मध्य प्रदेश

मध्य प्रदेश में आंधी-बारिश का नया सिस्टम एक्टिव, 3 दिन आंधी-बारिश:भिंड, श्योपुर में ओले गिरने का अलर्ट, ग्वालियर-शिवपुरी समेत 11 जिलों में बारिश

मध्य प्रदेश में आंधी-बारिश का नया सिस्टम एक्टिव हो गया है। अगले कुछ घंटे के दौरान ओले और बारिश का अलर्ट है। मौसम विभाग ने शाम के समय भिंड और श्योपुर में मध्यम गरज के साथ आकाशीय बिजली चमकने और ओले गिरने का अलर्ट जारी किया है। वहीं, मुरैना, शिवपुरी, श्योपुर, ग्वालियर, दतिया, निवाड़ी, गुना, अशोकनगर, टीकमगढ़, सतना के चित्रकूट और रीवा जिलों में हल्की गरज के साथ बिजली गिरने की संभावना है। यहां बारिश भी होगी।

करीब 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाओं ने धूल भरी आंधी का असर पैदा किया। वहीं, भोपाल में भी बादल छाए हैं। IMD (मौसम केंद्र), भोपाल ने 9 अप्रैल तक तेज आंधी, बारिश और गरज-चमक का अलर्ट जारी किया है। मंगलवार को 34 जिलों में अलर्ट है।

8 और 9 अप्रैल को भी ग्वालियर, चंबल, सागर और रीवा संभाग के जिलों में सिस्टम का असर रहेगा।

तेज आंधी भी चलेगी मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में तेज आंधी भी चलेगी। कुछ जिलों में इसकी अधिकतम रफ्तार 40 से 60 किलोमीटर प्रतिघंटा तक रहेगी। बाकी में 30 से 40 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से आंधी चलेगी।

11 अप्रैल को नया सिस्टम मौसम विभाग की माने तो 11 अप्रैल को उत्तर-पश्चिमी हिस्से में नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) एक्टिव होगा। जिसका असर प्रदेश में भी देखने को मिल सकता है।

अप्रैल में एमपी में दिखा कश्मीर जैसा नजारा इससे पहले 4, 5 और 6 अप्रैल को प्रदेश में सिस्टम की स्ट्रॉन्ग एक्टिविटी देखने को मिल चुकी है। 4 अप्रैल को तो 14 जिलों में ओलावृष्टि और 39 जिलों में तेज आंधी-बारिश का दौर रहा था। रविवार को भी मौसम का मिजाज बदला रहा। कहीं तेज आंधी चली तो कहीं बारिश भी हुई। सोमवार को कहीं-कहीं बारिश का दौर बना रहा।

50 से 60Km/प्रतिघंटा से चलेगी आंधी मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में तेज आंधी भी चलेगी। कुछ जिलों में इसकी अधिकतम रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रतिघंटा तक रहेगी। बाकी में 30 से 40 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से आंधी चलेगी।

अप्रैल-मई में सबसे ज्यादा गर्मी जिस तरह दिसंबर-जनवरी में सर्दी और जुलाई-अगस्त में सबसे ज्यादा बारिश होती है, उसी तरह गर्मी के दो प्रमुख महीने अप्रैल और मई हैं। इस बार मध्यप्रदेश में मार्च के दूसरे पखवाड़े में पारा 41 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंचा था।

मार्च के आखिरी में टेम्प्रेचर बढ़ने लगता है, लेकिन इस बार ऐसा मौसम नहीं रहा। आखिरी 3 दिन वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) और साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम की वजह से पारे में गिरावट आई। इसी तरह अप्रैल के पहले पखवाड़े में मौसम का असर मिला-जुला रहेगा।

फरवरी-मार्च में 4-4 बार बदला मौसम इस साल जनवरी में बारिश नहीं हुई, लेकिन फरवरी और मार्च में 4-4 बार मौसम बदला। फरवरी में शुरुआत से ही दो बार ओले, बारिश और आंधी आई, जिससे फसलों को नुकसान हुआ। 18 फरवरी से बारिश का तीसरा दौर रहा, जिसका असर 21 फरवरी तक रहा। चौथा दौर 23-24 फरवरी को ओले-बारिश के रूप में आया।

मार्च में गर्मी की शुरुआत हुई। पहले पखवाड़े में तेज गर्मी रही। दूसरे पखवाड़े में बारिश शुरू हुई और एक दौर 4 दिन चला। इस दौरान 45 से ज्यादा जिलों में आंधी-बारिश और 17 जिलों में ओले गिरे। इससे गेहूं, पपीता और केले की फसलें बर्बाद हुईं।

तीसरा दौर 26-27 मार्च को रहा। 27 मार्च को सतना, रीवा, दतिया और भिंड में बारिश हुई। चित्रकूट में आंधी और बारिश से दीप सज्जा कार्यक्रम प्रभावित हुआ। चौथा दौर 29-30 मार्च को रहा। 30 मार्च को आधे प्रदेश में कहीं आंधी-बारिश और कहीं ओले गिरे।

MP के 5 बड़े शहरों में अप्रैल में मौसम का ऐसा ट्रेंड…

एमपी में अप्रैल के दूसरे पखवाड़े से गर्मी का असर तेज होने लगता है। महीने के आखिरी दिनों में तो तापमान रिकॉर्ड तोड़ देता है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर के 10 साल की डाटा बेस्ड स्टडी में सामने आया कि भोपाल-इंदौर में पारा 43 डिग्री तक पहुंचा जबकि जबलपुर में इसने 44 डिग्री सेल्सियस को छू लिया।

ग्वालियर में तो तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। पिछले तीन साल इन शहरों में तेज गर्मी पड़ी। इस बार भी तापमान में बढ़ोतरी की संभावना है।

भोपाल में 1996 में पड़ी थी सबसे ज्यादा गर्मी अप्रैल में गर्मी के ट्रेंड की बात करें तो भोपाल में 29 अप्रैल 1996 को अधिकतम तापमान 44.4 डिग्री सेल्सियस पहुंचा था। इस महीने भोपाल में बारिश-आंधी के आसार भी बनते हैं। यही कारण है कि पिछले कुछ साल से अप्रैल में बारिश का दौर चल रहा है।

20 अप्रैल 2013 को भोपाल में 24 घंटे के भीतर 30.8 मिमी यानी एक इंच से ज्यादा बारिश हुई थी। वहीं, 2023 में 22.6 मिमी पानी गिरा था।

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