राजस्थान

पाली में एक गांव ऐसा भी है जहां देश आजादी के बाद पहली बार शुक्रवार को रोडवेज की बस पहुंची,:ढोल बजाए, मिठाई बांटी, महिलाओं ने उतारी आरती; जोधपुर से उदयपुर रूट पर अब होगा स्टॉपेज

पाली में एक गांव ऐसा भी है जहां देश आजादी के बाद पहली बार शुक्रवार को रोडवेज की बस पहुंची। इस दौरान ढोल बजाए गए। मिठाई बांटी गई और बस के ड्राइवर और कंडक्टर को फूलमालाओं से लाद दिया। महिलाओं ने भी वेलकम किया।

दरअसल, रानी उपखंड के जवाली गांव में शुक्रवार को पहली बार रोडवेज एसी बस पहुंची। जिला मुख्यालय से करीब 45 किलोमीटर दूर इस गांव में अब तक बस सेवा नहीं थी।

ग्रामीणों की लंबे समय से चली आ रही मांग के बाद दो बसें शुरू की गई हैं, जो जोधपुर से रवाना होकर पाली, खोड, जवाली, नाडोल होते हुए उदयपुर तक जाएंगी। इस सुविधा से जवाली, खौड़ सहित आसपास के गांवों के लोगों को आवाजाही में राहत मिलेगी।

पाली जिले के रानी उपखंड के जवाली गांव में शुक्रवार को पहली बार रोडवेज एसी बस पहुंची तो ड्राइवर-कंडक्टर को फूलमालाओं से ग्रामीणों ने लाद दिया। महिलाओं ने आरती उतारी। - Dainik Bhaskar

बस पहुंचने पर ग्रामीणों ने किया स्वागत

शुक्रवार को जैसे ही रोडवेज की एसी बस गांव पहुंची, पहले से मौजूद ग्रामीणों ने उसका जोरदार स्वागत किया। बस के ड्राइवर और कंडक्टर को फूलमालाएं पहनाई गईं। ढोल-नगाड़ों के साथ जश्न मनाया गया, मिठाइयां बांटी गईं और इस मौके पर महिलाओं ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ आरती उतारी और बस की भी पूजा की। इस दौरान कई ग्रामीणों ने ड्राइवर और कंडक्टर के साथ फोटो भी खिंचवाईं।

बस सेवा नहीं होने से होती थी परेशानी

पाली जिला मुख्यालय से करीब 45 किलोमीटर दूर स्थित जवाली गांव में करीब चार से पांच हजार वोटर हैं। इसके बावजूद यहां रोडवेज बस नहीं आती थी। निजी बसों का संचालन भी सीमित था। ऐसे में ग्रामीणों को एक गांव से दूसरे गांव जाने में दिक्कत होती थी और कई लोगों को निजी वाहन रखना पड़ता था। बस नहीं होने पर पाली या नाडोल जाने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ता था।

जनप्रतिनिधियों तक पहुंचाई गई थी मांग

गांव के योगेंद्र सिंह ने बताया कि इस समस्या को लेकर ग्रामीण कई बार मंत्री जोराराम कुमावत, बाली विधायक पुष्पेंद्र सिंह राणावत और मारवाड़ जंक्शन विधायक केसाराम चौधरी से मिले थे। लगातार प्रयास के बाद शुक्रवार से जवाली के लिए दो बसों की सुविधा शुरू की गई।

बस गांव में पहुंचते ही ढोल-नगाड़े बजने लगे और माहौल खुशियों से भर गया।

बस सेवा नहीं होने से होती थी परेशानी

पाली जिला मुख्यालय से करीब 45 किलोमीटर दूर स्थित जवाली गांव में करीब चार से पांच हजार वोटर हैं। इसके बावजूद यहां रोडवेज बस नहीं आती थी। निजी बसों का संचालन भी सीमित था। ऐसे में ग्रामीणों को एक गांव से दूसरे गांव जाने में दिक्कत होती थी और कई लोगों को निजी वाहन रखना पड़ता था। बस नहीं होने पर पाली या नाडोल जाने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ता था।

जनप्रतिनिधियों तक पहुंचाई गई थी मांग

गांव के योगेंद्र सिंह ने बताया कि इस समस्या को लेकर ग्रामीण कई बार मंत्री जोराराम कुमावत, बाली विधायक पुष्पेंद्र सिंह राणावत और मारवाड़ जंक्शन विधायक केसाराम चौधरी से मिले थे। लगातार प्रयास के बाद शुक्रवार से जवाली के लिए दो बसों की सुविधा शुरू की गई।

तय समय पर चलेंगी दोनों बसें

अब जवाली से होकर दो रोडवेज बसें गुजरेंगी। पहली बस जोधपुर से सुबह 8 बजे रवाना होकर करीब 10:30 बजे जवाली पहुंचेगी। दूसरी बस जोधपुर से 10 बजे रवाना होकर करीब 12:30 बजे गांव पहुंचेगी। दोनों बसें आगे उदयपुर तक जाएंगी और पाली, खोड, जवाली, नाडोल मार्ग से गुजरेंगी।

स्टॉपेज मिलने से बढ़ेगी सुविधा

ग्रामीणों का कहना है कि अन्य रोडवेज बसें सोमेसर होकर निकल जाती थीं और जवाली नहीं आती थीं। अब महाराणा प्रताप बस स्टैंड पर स्टॉपेज मिलने से गांव के लोगों को सीधे बस सुविधा मिलेगी, जिससे रोजमर्रा के सफर में आसानी होगी।

पूरे गांव ने मनाई खुशी

बस सेवा शुरू होने पर गांव में उत्साह का माहौल रहा। जवाली प्रशासक जुगराज जैन, समाजसेवी योगेंद्र सिंह मेड़तिया, श्रवण सिंह राव, हनवंत सिंह गुड़ागंगा, कॉपरेटिव अध्यक्ष नारायण सिंह चौहान, छत्र सिंह कुंपावत, उतमचंद गांधी, जब्बर सिंह, घनाराम चौधरी, रामलाल मेघवाल, नरपत घांची, प्रवीण कुमार, विक्रम राणा, नेमीचंद सोनी, सत्तार मोहम्मद, सोहन सिंह, रूप सिंह धारिया, रतन चौधरी, ईटेंद्ररा मेड़तियान, चेल सिंह गुडागंगा, अजय जैन, अशोक मालवीय, मूलवन गोस्वामी, पूनमचंद मेवाड़ा, नैन सिंह सहित सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button