प्रयागराज

प्रयागराज महाकुंभ-2025 से चर्चा में आए IITian बाबा अभय सिंह ने इंजीनियर लड़की से शादी कर ली:हरियाणा में घर पहुंचे, मां ने बहू की आरती उतारी; दोनों हिमाचल में रह रहे

प्रयागराज महाकुंभ-2025 से चर्चा में आए IITian बाबा अभय सिंह ने शादी कर ली है। पत्नी का नाम प्रीतिका है। यह खुलासा खुद IITian बाबा ने सोमवार को किया। लंबे समय बाद वह भगवा कपड़े पहने हरियाणा के झज्जर पहुंचे। पत्नी प्रीतिका भी उनके साथ थीं।

यहां सबसे पहले वह बैंक गए और वहां KYC कराई। इसके बाद वकील पिता से मिलने उनके चैंबर पहुंचे। वहां पिता के नहीं मिलने पर अभय सिंह पत्नी के साथ अपने घर पहुंचे। यहां उनकी मां शीला देवी ने बेटे-बहू का स्वागत किया। उन्होंने दोनों के माथे पर तिलक लगाया, आरती उतारी और मिठाई खिलाई। इसके बाद बहू का गृह प्रवेश कराया।

अभय सिंह ने बताया कि उन्होंने प्रीतिका से 15 फरवरी (शिवरात्रि) को हिमाचल के अघंजर मंदिर में शादी की थी। फिर 19 फरवरी को कोर्ट मैरिज भी की। हम दोनों अपनी जिंदगी से खुश हैं। फिलहाल सादगी से रह रहे हैं।

अभय ने कहा- अध्यात्म की तरफ रुझान होने से पहले कभी मैं भी इस चैंबर में बैठकर पिता की एप्लिकेशन चेक कर लेता था। मेरी पत्नी मूलरूप से कर्नाटक की रहने वाली हैं। वह भी इंजीनियर हैं। हम हिमाचल के धर्मशाला में रह रहे हैं।IITian बाबा के पिता कर्ण सिंह ने बताया- मुझे आज ही पता चला कि बेटे ने शादी कर ली है। मुझे बहुत खुशी हुई। अभय सिंह (36) मूलरूप से झज्जर के सासरौली गांव के रहने वाले हैं। उनके पिता अब झज्जर शहर के सुभाष नगर में रहते हैं। बॉम्बे IIT से एयरो स्पेस इंजीनियरिंग करने वाले अभय सिंह प्रयागराज महाकुंभ में संन्यासी वेश में नजर आने के बाद देश-विदेश में चर्चा में आए थे।

पत्नी प्रीतिका के साथ घर पहुंचे IITian बाबा अभय सिंह का मां शीला देवी ने तिलक किया।

पढ़िए IITian बाबा और उनकी पत्नी ने जो कुछ बताया…

पिता के चैंबर में केस स्टडी करने आता था अभय सिंह ने कहा- आज पिताजी के चैंबर में आकर अच्छा लगा। मैं पहले भी यहां आकर एप्लिकेशन चेक करता था। मुझे अध्यात्मिकता का सच समझ में आ गया था, लेकिन ये नहीं पता था कि आगे क्या करना है? जब घर पर अकेला होता था तो सोचता था कि चैंबर जाकर कुछ कर लेता हूं। यहां आकर मैं स्टडी करता रहता था कि कौन-सा केस कैसे लगता है?

15 फरवरी को मंदिर में और 19 को कोर्ट मैरिज की शादी को लेकर अभय सिंह ने बताया- इसमें छिपाने वाली कोई बात नहीं थी। 15 फरवरी को हमने हिमाचल के अघंजर महादेव मंदिर में जाकर शादी की। इसके बाद 19 फरवरी को कोर्ट मैरिज की। पत्नी ही आज मुझे यहां लेकर आई हैं। बैंक में KYC भी करानी थी।

पत्नी बोलीं- सनातन यूनिवर्सिटी बनाएंगे पत्नी प्रीतिका ने कहा- अभय काफी सरल नेचर के हैं। वो बेहद ईमानदार और सच्चे इंसान हैं। मैं कर्नाटक से हूं और इनसे एक साल पहले मिली थी। मैंने इंजीनियरिंग कर रखी है। अब हम सनातन को आगे बढ़ाने का काम करेंगे। हम विचार कर रहे हैं कि आगे चलकर सनातन यूनिवर्सिटी बनाएं। यहां अध्यात्म से जुड़े गुरु, साधक एक जगह पर यूनाइट करने की कोशिश है। हम झज्जर में सास-ससुर और परिवार वालों से मिलने आए हैं।

अब अभय सिंह के संन्यासी बनने की कहानी जानिए…

कोचिंग के लिए कोटा की जगह दिल्ली गए अभय सिंह का जन्म 3 मार्च, 1990 में झज्जर के सासरौली गांव में ग्रेवाल गोत्र के जाट परिवार में हुआ था। अभय ने शुरुआती पढ़ाई झज्जर से की। पढ़ाई में बहुत होनहार थे। इसलिए परिवार उन्हें IIT की कोचिंग के लिए कोटा भेजना चाहता था। लेकिन, अभय ने दिल्ली में कोचिंग लेने की बात कही।

IIT बॉम्बे में पढ़ाई, कनाडा में काम किया कोचिंग के बाद अभय ने IIT का एग्जाम क्रैक कर लिया। इसके बाद उन्हें IIT बॉम्बे में एडमिशन मिल गया। अभय ने वहां से एयरोस्पेस इंजीनियरिंग में बीटेक की डिग्री ली। इसके बाद डिजाइनिंग में मास्टर डिग्री की। अभय की छोटी बहन कनाडा में रहती हैं। पढ़ाई पूरी करने के बाद परिवार ने अभय को अच्छे फ्यूचर के लिए कनाडा भेज दिया। वहां अभय ने कुछ समय तक एरोप्लेन बनाने वाली कंपनी में काम भी किया। जहां उन्हें 3 लाख सैलरी मिलती थी।

लॉकडाउन की वजह से कनाडा में फंसे 2021 में कनाडा में लॉकडाउन लग गया, जिससे अभय भी कनाडा में फंस गए। जब लॉकडाउन हटा, तो अभय भारत लौट आए। यहां आने के बाद वह अचानक फोटोग्राफी करने लगे। अभय सिंह को घूमने का भी शौक है, इसलिए वह केरल चले गए। उज्जैन कुंभ में भी गए थे। 2024 में अभय सबके संपर्क से बाहर हो गए। परिवार ने बहुत कोशिश की, लेकिन बात नहीं हो पाई। उन्होंने परिवारवालों का नंबर तक ब्लॉक कर दिया।अभय सिंह ने एक इंटरव्यू में कहा था कि पढ़ाई के बाद धीरे-धीरे अध्यात्म की तरफ मुड़ गया। (फाइल फोटो)

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