राजस्थान

खांसी के सिरप समेत 7 दवाइयां मिली अमानक:बेचने पर रोक लगाई गई, पेट के कीड़े मारने की दवा भी शामिल

राजस्थान ड्रग कंट्रोल डिपार्टमेंट ने 7 अलग-अलग कंपनियों की दवाइयां जांच में अमानक मानी हैं। इसमें बैक्टीरियल इन्फेक्शन को खत्म करने वाली सीरप, खांसी का सीरप, गठिया रोग आदि में उपयोग आने वाली दवाइयां शामिल हैं।

डिपार्टमेंट के ड्रग कंट्रोलर अजय फाटक ने बताया- इन दवाईयों के सैंपल 1 से 15 अप्रैल के बीच अलग-अलग जगहों से ​लिए गए है। इन सभी के सैंपल की जांच रिपोर्ट आई है। इसमें 7 दवाईयों के सैंपल अमानक मिले है।

उन्होंने बताया- इनमें दो दवाइयां तो ऐसी हैं, जो बैक्टिरियल इंफेक्शन को खत्म करने के उपयोग में ली जाती है। वहीं, एक एंटीबायोटिक्स, एक खांसी की सीरप समेत अन्य दवाइयां हैं।

बिक्री पर रोक के निर्देश दिए

हमने अपनी टीम से कहकर इन दवाईयों के तमाम स्टॉक को बिक्री के लिए रोकने के निर्देश दिए हैं।

इन दवाईयों के सैंपल निकले अमानक

  • मैसर्स लार्क लेबोरेट्रीज (इंडिया) लि. (भिवाड़ी अलवर) की बनाई ‘लोरामिक्स सिरप’(सेफिक्साइम ओरल सस्पेंशन)। ये सिरप बैक्टीरियल इन्फेक्शन को खत्म करने में उपयोग आती है।
  • मैसर्स अफ्फी पेरेंटरल (सोलन, हिमाचल प्रदेश) की बनाई ‘एल्बेंडाजोल टैबलेट’। जो पेट में कीड़ों को खत्म करने में उपयोग ली जाती है।
  • मैसर्स डिजीटल मिशन और मैसर्स अक्कोवैल फार्मा प्रा.लि. की बनाई ‘आईसटोकफ-LS’ (एम्ब्रोक्सोल, लेवोसल्बुटामोल और गुआइफेनेसिन)। ये सीरप खांसी कम करने और कफ निकालने में उपयोग ली जाती है।
  • मैसर्स यूनाइटेड बायोस्युटिकल्स प्रा. लि. (हरिद्वार) की बनाई ‘मिथाइलप्रेडनिसोलोन-4’ (मिथाइलप्रेड्निसोलोन)। ये एक तरह का स्टेरॉयड है। जो सूजन कम करने, गठियां रोग के इलाज में उपयोग की जाती है।
  • मैसर्स टक्सा लाइफसाइंसेज प्रा. लि. (मोहाली, पंजाब) की बनाई ‘ओकुफ-DX’ (डेक्स्ट्रोमेथॉर्फन, क्लोरफेनिरामाइन)। ये सीरप सूखी खांसी के इलाज में उपयोग किया जाता है।
  • मैसर्स VADSP फार्मास्युटिकल्स (बिद्दी, हिमाचल प्रदेश) की बनाई ‘एक्सटेंसिव-500’ (सेफुरोक्सिम एसेटिल)। जो लेट बैक्टीरियल इंफेक्शन को खत्म करने के काम में आती है।
  • मैसर्स ओमेगा फार्मा (हरिद्वार) की बनाई ‘सिप्रोफ्लोक्सासिन 500’ ये एक एंटीबायोटि​क दवाई है।

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