राजस्थान

ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स के आह्वान पर 20 मई को देशभर में दवाइयों की निजी दुकानें बंद रहेंगी

ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स के आह्वान पर 20 मई को देशभर में दवाइयों की निजी दुकानें बंद रहेंगी। इसकी पालना में राजस्थान केमिस्ट एलायंस ने प्रदेशभर में दवा दुकानों के बंद रखने का निर्णय किया है। हालांकि जयपुर केमिस्ट एसोसिएशन सहित कुछ संगठन इस आंदोलन के साथ नहीं हैं। उन्होंने आमजन और मरीजों की परेशानी को देखते हुए इस बंद से खुद को अलग रखने का फैसला करते हुए दुकानें खोलने की बात कही है।

राजस्थान केमिस्ट एलायंस के अध्यक्ष अरविंद गुप्ता ने बताया- देश की स्वास्थ्य व्यवस्था और आमजन की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय है। उन्होंने कहा – अनियंत्रित ई-फार्मेसी संचालन के कारण बिना चिकित्सकीय परामर्श दवाओं की बिक्री, फर्जी पर्चों का उपयोग और एंटीबायोटिक, नशीली दवाओं की अनियमित उपलब्धता जैसी चिंताजनक स्थितियां पैदा हो रही हैं, जो जनस्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा बनती जा रही हैं।

एलायंस के महासचिव धनपत सेठिया ने कहा- बड़ी कॉर्पोरेट कंपनियों के भारी छूट और असंतुलित मूल्य निर्धारण के जरिए से छोटे और मध्यम दवा विक्रेताओं पर दबाव बन रहा है। इससे पारंपरिक दवा व्यापार प्रभावित हो रहा है। स्थानीय स्तर पर रोजगार पर भी असर पड़ रहा है। उन्होंने कहा- दवा विक्रेता शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से बंद में हिस्सा लेंगे। साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि आपातकालीन दवा सेवाएं ( प्रदेश के बड़े हॉस्पिटलों के बाहर संचालित दुकानें) पूर्ववत जारी रहेंगी, ताकि आमजन को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

जेसीए ने बंद से बनाई दूरी

जयपुर केमिस्ट एसोसिएशन (JCA) के सचिव नवीन सांघी ने बताया- हम राष्ट्रीय संगठन के उठाए मुद्दे पर उनके साथ हैं। दुकान बंद करके विरोध जताने का ये तरीका जन स्वास्थ्य के लिए अनुचित है। इसका सीधा असर आमजन, मरीजों पर पड़ेगा, इसलिए हमने जयपुर के सभी दवा विक्रेताओं से निवेदन किया है कि वे दुकानें बंद करके विरोध न जताएं।

कल खुले रहेंगे सहकारी दवा विक्रय केंद्र, सुबह 8 बजे से रात 10 बजे तक होगी संचालित

दवा विक्रेताओं की बुधवार को प्रस्तावित हड़ताल के मद्देनजर राज्य सरकार ने मरीजों और आमजन की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्था की है। सहकारिता विभाग के शासन सचिव एवं रजिस्ट्रार, सहकारी समितियां डॉ. समित शर्मा ने बताया- सहकारी उपभोक्ता भंडार और क्रय-विक्रय सहकारी समितियों द्वारा संचालित सभी दवा विक्रय केंद्र और प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र 20 मई को सुबह 8 बजे से रात्रि 10 बजे तक खुले रहेंगे।

उन्होंने बताया- प्रदेशभर में कॉनफेड, सहकारी उपभोक्ता भंडारों और क्रय-विक्रय सहकारी समितियों की ओर से कुल 538 दवा विक्रय केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। इन केंद्रों को बुधवार को लगातार 14 घंटे तक संचालित किया जाएगा।

डॉ. शर्मा ने बताया- इन दवा विक्रय केंंद्रों पर लगभग दो हजार प्रकार की दवाइयां उपलब्ध रहेंगी। उन्होंने कॉनफेड एवं जिला सहकारी भंडारों को जीवनरक्षक दवाओं सहित अन्य जरूरी दवाओं का पर्याप्त स्टॉक बनाए रखने के निर्देश भी दिए हैं। सरकार के इस निर्णय से दवा विक्रेताओं की हड़ताल के दौरान मरीजों एवं आमजन को काफी राहत मिलने की उम्मीद है।

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