विदेश

8 साल बाद स्वीडन दौरे पर PM मोदी;फाइटर जेट्स ने एस्कॉर्ट किया, स्वीडिश प्रधानमंत्री रिसीव करने पहुंचे, बंगाली तरीके से आरती उतारी गई

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 8 साल बाद स्वीडन पहुंचे हैं। इससे पहले उन्होंने 2018 में स्वीडन का दौरा किया था। PM मोदी का विमान जैसे ही स्वीडन की सीमा में पहुंचा, स्वीडिश फाइटर जेट्स ने उसे सुरक्षा देते हुए एस्कॉर्ट किया। इसका वीडियो भी सामने आया है।

स्वीडन के प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टरसन पीएम मोदी को रिसीव करने गोथेनबर्ग एयरपोर्ट पर पहुंचे। होटल पहुंचने पर मोदी की बंगाली तरीके से आरती उतारी गई। स्वीडन दौरे के दौरान पीएम मोदी भारतीय समुदाय के लोगों से भी मुलाकात कर सकते हैं।

यह दौरा भारत और स्वीडन के बीच संबंधों को और मजबूत करने के लिहाज से अहम माना जा रहा है। इस दौरान व्यापार, तकनीक, रक्षा और ग्रीन एनर्जी जैसे कई मुद्दों पर चर्चा हो सकती है। दोनों देशों के बीच कई अहम समझौतों की भी उम्मीद है।

पीएम मोदी रविवार को स्वीडन पहुंचे। इस दौरान स्वीडिश फाइटर जेट्स ने उनके विमान को एस्कॉर्ट किया। - Dainik Bhaskar

नीदरलैंड से 1000 साल पुराने तमिल दस्तावेज भारत आएंगे

इससे पहले मोदी की नीदरलैंड यात्रा के दौरान 11वीं सदी की ऐतिहासिक चोल ताम्र पट्टिकाओं को भारत लाने पर समझौता हुआ। ये करीब 1000 साल पुराने तमिल दस्तावेज हैं, जिनमें चोल साम्राज्य से जुड़ी ऐतिहासिक जानकारी है।

समझौते के तहत 11वीं सदी की चोल ताम्र पट्टिकाएं जल्द भारत लाई जाएंगी। यह 21 बड़ी और 3 छोटी तांबे की प्लेटों का संग्रह है। इनमें ज्यादातर लेख तमिल भाषा में लिखे गए हैं। मोदी ने कहा कि इन पट्टिकाओं में राजा राजेंद्र चोल प्रथम और उनके पिता राजा राजराजा चोल प्रथम से जुड़ी जानकारी दर्ज है।

ताम्र पट्टिकाएं तांबे की बनी प्लेटें होती हैं, जिन पर पुराने समय में अहम बातें लिखी जाती थीं। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, 19वीं सदी में जब यूरोपीय देश भारत और एशिया के दूसरे हिस्सों में व्यापार और रिसर्च कर रहे थे, उसी दौरान ये दस्तावेज विदेश ले जाई गईं थीं।

टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स और ASML के बीच भी समझौता

द हेग में आयोजित एक कार्यक्रम में टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स और डच कंपनी ASML के बीच भी समझौता हुआ। यह करार सेमीकंडक्टर और चिप तकनीक के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए है।

ASML दुनिया की प्रमुख चिप मशीन बनाने वाली कंपनियों में शामिल है, जबकि टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स भारत में सेमीकंडक्टर क्षेत्र में निवेश बढ़ा रही है।

 

 

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