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12 कारणों से घर में लगते दीमक:बचाव के लिए जरूरी 18 सावधानियां, टर्माइट ट्रीटमेंट में न करें ये 10 गलतियां

गर्मियों में कई घरों में दीमक (टर्माइट) की समस्या बढ़ जाती है। दरअसल गर्मी और नमी का मेल दीमकों के लिए दावत जैसा है। ये दीवार की दरारों और लकड़ी के फर्नीचर में छिपकर इन्हें अंदर-ही-अंदर खोखला कर देते हैं।

अक्सर जब तक इनका पता चलता है, तब तक काफी देर हो चुकी होती है। दीमक सिर्फ लकड़ी ही नहीं, लंबे समय में घर की दीवारों और नींव को भी कमजोर कर सकते हैं। हालांकि अगर समय रहते कुछ सेफ्टी टिप्स अपनाए जाएं तो इनसे अपने घर को बचाया जा सकता है।

आज ‘जरूरत की खबर’ में बात घर से दीमक भगाने की। साथ ही जानेंगे कि-

  • घरों में दीमक क्यों लगते हैं?
  • घर को दीमक से बचाने के क्या

सवाल- दीमक लगने के शुरुआती संकेत क्या होते हैं?

जवाब- इसके शुरुआती संकेत हैं-

  • फर्नीचर से बुरादा (पाउडर) गिरना।
  • दीवार या फर्नीचर पर मिट्टी की पतली लाइन दिखना।
  • लकड़ी के सामान खोखले या कमजोर लगना।
  • दरवाजा ठीक से बंद न होना।
  • फर्नीचर का फूलना।
  • पेंट या प्लास्टर का उखड़ना।
  • आसपास पंख वाले छोटे कीड़े (टर्माइट) दिखना।

ये संकेत दिखते ही तुरंत एक्शन लेना जरूरी होता है।

सवाल- अगर घर के किसी सामान में दीमक लग गए हैं तो क्या करें?

जवाब- इसे पॉइंटर्स से समझिए-

लकड़ी के फर्नीचर में लगे तो क्या करें?

  • फर्नीचर को धूप में रखें।
  • प्रभावित हिस्से को साफ करके पॉलिश/वार्निश करें।
  • एंटी-टर्माइट ऑयल या स्प्रे लगाएं।
  • ज्यादा नुकसान हो तो रिपेयर करें या बदलें।
  • फर्नीचर और दीवार के बीच स्पेस रखें।

किताबों में लगे तो क्या करें?

  • संक्रमित किताबों को अलग कर दें।
  • इन्हें धूप में अच्छी तरह सुखाएं।
  • बुकशेल्फ साफ करके एंटी-टर्माइट स्प्रे करें।
  • नमी से बचाने के लिए किताबें सूखी जगह पर ही रखें।
  • बुकशेल्फ में नीम के पत्ते और कपूर रखें।

दीवार में लगे तो क्या करें?

  • दीमक वाली जगह की पहचान करें।
  • उस जगह पर एंटी-टर्माइट केमिकल स्प्रे कराएं।
  • दीवार की दरारें सील करें।
  • पानी का लीकेज ठीक करें।
  • जरूरत हो तो प्रोफेशनल पेस्ट कंट्रोलर की मदद लें।
  • सवाल- गर्मियों में दीमकों का खतरा ज्यादा क्यों होता है?

    जवाब- दीमकों के लिए गर्मी और बारिश का मौसम (मानसून) सबसे अनुकूल होता है। इस दौरान गर्मी और नमी (ह्यूमिडिटी) बढ़ने पर ये तेजी से पनपते हैं। बरसात में सीलन के कारण दीमक लकड़ी और दीवारों को नुकसान पहुंचाते हैं, जबकि वसंत और गर्मी में पंख वाले दीमक झुंड में निकलकर नई कॉलोनियां बनाते हैं।

    सवाल- दीमक से बचाव के लिए फर्नीचर की देखभाल कैसे करें?

    जवाब- लकड़ी में नमी दीमक को आकर्षित करती है, इसलिए फर्नीचर को सूखी जगह पर रखें। साथ ही कुछ और बातों को ध्यान रखें-

    • फर्नीचर को दीवार से थोड़ा दूर रखें, ताकि हवा पास हो और नमी जमा न हो।
    • रेगुलर सफाई करें। इससे दीमक पनपने की संभावना कम होती है।
    • समय-समय पर फर्नीचर को धूप दिखाएं। इससे नमी खत्म होती है और कीड़े मरते हैं।
    • फर्नीचर पर वार्निश या एंटी-टर्माइट कोटिंग करने से सुरक्षा बढ़ती है।
    • फर्नीचर में छोटे-छोटे छेद या क्रैक्स तुरंत भर दें। ये दीमक के एंट्री पॉइंट्स होते हैं।
    • किचन, बाथरूम या लीकेज एरिया के पास फर्नीचर न रखें।
    • समय-समय पर फर्नीचर में पाउडर, मिट्टी की लाइन या खोखलापन जांचते रहें।
    • सवाल- क्या दीमक इंसानों को नुकसान पहुंचाते हैं?

      जवाब- नहीं, दीमक सीधे इंसानों को नुकसान नहीं पहुंचाते हैं। लेकिन ये घर, फर्नीचर और कीमती लकड़ी के सामान खराब कर देते हैं।

      सवाल- क्या सिर्फ पुराने घरों में ही दीमक लगते हैं?

      जवाब- नहीं, दीमक नए और पुराने दोनों घरों में लग सकते हैं।

 

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