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कभी बिल्डिंग की टंकी-फुटपाथ पर सोए मिथुन चक्रवर्ती:झूठ से खतरे में डाली ऋषि कपूर की जान, राजकुमार देखकर बोले- किस स्ट्रगलिंग एक्टर को उठा लाए

कोई शक…, तेरे नाम का कुत्ता पालूं… ये डायलॉग डिस्को डांसर मिथुन चक्रवर्ती के हैं। मिथुन आज यानी 16 जून को 76 साल के हो चुके हैं। पिछले साल दादा साहेब फाल्के अवॉर्ड से सम्मानित होने वाले मिथुन चक्रवर्ती कभी नक्सली थे, लेकिन करंट लगने से भाई की मौत के बाद वो परिवार के पास लौट आए और फिर पुणे के फिल्म्स एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया से एक्टिंग सीखी।

काम की तलाश में मिथुन ने कभी गरीबी में कई महीने काटे, तो कभी कई दिनों तक भूखे रहे। कभी उन्होंने हेलन और रेखा जैसी बड़ी एक्ट्रेसेस के स्पॉटबॉय का भी काम किया और नाम तक बदल लिया, लेकिन समय के साथ हुनर और लगन ने उन्हें हिंदी सिनेमा का टॉप एक्टर बना दिया।

मिथुन पहले एक्टर हैं, जिनकी फिल्म डिस्को डांसर 100 करोड़ से ज्यादा कमाई करने वाली पहली भारतीय फिल्म बनी।

आज उनके जन्मदिन के खास मौके पर पढ़िए, उनकी जिंदगी से जुड़े कुछ किस्से-

किस्सा- 1

गुस्से में शक्ति कपूर को कर दिया था टकला

शक्ति कपूर और मिथुन चक्रवर्ती ने पुणे के FTII से पढ़ाई की थी। मिथुन सीनियर थे, जबकि शक्ति कपूर ने उनके बाद दाखिला लिया था। दोनों की पहली मुलाकात ठीक नहीं रही और रैगिंग के नाम पर मिथुन ने शक्ति के बाल खींचे और टकला कर दिया।

हुआ कुछ यूं कि शक्ति कपूर अपना होमटाउन दिल्ली छोड़कर पुणे के FTII जा रहे थे। ट्रेन में उनकी मुलाकात एक शख्स से हुई, जो खुद भी वहीं एडमिशन लेने जा रहा था। रास्ते में दोनों की अच्छी दोस्ती हो गई। पुणे जाने से पहले वो लड़का बहन की शादी के लिए मुंबई जा रहा था। बातचीत इतनी बढ़ गई कि शक्ति कपूर भी उसके साथ पुणे की बजाए मुंबई चले गए।

मुंबई पहुंचकर शक्ति कपूर को पता चला कि उस लड़के की बहन की शादी मशहूर एक्टर विनोद खन्ना के भाई प्रमोद खन्ना से हो रही है। शादी में राकेश रोशन सहित कई बॉलीवुड हस्तियां मौजूद थीं। स्टार्स के बीच खड़े शक्ति कपूर भी खुद को स्टार समझने लगे।

शादी खत्म होने के बाद राकेश रोशन और विनोद खन्ना के भाई प्रमोद, शक्ति कपूर और उनके दोस्त को हॉस्टल छोड़ने गए।

गेट पर उन्हें धोती पहने हुए एक शख्स दिखा। डीडी उर्दू को दिए इंटरव्यू में शक्ति कपूर ने बताया है कि उस शख्स की धोती में इतने छेद थे, जिन्हें गिना भी नहीं जा सकता था। उस शख्स ने राकेश रोशन के पैर छुए। पास खड़े शक्ति कपूर के हाथ में बीयर थी, तो उन्होंने इंप्रेशन झाड़ते हुए उस शख्स से पूछा, ‘बीयर पियोगे?’

वो शख्स थे मिथुन चक्रवर्ती। उन्होंने गुस्से में कहा, हॉस्टल में इसकी अनुमति नहीं है। जैसे ही राकेश रोशन और प्रमोद वहां से निकले वैसे ही मिथुन ने शक्ति कपूर के बाल पकड़ लिए और कहा- ‘मैं तुम्हारा सीनियर हूं। तुम क्या खुद को स्टार समझते हो।’ ये कहते ही शक्ति कपूर के बाल काट दिए गए।

शक्ति कपूर और मिथुन डांस डांस, दलाल, गुंडा, अग्निपथ, गुरू और तरकीब जैसी कई फिल्मों में साथ काम कर चुके हैं।
शक्ति कपूर और मिथुन डांस डांस, दलाल, गुंडा, अग्निपथ, गुरू और तरकीब जैसी कई फिल्मों में साथ काम कर चुके हैं।

रैगिंग लेते हुए, सारे सीनियर्स ने शक्ति को पूल के कई चक्कर कटवाए। थककर शक्ति कपूर जोर-जोर से रोने लगे और कहा, मैं घर वापस जाना चाहता हूं, मुझे एक्टर नहीं बनना। कुछ देर बाद मिथुन को दया आ गई और वो उन्हें सबसे बचाकर एक कमरे में ले गए।

किस्सा- 2

सांवले रंग से परेशान रहते थे मिथुन, शबाना आजमी की मां से की थी शिकायत

FTII में पढ़ते हुए शबाना आजमी मिथुन चक्रवर्ती की सीनियर हुआ करती थीं। उनकी और शबाना की गहरी दोस्ती हो गई और कई बार मिथुन उनके घर भी जाया करते थे। वो अक्सर सबसे कहा करते थे कि वो रंग गोरा न होने से बेहद परेशान रहते हैं।

एक दिन शबाना उन्हें घर ले गईं। उस दिन शबाना की मां शौकत आजमी से बात करते हुए मिथुन चक्रवर्ती ने उनसे सांवले रंग की शिकायत की। ये सुनते ही ही शौकत आजमी ने उन्हें गले लगा लिया और कहा- ‘ये सब सोचकर परेशान मत हो। तुम बहुत अच्छा डांस करते हो।’ ये किस्सा शबाना आजमी ने अरबाज खान के चैट शो में सुनाया था।

मिथुन चक्रवर्ती के बचपन की तस्वीर।
मिथुन चक्रवर्ती के बचपन की तस्वीर।

किस्सा- 3

रहने का ठिकाना नहीं था, तो गार्ड से छिपकर टंकी में सोते थे मिथुन

पुणे से पढ़ाई पूरी कर मिथुन चक्रवर्ती काम की तलाश में मुंबई आ गए। यहां न उनके पास रहने के लिए कोई जगह थी और न ही किराया देने के लिए पैसे। ऐसे में वो लंबे समय तक कुछ बिल्डिंग्स की छतों पर बनी टंकी में छिपकर सोते थे, जिससे गार्ड उन्हें देखकर भगा न दे। डांस प्लस 5 रियलिटी शो में पहुंचे मिथुन ने ये किस्सा सुनाते हुए कहा, ‘मैंने कभी सपने देखना नहीं छोड़ा और हमेशा हकीकत का सामना किया। जब मैं मुंबई आया था, मेरे पास रहने का कोई ठिकाना नहीं था और वे ऐसे दिन थे जब मैं इमारतों की छतों पर बनी पानी की टंकियों पर छिप जाता था और वहीं सो जाता था ताकि सिक्योरिटी गार्ड मुझे देख न सकें और मुझे वहां से बाहर न निकाल दें।’

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