यूपी में गर्मी ने रिकॉर्ड तोड़ दिया, पारा 45.4°C:स्कूलों की टाइमिंग बदली, चलती बाइक में आग लगी; हाथी को बार-बार नहलाया जा रहा गर्मी ने रिकॉर्ड तोड़ दिया

यूपी में शनिवार को गर्मी ने रिकॉर्ड तोड़ दिया। कई जिलों में तापमान 45°C के पार पहुंच गया। सुबह से ही तेज धूप के साथ लू चलती रही। शुक्रवार को बांदा में अधिकतम तापमान 45.4°C दर्ज किया गया, जो पूरे देश में सबसे ज्यादा रहा।
इस बार गर्मी ने सामान्य से करीब 10 दिन पहले ही अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। पिछले साल 27 अप्रैल को पहली बार तापमान 45°C के पार पहुंचा था, जबकि इस बार यह स्थिति अप्रैल के मध्य में ही बन गई।
झांसी समेत 17 जिलों में अधिकतम तापमान 40°C या उससे ज्यादा रिकॉर्ड किया गया। वाराणसी और प्रयागराज में बढ़ती गर्मी को देखते हुए 8वीं तक के स्कूलों के समय में बदलाव किया गया है। वाराणसी में क्लासेज सुबह 7:30 बजे से दोपहर 1 बजे तक और प्रयागराज में सुबह 7:30 बजे से दोपहर 12 बजे तक चलेंगी।
गोरखपुर चिड़ियाघर में हाथी ‘गंगा प्रसाद’ को बार-बार नहलाया गया। कौशांबी कलेक्ट्रेट परिसर में बंदरों के लिए पानी की व्यवस्था की गई। वहीं, गोरखपुर में एक चलती बाइक में अचानक आग लग गई, हालांकि बाइक सवार ने कूदकर अपनी जान बचा ली।
यूपी में शनिवार को गर्मी ने रिकॉर्ड तोड़ दिया। कई जिलों में तापमान 45°C के पार पहुंच गया। सुबह से ही तेज धूप के साथ लू चलती रही। शुक्रवार को बांदा में अधिकतम तापमान 45.4°C दर्ज किया गया, जो पूरे देश में सबसे ज्यादा रहा।
इस बार गर्मी ने सामान्य से करीब 10 दिन पहले ही अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। पिछले साल 27 अप्रैल को पहली बार तापमान 45°C के पार पहुंचा था, जबकि इस बार यह स्थिति अप्रैल के मध्य में ही बन गई।
झांसी समेत 17 जिलों में अधिकतम तापमान 40°C या उससे ज्यादा रिकॉर्ड किया गया। वाराणसी और प्रयागराज में बढ़ती गर्मी को देखते हुए 8वीं तक के स्कूलों के समय में बदलाव किया गया है। वाराणसी में क्लासेज सुबह 7:30 बजे से दोपहर 1 बजे तक और प्रयागराज में सुबह 7:30 बजे से दोपहर 12 बजे तक चलेंगी।
गोरखपुर चिड़ियाघर में हाथी ‘गंगा प्रसाद’ को बार-बार नहलाया गया। कौशांबी कलेक्ट्रेट परिसर में बंदरों के लिए पानी की व्यवस्था की गई। वहीं, गोरखपुर में एक चलती बाइक में अचानक आग लग गई, हालांकि बाइक सवार ने कूदकर अपनी जान बचा ली।


3 दिन लू का अलर्ट
- 19 अप्रैल: बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज और आस-पास के इलाके।
- 20 अप्रैल: बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, संत रविदास नगर और आस-पास के इलाके।
- 21 अप्रैल: बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, प्रतापगढ़, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, संत रवि दास नगर, जौनपुर और आस-पास के इलाके।
लंबे समय तक चल सकती है हीटवेव
IMD के अनुमान के अनुसार, इस साल कुछ इलाकों में लंबे समय तक हीटवेव की स्थिति बन सकती है। इसका मतलब है कि कई शहरों में लगातार कई दिनों तक तापमान बहुत ज्यादा रह सकता है और लोगों को तेज गर्मी का सामना करना पड़ सकता है।
कब मानी जाती है हीटवेव?
मौसम विभाग के मुताबिक, हीटवेव तब मानी जाती है, जब मैदानों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस या उससे ज्यादा पहुंच जाए या फिर सामान्य तापमान से 4 से 6 डिग्री ज्यादा दर्ज किया जाए। ऐसी स्थिति में लोगों के स्वास्थ्य पर भी असर पड़ सकता है और लू लगने का खतरा बढ़ जाता है।


