85% एथेनॉल से चलने वाली वैगन-आर ₹7.24 लाख में मिलेगी:पेट्रोल मॉडल से ₹86,000 महंगी; यह देश की पहली फ्लेक्स-फ्यूल कार

मारुति सुजुकी ने सोमवार को भारत में पहली फ्लेक्स-फ्यूल कार वैगन-आर बायोफ्लेक्स लॉन्च कर दी है। यह E85 फ्यूल (85% एथेनॉल मिक्स पेट्रोल) से चलेगी। कार की शुरुआती कीमत 7.24 लाख रुपए रखी गई है और यह दो वैरिएंट में मिलेगी।
E85 वैगन-आर स्टैंडर्ड मॉडल से ₹86 हजार महंगी है। वहीं, कॉमर्शियल सेगमेंट में मिलने वाली टूर H3 के मुकाबले इसकी कीमत ₹1.35 लाख से ₹2.25 लाख तक ज्यादा है। वैगन-आर टूर H3 की कीमत 4.99 लाख से 5.89 लाख रुपए के बीच है। फिलहाल इसे टैक्सी और फ्लीट जैसे कमर्शियल सेक्टर के लोग ही खरीद सकेंगे।

मारुति वैगन-आर बायो फ्लेक्स स्टैंडर्ड मॉडल से ₹86,000 महंगा
| वैरिएंट | वैगन-आर बायो फ्लेक्स | वैगन-आर ZXi+ MT | अंतर |
| नॉन-मेटालिक पेंट | ₹7.24 लाख | ₹6.38 लाख | + ₹86,000 |
| मेटालिक पेंट | ₹7.24 लाख | ₹6.38 लाख | + ₹86,000 |
नए ईंधन के लिए कई पार्ट्स में बदलाव हुआ
कार का बाहरी डिजाइन रेगुलर वैगन-आर की तरह ही है, लेकिन E85 फ्यूल पर चलाने के लिए इसके इंजन और पार्ट्स में तकनीकी बदलाव किए गए हैं। कंपनी ने इसमें अपग्रेडेड फ्यूल इंजेक्टर्स, नया फ्यूल पंप, नई फ्यूल लाइन्स, री-कैलिब्रेटेड ECU और एक स्पेशल एथेनॉल सेंसर लगाया है।
5 पॉइंट्स में जानिए फ्लेक्स-फ्यूल कार के बारे में सबकुछ…
1. परफॉर्मेंस: 1.2-लीटर फ्लेक्स-फ्यूल पेट्रोल इंजन
फ्लेक्स फ्यूल वैगन-आर में मौजूदा 1.2-लीटर यानी 1200 CC के इंजन को ही मॉडिफाई किया गया है। कंपनी ने आधिकारिक तौर पर इसका परफॉर्मेंस डेटा जारी नहीं किया है, लेकिन खबर है कि यह रेगुलर पेट्रोल इंजन से थोड़ी ज्यादा पावर और टॉर्क देता है। कार में फिलहाल 5-स्पीड मैनुअल गियरबॉक्स दिया जाएगा।
कंपनी ने अभी नए मॉडल का माइलेज भी नहीं बताया है। हालांकि, हाल में हुए फ्यूल टेस्ट के मुताबिक, E85 फ्यूल पर चलाने से कार के माइलेज में करीब 24% तक की गिरावट हो सकती है। स्टैंडर्ड पेट्रोल वैगन-आर मैनुअल ट्रांसमिशन के साथ 23.56kmpl का माइलेज देती है।

2. एक्सटीरियर: रेगुलर मॉडल जैसा बॉक्सी लुक, ‘फ्लेक्स फ्यूल’ की बैजिंग
नई वैगन-आर फ्लेक्स फ्यूल का ओवरऑल डिजाइन स्टैंडर्ड मॉडल जैसा ही है, लेकिन इसे एक अलग पहचान देने के लिए कुछ कॉस्मेटिक बदलाव किए गए हैं। रेगुलर मॉडल से इस स्पेशल वैरिएंट को अलग करने के लिए कंपनी ने इसकी बॉडी पर जगह-जगह ‘Flex Fuel’ के ग्राफिक्स दिए हैं। टेलगेट पर एक छोटा ‘Flex Fuel’ का क्रोम बैज भी लगाया है।
- फ्रंट प्रोफाइल: सामने बड़े साइज में चौकोर हैलोजन हेडलैंप्स और एक चौड़ा बोनट दिया गया है। हेडलैंप्स के बीच में हॉरिजोंटल ग्रिल है, जिसमें सिंगल क्रोम स्लेट और हनीकॉम्ब डिटेलिंग दी गई है, जो इसे पहले से ज्यादा मॉडर्न लुक देती है। फ्रंट बंपर पर बड़ा एयर डैम है और काले घेरे के बीच फॉग लैंप्स को फिट किया गया है।

- साइड प्रोफाइल: साइड से कार का पारंपरिक ‘बॉक्सी और टॉल-बॉय’ शेप नजर आता है। कार में बड़े साइज की खिड़कियां हैं, जिससे केबिन अंदर से काफी खुला-खुला और हवादार महसूस होता है। स्मूद राइडिंग के लिए इसमें 14-इंच के अलॉय व्हील्स हैं। इसके अलावा, कार के सी-पिलर पर ब्लैक इंसर्ट का इस्तेमाल किया गया है जो इसे ‘फ्लोटिंग रूफ’ जैसा ट्रेंडी इफेक्ट देता है।

- रियर प्रोफाइल: कार का पिछला हिस्सा काफी फ्लैट और सिंपल है। यहां सिग्नेचर स्टाइल वाले बड़े वर्टिकल (खड़े) टेललैंप्स दिए गए हैं। टेलगेट (डिक्की के दरवाजे) पर नंबर प्लेट लगाने के लिए एक खांचा (कास्टिंग) बना है, जिसके ठीक ऊपर प्रीमियम लुक देने के लिए क्रोम गार्निश की पट्टी दी गई है। साथ ही रियर बंपर में भी एक ब्लैक इंसर्ट मिलता है।

3. इंटीरियर: डुअल-टोन थीम के साथ मॉडर्न केबिन
एक्सटीरियर की तरह नई वैगन-आर फ्लेक्स फ्यूल का अंदरूनी लेआउट भी इसके स्टैंडर्ड मॉडल जैसा रखा गया है। हालांकि, केबिन को ज्यादा प्रैक्टिकल और आरामदायक बनाने के लिए इसमें कई खास फीचर्स दिए गए हैं।
- डैशबोर्ड और थीम: कार में थोड़ा उठा हुआ डैशबोर्ड है, जो ड्राइवर को अच्छी फ्रंट विजिबिलिटी देता है। केबिन को प्रीमियम लुक देने के लिए इसमें ब्लैक और बेज कलर की डुअल टोन थीम दी गई है। डैशबोर्ड के बीच में टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम है। इसके दोनों तरफ वर्टिकल (खड़े शेप वाले) AC वेंट्स हैं।
- कंट्रोल्स और चार्जिंग: इंफोटेनमेंट सिस्टम के नीचे मैन्युअल AC कंट्रोल्स दिए गए हैं। मोबाइल और अन्य गैजेट्स को चार्ज करने के लिए नीचे चार्जिंग पोर्ट और 12-वोल्ट का पावर सॉकेट भी मिलता है।
- स्टीयरिंग व्हील और कंसोल: 3-स्पोक स्टीयरिंग व्हील पर ऑडियो और मीडिया कंट्रोल बटन (माउंटेड कंट्रोल्स) मिलते हैं। इसके सामने एनालॉग इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर है, जो MID (मल्टी इंफॉर्मेशन डिस्प्ले) स्क्रीन के साथ आता है, जहां गाड़ी से जुड़ी जरूरी जानकारियां दिखती हैं।
- सिटिंग और स्पेस: केबिन में फिक्स्ड हेडरेस्ट के साथ पतली फ्रंट सीटें हैं। टॉल-बॉय डिजाइन की वजह से इसकी पिछली (रियर) सीट इस सेगमेंट की दूसरी कारों के मुकाबले ज्यादा स्पेशियस है। ऊंचे कद वाले पैसेंजर्स के लिए भी इसमें हेडरूम और नीरूम की कमी नहीं है, जिससे लंबा सफर आरामदायक रहता है।


