बर्थडे सेलिब्रेशन से पहले बिजनेसमैन की मौत:दोस्त का बेटा बोला- वेन्यू से 15KM पहले एक्सीडेंट, केक काटने की तैयारी अधूरी रह गई

ट्रैवलर हादसे में जान गंवाने वाले अजमेर के बिजनेसमैन जयप्रकाश बर्थडे सेलिब्रेट करने भीलवाड़ा पहुंचने वाले थे। इससे पहले ही उनकी ट्रेवलर एक सड़क किनारे खड़े ट्रेलर में घुस गई।
वो लगातार अपने दोस्त के बेटे से फोन पर बात कर रहे थे, भीलवाड़ा में वाटिका फार्म हाउस पर उनका जन्मदिन सेलिब्रेट किया जाना था। 15 किमी पहले ही ये हादसा हो गया।
दोस्त के बेटे और पूर्व पार्षद नवीन ने बताया- उन्होंने अपनी पसंद का खाना बनवाया था। यहां उनके लिए केक भी तैयार था। बार-बार उनसे यही पूछ रहा था कि कितनी देर में आ जाओगे। इसके बाद एक कॉल आया और बताया कि हादसा हुआ है। जसन भाई (जयप्रकाश) की हालत गंभीर है। मैं जैसे ही अस्पताल पहुंचा, उनकी मौत हो चुकी थी।
वहीं हादसे में उनके साथ गाड़ी में मौजूद पूर्व पार्षद रमेश ने कहा- अचानक गाड़ी भिड़ी, हम कुछ समझ नहीं पाए। जसन सबसे आगे बैठा था। हम उसे बचा नहीं पाए।


भीलवाड़ा में सेलिब्रेट होना था बर्थडे
भीलवाड़ा के पूर्व पार्षद (वार्ड 23) नवीन साबनानी ने बताया- जसन भाई मेरे पापा के बहुत अच्छे दोस्त हैं। मैं उन्हें अंकल कहता था। पता चला कि उनका बर्थडे है तो उन्हें विश करने के लिए कॉल किया था। इस दौरान उन्होंने बताया कि वो अपने दोस्तों के साथ सांवरिया सेठ दर्शन करने के लिए आए हुए हैं। यहां से चित्तौड़ माताजी के दर्शन करने के बाद भीलवाड़ा होते हुए फिर से अजमेर लौटेंगे।
ऐसे में. मैंने उन्हें कहा कि आप लोग सुबह चले जाना, इस बार भीलवाड़ा में अपना बर्थडे सेलिब्रेट कर लीजिए।
पसंद का खाना बना था, केक भी था
साबनानी ने बताया- हमने उनके जन्मदिन की पार्टी वाटिका फार्म हाउस पर रखी थी। उनके पसंद का खाना भी बनाया था, उनके नाम का केक भी था। जैसे ही वो भीलवाड़ा के पास पहुंचे, मैं लगातार उनसे बात कर रहा था।
उन्होंने कहा- हमने सांवलिया जी के दर्शन कर लिए हैं। आवरी माता के यहां भी हो आए। बस कुछ देर में भीलवाड़ा पहुंच जाएंगे। उन्हें 8:30 बजे तक भीलवाड़ा पहुंचना था।
उनके आने से पहले मैंने यहां फार्म हाउस के गार्डन में उनके भोजन की व्यवस्था कर दी थी।
मैं पहुंचा उससे पहले डेथ हो चुकी थी
साबनानी ने बताया- करीब 8:45 पर मेरे पास फोन आया कि ट्रैवलर का एक्सीडेंट हो गया है। जसन भाई गंभीर घायल हैं। वो ट्रैवलर में सबसे आगे बैठे थे। उन्हें सबसे ज्यादा चोट लगी थी।
हादसे के बाद उन्हें भीलवाड़ा के MGH अस्पताल पहुंचाया। मैं यहां पहुंचता उससे पहले ही उनकी डेथ हो चुकी थी।
हमने उनके बर्थ डे की पूरी प्लानिंग की थी, बर्थडे का केक बनवा लिया था, खाने की तैयारी थी। उनकी पसंद का खाना बनवाया था लेकिन परमात्मा को कुछ और ही मंजूर था।



