मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज रात 9 बजे सोशल मीडिया के जरिए प्रदेश को संबोधित करेंगे:गेहूं उपार्जन की तारीख बढे़गी, अब छोटे-बड़े हर वर्ग के किसानों से होगी खरीदी

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज रात 9 बजे सोशल मीडिया के जरिए प्रदेश को संबोधित करेंगे। गेहूं खरीदी की नई व्यवस्था को लेकर जानकारी देंगे। प्रदेश में गेहूं खरीदी के लिए स्लॉट बुंकिग की तारीख बढ़ा सकते हैं। अभी स्लॉट बुकिंग के लिए 30 अप्रैल तक की तारीख तय की गई है।
प्रदेश में अभी 5 एकड़ तक की जोत वाले छोटे किसानों का गेहूं खरीदा जा रहा है। छोटे-बडे़ यानी हर वर्ग के किसानों ने गेहूं उपार्जन के लिए पंजीयन कराया है। वे अपना गेहूं बेच पाएंगे।
प्रदेश में अब 100 लाख मीट्रिक टन गेहूं की होगी खरीद
कल यानी गुरुवार को केन्द्र सरकार ने एमपी में गेहूं खरीद का कोटा 78 लाख मीट्रिक टन से बढ़ाकर 100 लाख मीट्रिक टन कर दिया है। अब इसके बाद प्रदेश भर में गेहूं बेचने के लिए परेशान हो रहे मध्यम वर्ग और बडे़ किसानों का भी गेहूं उपार्जन हो सकेगा।


स्लॉट बुकिंग के लिए अधिकतम कैप हटाने का हो सकता है ऐलान
वर्तमान में एक किसान एक बार में अधिकतम 100 क्विंटल गेहूं बेचने के लिए स्लॉट बुक कर सकता है। इससे ज्यादा गेहूं बेचने के लिए दूसरा स्लॉट बुक करना पड़ता है। अधिकतम गेहूं उपार्जन के लिए स्लॉट बुकिंग के कैप को हटाया जा सकता है। यानी किसान पंजीयन के आधार पर अपनी पूरी उपज बेचने के लिए एक बार में स्लॉट बुक करा सकेगा।
अभी गेहूं उपार्जन के लिए तय व्यवस्था के अनुसार सरकार पटवारी द्वारा सत्यापित जमीन के रिकॉर्ड के आधार पर एक ‘क्विंटल प्रति हेक्टेयर’ की सीमा तय की गई है। उदाहरण के लिए, अगर आपके जिले की उत्पादकता 40 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तय है। आपके पास 2 हेक्टेयर जमीन है, तो आप अधिकतम 80 क्विंटल गेहूं बेच पाएंगे।



