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59 साल की हो चुकीं माधुरी दीक्षित सिर्फ अपनी फिल्मों और डांस ही नहीं, बल्कि करियर से जुड़े दिलचस्प किस्सों की वजह से भी चर्चा में रही;खलनायक के लिए ‘नो प्रेग्नेंसी’ क्लॉज साइन किया; ‘हम आपके हैं कौन’ में सलमान से ज्यादा फीस ली

59 साल की हो चुकीं माधुरी दीक्षित सिर्फ अपनी फिल्मों और डांस ही नहीं, बल्कि करियर से जुड़े दिलचस्प किस्सों की वजह से भी चर्चा में रही हैं। करियर के शुरुआती दौर में सुभाष घई ने उन्हें फिल्म कर्मा में छोटा रोल दिया था, लेकिन बाद में यह कहकर उनका सीन हटा दिया कि इतनी टैलेंटेड लड़की को छोटा रोल देना सही नहीं होगा।

आगे चलकर उन्होंने माधुरी को अपनी फिल्मों में बड़े रोल दिए। फिल्म खलनायक के दौरान उनसे ‘नो प्रेग्नेंसी’ क्लॉज भी साइन करवाया गया था, ताकि शूटिंग प्रभावित न हो। वहीं, हम आपके हैं कौन..! के लिए माधुरी को सलमान खान से ज्यादा फीस मिली थी।

आज माधुरी दीक्षित के जन्मदिन पर उनके करियर और निजी जीवन से जुड़े कुछ खास किस्से जानते हैं।

खूबसूरती और डांस की मिसाल बनीं माधुरी 90 के दशक की हाईएस्ट पेड एक्ट्रेस थीं। - Dainik Bhaskar

माधुरी का नाम सुनते ही फिल्म के लिए हां कर दी थी

साहिला चड्ढा के लिए माधुरी दीक्षित सिर्फ सुपरस्टार नहीं, बल्कि परिवार जैसी हैं। माधुरी के जन्मदिन पर दैनिक भास्कर से बातचीत में उन्होंने ‘हम आपके हैं कौन’ के सेट से लेकर बचपन तक की कई यादें साझा कीं। साहिला ‘हम आपके हैं कौन’ में रीटा के रोल में नजर आई थीं।

साहिला कहती हैं- जब मुझे हम आपके हैं कौन..! ऑफर हुई थी, तब मैं सोलो हीरोइन वाली फिल्में कर रही थी। मैंने पहले फिल्म के लिए मना कर दिया था, क्योंकि मैं सेकेंड रोल नहीं करना चाहती थी। लेकिन जब मुझे बताया गया कि माधुरी फिल्म में होंगी, तब मैंने तुरंत हां कर दी।

माधुरी मेरे लिए कोई अजनबी स्टार नहीं थीं। मैं उन्हें बचपन से जानती हूं। उनकी चाची, मेरी मौसी हैं, इसलिए फैमिली फंक्शंस में मुलाकात होती रहती थी। उनके साथ हमेशा कम्फर्ट महसूस हुआ।

बचपन से ही स्टार बनने का सपना देखती थीं माधुरी

माधुरी बचपन से बहुत फोकस्ड थीं। उन्हें डांस का बहुत शौक था और वह छोटी उम्र से ट्रेनिंग ले रही थीं। अपने लुक्स, स्माइल, टीथ हर चीज का ध्यान रखती थीं। उन्हें शुरू से पता था कि उन्हें एक्ट्रेस बनना है। उनका पूरा फोकस अपने पैशन पर था।

घर से खाना आता था, तो मुझे जरूर बुलाती थीं

माधुरी हर किसी से जल्दी घुलती-मिलती नहीं थीं, लेकिन जिनसे जुड़ती थीं, उनके साथ बहुत जेन्युइन रिश्ता बनाती थीं।, अगर माधुरी के घर से कुछ अच्छा खाना आता था, तो वह मुझे जरूर बुलाती थीं। कई बार किसी को भेजकर बुलवाती थीं कि आओ, साथ में खाते हैं। उनके घर से अक्सर मछली आती थी, जबकि सलमान खान के घर से पूरी यूनिट के लिए बिरयानी आती थी।

नॉन-वेज खाने के लिए हम लोग चुपचाप कमरे में चले जाते थे

राजश्री प्रोडक्शंस के सेट पर बिना प्याज-लहसुन का खाना बनता था, लेकिन इतना स्वादिष्ट था कि आज तक उसका स्वाद याद है। मैं कुक से बार-बार पूछती थी कि पक्का इसमें प्याज-लहसुन नहीं डाला? उनका राजमा और बाकी सब्जियां कमाल की होती थीं। हालांकि नॉन-वेज खाने के लिए हम लोग चुपचाप कमरे में चले जाते थे।

पिंपल होने पर माधुरी ने दिया अपना खास साबुन

एक बार माधुरी के चेहरे पर पिंपल हो गया था। तब उन्होंने मुझे बताया कि वह कौन-सा साबुन इस्तेमाल करती हैं। बाद में जब मेरे चेहरे पर पिंपल आया, तो उन्होंने वही साबुन मुझे देते हुए कहा- ‘अब ये तुम्हारे काम आएगा।’ उस छोटी-सी बात में भी उनका अपनापन दिखता था।

हर शॉट में चाहती थीं परफेक्शन

माधुरी अपने काम को लेकर बहुत गंभीर रहती थीं। अगर उन्हें लगता था कि शॉट परफेक्ट नहीं हुआ, तो वह रीटेक लेने से पीछे नहीं हटती थीं। उनके अंदर परफेक्शन को लेकर अलग पैशन था। कई बार मेरा शॉट एक टेक में ओके हो जाता था और माधुरी रीटेक करती थीं। तब मैं मजाक में कहती थी- ‘मेरे साथ सौतेला व्यवहार क्यों हो रहा है?’”

मेकअप में घंटों लगाती थीं

माधुरी अपने लुक और मेकअप को लेकर बहुत सीरियस रहती थीं। वह मेकअप में काफी समय लेती थीं। मैं आधे घंटे में तैयार होकर सेट पर पहुंच जाती थी, लेकिन वह हर चीज डिटेल में करती थीं। इस वजह से कैमरामैन को हमारी अलग-अलग लाइटिंग करनी पड़ती थी। वह ज्यादा मेकअप करती थीं और मैं बहुत कम।

अच्छे आइडिया को कभी रिजेक्ट नहीं करती थीं

फिल्म के कई मजेदार मोमेंट्स शूटिंग के दौरान वहीं इम्प्रोवाइज हुए थे। ‘दीदी तेरा देवर दीवाना’ में कद्दू वाला सीन मेरा आइडिया था। माधुरी की प्रेग्नेंसी वाले हिस्से में चाय का कप रखने वाला आइडिया भी हमने वहीं मिलकर किया था। माधुरी की सबसे अच्छी बात यह थी कि वह किसी अच्छे आइडिया को कभी रिजेक्ट नहीं करती थीं।

शूटिंग के बाद भी परिवार जैसा माहौल रहता था

शूटिंग खत्म होने के बाद भी पूरा यूनिट साथ वक्त बिताता था। कभी टेबल टेनिस खेलते थे, कभी शॉपिंग पर चले जाते थे, तो कभी साथ में फिल्म देखने निकल जाते थे। ऊटी में हम सबने साथ बैठकर फिल्म ‘रोजा’ भी देखी थी। पूरा माहौल फैमिली पिकनिक जैसा लगता था।

माधुरी की सबसे बड़ी ताकत उनका पैशन है

डांस हो, रोमांटिक सीन हो या इमोशनल मोमेंट, माधुरी हर चीज में अपना सौ प्रतिशत देती थीं। सरोज खान ने उनके एक्सप्रेशंस और स्क्रीन प्रेजेंस को खूबसूरती से निखारा था। आज भी मिलते हैं, तो बहनों वाली फीलिंग आ जाती है।

माधुरी को कभी एक्टिंग नहीं छोड़नी चाहिए

मुझे लगता है कि माधुरी को कभी एक्टिंग नहीं छोड़नी चाहिए। जरूरी नहीं कि वह 16 साल की हीरोइन वाले रोल करें, लेकिन अपनी स्क्रीन एज के हिसाब से दमदार किरदार निभाते रहना चाहिए। अगर माधुरी एक्टिंग छोड़ देंगी, तो मुझे बहुत दुख होगा।

माधुरी दीक्षित के जन्मदिन पर उनसे जुड़े कुछ और किस्से जानते हैं

दूरदर्शन के लिए किया पहला शो, लेकिन कभी टेलीकास्ट नहीं हुआ

करियर के शुरुआती दिनों में माधुरी दीक्षित ने कई टीवी प्रोजेक्ट्स और पायलट एपिसोड्स में काम किया था, लेकिन उनमें से कुछ ऑन एयर नहीं हो पाए। उस समय वह इंडस्ट्री में नई थीं और लगातार ऑडिशन दे रही थीं।

माधुरी ने दूरदर्शन के लिए ‘बॉम्बे मेरी है’ नाम के टीवी शो की शूटिंग भी की थी, लेकिन प्रभावशाली स्टारकास्ट नहीं होने की वजह से यह शो टेलीकास्ट नहीं हो सका।

‘पेइंग गेस्ट’ बना पहला टेलीकास्ट शो

माधुरी दीक्षित ने राजश्री प्रोडक्शंस की फिल्म ‘अबोध’ से बॉलीवुड डेब्यू किया था। वह राजश्री प्रोडक्शंस के टीवी शो ‘पेइंग गेस्ट’ में भी नजर आई थीं। यह शो 1985 में दूरदर्शन पर टेलीकास्ट हुआ था। ‘पेइंग गेस्ट’ के पहले एपिसोड में माधुरी ने ‘नीना’ नाम की लड़की का किरदार निभाया था।

पेइंग गेस्ट’ के सेट पर माधुरी को देखकर प्रभावित हुए थे रिक्कू राकेश नाथ

माधुरी दीक्षित के लंबे समय तक मैनेजर रहे रिक्कू राकेश नाथ ने Rediff.com को दिए इंटरव्यू में उनसे जुड़ा दिलचस्प किस्सा शेयर किया था। रिक्कू ने बताया, “मैं चांदिवली स्टूडियो में टीवी सीरियल ‘पेइंग गेस्ट’ के सेट पर माधुरी से मिला था। मेरी मुलाकात उनकी हेयरड्रेसर खातून के जरिए हुई थी।

खातून ने मुझसे कहा था कि माधुरी बहुत टैलेंटेड हैं और उनका चेहरा बेहद अच्छा है।” उन्होंने आगे कहा, “मैं एक कोने में खड़ा होकर माधुरी की परफॉर्मेंस देखता रहा। उनमें गजब का कॉन्फिडेंस था और मैं प्रभावित हुआ।”

सुभाष घई ने ‘कर्मा’ से हटाया रोल, फिर लीड हीरोइन बनाया

रिक्कू राकेश नाथ के मुताबिक, खातून ने ही माधुरी की मुलाकात सुभाष घई से करवाई थी। माधुरी को फिल्म कर्मा में छोटे डांस सीक्वेंस के लिए लिया गया था, लेकिन बाद में वह हिस्सा फिल्म से हटा दिया गया।

सुभाष घई माधुरी के टैलेंट से इतने प्रभावित हुए कि उन्हें लगा कि इतना छोटा रोल उनकी क्षमता के साथ न्याय नहीं करेगा। इसी वजह से उन्होंने उनका कैमियो हटाने का फैसला किया, ताकि आगे चलकर उन्हें अपनी फिल्मों में लीड रोल दे सकें।

बाद में सुभाष घई ने माधुरी को फिल्म ‘उत्तर दक्षिण’ में साइन किया। फिल्म को सुभाष घई ने प्रोड्यूस किया था और इसके डायरेक्टर प्रभात खन्ना थे। फिल्म में माधुरी को रजनीकांत और जैकी श्रॉफ जैसे बड़े सितारों के साथ काम करने का मौका मिला।

इसके बाद माधुरी ने सुभाष घई के साथ राम लखन और खलनायक जैसी फिल्मों में भी काम किया।

‘खलनायक’ के दौरान साइन करवाया गया था ‘नो प्रेग्नेंसी’ क्लॉज

फिल्म ‘खलनायक’ की शूटिंग के दौरान माधुरी दीक्षित और संजय दत्त के अफेयर्स की खबरें सुर्खियों में थीं। इसी दौरान सुभाष घई को डर था कि अगर फिल्म की शूटिंग के बीच माधुरी ने शादी कर ली या वह प्रेग्नेंट हो गईं, तो फिल्म बीच में रुक सकती है।

इसी वजह से सुभाष घई ने माधुरी से ‘नो प्रेग्नेंसी’ क्लॉज साइन करवाया था। इसके मुताबिक, शूटिंग के दौरान अगर माधुरी प्रेग्नेंट होतीं, तो उन्हें भारी जुर्माना भरना पड़ता। बताया जाता है कि किसी अभिनेत्री से ऐसा कॉन्ट्रैक्ट साइन करवाने वाले सुभाष घई पहले डायरेक्टर थे।

‘साजन’ से शुरू हुई थीं संजय दत्त और माधुरी के अफेयर की चर्चाएं

माधुरी दीक्षित और संजय दत्त के रिश्ते की चर्चाएं 1991 में आई फिल्म साजन के दौरान शुरू हुई थीं। दोनों की ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री दर्शकों को पसंद आई थी और फिल्म मैगजीनों में उनके रिलेशनशिप की खबरें छपने लगी थीं। बाद में ‘खलनायक’ के दौरान भी ये अफवाहें तेज हो गईं।

हालांकि दोनों ने कभी सार्वजनिक रूप से अपने रिश्ते को स्वीकार नहीं किया। 1993 में मुंबई ब्लास्ट केस में संजय दत्त की गिरफ्तारी के बाद खबरें आईं कि माधुरी ने उनसे दूरी बना ली थी।

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