मध्य प्रदेश

MPPSC-प्रीलिम्स के अभ्यर्थियों के परिजनों को कार ने टक्कर मारी:ड्राइवर से अचानक एक्सीलेटर दबा; रायसेन में परीक्षा के बीच हादसा

मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) की राज्य सेवा और राज्य वन सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2026 रविवार को दो सत्रों में आयोजित की जा रही है। पहला सत्र सुबह 10 से 12 बजे और दूसरा सत्र दोपहर 2:15 से शाम 4:15 बजे तक होगा। परीक्षा ओएमआर पद्धति से हो रही है। प्रदेश के 54 जिला मुख्यालयों में कुल 365 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं।

इधर, रायसेन में MPPSC परीक्षा के दौरान परीक्षा केंद्र के बाहर एक कार अचानक बेकाबू होकर वहां खड़े अभ्यर्थियों के परिजनों और चार बाइकों पर चढ़ गई।

जानकारी के अनुसार परीक्षा समाप्त होने से कुछ देर पहले एक अभ्यर्थी का ड्राइवर कार को रिवर्स ले रहा था। इसी दौरान अचानक एक्सीलेटर तेज दब गया, जिससे कार अनियंत्रित हो गई और पास खड़े लोगों व बाइकों को टक्कर मार दी।

हादसे में एक बाइक पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई, जबकि दो लोगों के पैरों में चोट आई है। सूचना मिलते ही तहसीलदार भरत सिंह मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। पुलिस को भी सूचना दी गई, जिसके बाद कार चालक और वाहन को कब्जे में लेकर थाने पहुंचाया गया।

घायलों का इलाज, जांच जारी

घायलों को प्राथमिक उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल भेजा गया है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।

रिपोर्टिंग टाइम 90 मिनट पहले रखा गया

पहली पाली की परीक्षा सुबह 10 बजे शुरू हुई। परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों को थ्री लेयर सिक्योरिटी चेकिंग के बाद ही प्रवेश दिया गया। इस व्यवस्था में पहले फिजिकल चेकिंग, फिर बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन और आखिरी में हैंड हेल्ड मेटल डिटेक्टर (HHMD) से जांच की जा रही है।

हर अभ्यर्थी को इस प्रक्रिया में 5 से 7 मिनट का समय लग रहा है, इसी कारण रिपोर्टिंग टाइम 90 मिनट पहले रखा गया है। परीक्षा शुरू होने से 30 मिनट पहले ही केंद्रों के गेट बंद कर दिए गए। नर्मदापुरम में 10 बजते ही गेट बंद कर दिए गए, वहीं एक छात्रा दौड़ते हुए समय पर परीक्षा केंद्र पहुंची।

परीक्षा सेंटर्स में पुलिस बल भी तैनात

परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों से अंगूठी, चैन, जूते, बेल्ट समेत अन्य धातु के सामान उतरवाकर ही प्रवेश दिया गया। कई जगहों पर जूते-मोजे तक बाहर रखवाए गए। पुरुष अभ्यर्थियों की जांच पुरुष स्टाफ और महिला अभ्यर्थियों की जांच महिला स्टाफ द्वारा की गई। अभ्यर्थियों को केवल बॉलपेन, पारदर्शी पानी की बोतल, ई-एडमिट कार्ड और आईडी कार्ड ले जाने की अनुमति दी गई।

परीक्षा केंद्रों पर पुलिस बल भी तैनात किया गया है। इंदौर के बाल विनय मंदिर स्कूल में थ्री लेयर चेकिंग के दौरान कुछ अभ्यर्थियों के चश्मों की भी मेटल डिटेक्टर से जांच कर पूछताछ के बाद प्रवेश दिया गया। भोपाल के हमीदिया स्कूल में अंगूठियां, मोबाइल, चाबियां अलग रखवाकर ही प्रवेश दिया गया। देवास में छात्राओं से ज्वेलरी, क्लचर और क्लिप उतरवाए गए।

जबलपुर में 14 केंद्रों पर करीब 5000 अभ्यर्थी परीक्षा दे रहे हैं, जहां सख्त जांच व्यवस्था लागू है। खालसा कॉलेज में अभ्यर्थियों के जूते-मोजे बाहर ही उतरवाए गए। छिंदवाड़ा में 10 केंद्रों पर परीक्षा आयोजित की गई है, जहां पुलिस लाइन और स्थानीय थानों का बल तैनात है। दमोह के एक्सीलेंस स्कूल केंद्र पर आंखों की जांच के बाद प्रवेश दिया गया।

अभ्यर्थियों ने थ्री लेयर चेकिंग को सकारात्मक बताते हुए कहा कि इससे फर्जी उम्मीदवारों पर रोक लगेगी। वहीं नेगेटिव मार्किंग को लेकर उनका कहना है कि इससे योग्य अभ्यर्थियों को फायदा मिलेगा और केवल सही उम्मीदवार ही मुख्य परीक्षा तक पहुंच पाएंगे।

 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button