंप ने मंगलवार को ट्रुथ सोशल पर लिखा कि पिछले साल अमेरिकी सेना के हमलों के बाद काफी समय तक शांति रही थी, लेकिन अब हूती फिर से हरकत में आ गए हैं। उन्होंने कहा कि हूती बहुत खराब व्यवहार कर रहे हैं। किसी को उन्हें समझाना चाहिए कि मैं चुनाव नहीं लड़ रहा हूं। मैं पहले ही बड़ी जीत हासिल कर चुका हूं, लेकिन चुनाव के बाद भी मैं यहीं रहूंगा और मैं इसे कभी नहीं भूलूंगा।
बता दें कि हूतियों ने सऊदी ठिकानों पर हमले किए हैं। इनमें रियाद का किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा भी शामिल है। हमले के बाद हवाई अड्डे को 17 अक्टूबर तक बंद कर दिया गया और कई उड़ानें रद्द हो गईं। इन हमलों से मध्य पूर्व में तेल की सप्लाई और जहाजों के रास्ते पर खतरा मंडरा रहा है। ट्रंप ने कहा कि वह तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन से भी सऊदी अरब का साथ देने के लिए कह सकते हैं। उनका मानना है कि एर्दोगन उनकी बात मानेंगे। तुर्की के राष्ट्रपति ने मंगलवार को सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से कहा कि अंकारा सऊदी के साथ खड़ा रहेगा। इस साल गर्मियों में तुर्की और पाकिस्तान ने सऊदी अरब के साथ मक्का डिफेंस पैक्ट पर हस्ताक्षर किए थे। हालांकि तुर्की की संसद को अभी इस समझौते को मंजूरी देनी है। अमेरिका अब तक सऊदी की इस कोशिश का विरोध कर रहा है कि उसे सीधे हूतियों के खिलाफ नए युद्ध में शामिल किया जाए।

मंगलवा को सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने सना के बाहरी इलाके में यमन पेट्रोलियम कंपनी के साबा सेंट्रल स्टेशन के आसपास रहने वाले लोगों से जगह खाली करने को कहा। इसके बाद गठबंधन ने उस जगह पर हमला किया। कंपनी का कहना है कि उस समय वहां तेल का स्टॉक नहीं था और हमले से सप्लाई पर कोई असर नहीं पड़ा। हूतियों ने चेतावनी दी थी कि सना पर कोई भी हमला हो तो वे 'कड़ा और दर्दनाक' जवाब देंगे। प्रवक्ता याह्या सारी ने कहा कि निशाने में धाहरान में सऊदी अरामको का मुख्यालय और रियाद में एक तेल रिफाइनरी भी हो सकती है। उन्होंने तेल कंपनियों के कर्मचारियों को उन जगहों से दूर रहने की सलाह दी है, जहां हमला हो सकता है। वहीं, सऊदी कैबिनेट ने भी चेतावनी दी है कि हूतियों को बार-बार हमले करने के नतीजे भुगतने होंगे।
यह नई लड़ाई 28 फरवरी को ईरान पर अमेरिकी-इजरायली हमलों के बाद शुरू हुए बड़े संघर्ष का हिस्सा है। हूती 2014 से यमन के बड़े हिस्से पर काबिज हैं और सऊदी समर्थित यमनी सरकार से लड़ रहे हैं। उन्होंने बाब अल-मंडेब स्ट्रेट के पास अपनी गतिविधियां बढ़ा दी हैं। यह समुद्री मार्ग लाल सागर और अदन की खाड़ी को जोड़ता है और तेल ले जाने वाले जहाजों के लिए बहुत महत्वपूर्ण रास्ता है।हाल के हमलों के बावजूद मंगलवार को तेल की कीमतें थोड़ी गिर गईं। इसकी वजह अमेरिका-रूस के बीच डीजल निर्यात समझौते की उम्मीद है। ब्रेंट क्रूड की कीमत 0.6 प्रतिशत गिरकर 105.98 डॉलर प्रति बैरल हो गई। अमेरिका का वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड 93.74 डॉलर प्रति बैरल पर रहा। सोमवार को दोनों कीमतें ऊपर बंद हुई थीं।


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