इंडीमून्स फेस्टिवल में एक्टर संजय मिश्रा की दमदार प्रस्तुति:नाटक ‘घासीराम कोतवाल’ के जरिए सत्ता और समाज पर तीखा व्यंग्य

भोपाल के रवींद्र भवन में चल रहे इंडीमून्स आर्ट फेस्टिवल के तीसरे दिन नाटक ‘घासीराम कोतवाल’ का मंचन हुआ, जिसमें मशहूर अभिनेता संजय मिश्रा ने दमदार अभिनय किया। विजय तेंदुलकर द्वारा लिखा यह नाटक एक राजनीतिक और सामाजिक व्यंग्य है। 1972 में पहली बार मंचित हुआ यह नाटक सत्ता की ताकत, मानवीय मूल्यों और मनुष्य की लालसा पर कई सवाल खड़े करता है।
नाटक में हाल ही में चल रही गैस सिलेंडर की तंगी पर व्यंग्य और ईरान-अमेरिका-इजरायल के संघर्ष पर भी टिप्पणी की गई। नाटक तय समय से लगभग एक घंटे की देरी से शुरू हुआ, जिसके लिए अभिनेता संजय मिश्रा ने अंत में माफी मांगी।
अभिनेता संजय मिश्रा ने थिएटर के बारे में बातचीत करते हुए बताया कि बैकस्टेज अपने आप में एक अलग दुनिया होती है, जहां से किसी भी प्रस्तुति की असली शुरुआत होती है। उन्होंने कहा कि लेखक के कहानी लिखने के साथ ही नाटक की शुरुआत हो जाती है। उनके अनुसार, थिएटर किसी भी कलाकार के लिए सबसे बड़ा अभ्यास होता है, क्योंकि इसमें रिटेक की कोई गुंजाइश नहीं होती।

इससे पहले संजय मिश्रा ने कहा कि भले ही आज लोग मोबाइल, वेब सीरीज और डॉक्यूड्रामा तक सीमित हो रहे हैं, लेकिन आर्ट फेस्टिवल आज भी लोगों को जोड़ने का मजबूत माध्यम हैं और उनकी अपनी अलग अहमियत बनी हुई है।
अभिनेता राजीव वर्मा भी उपस्थित रहेंगे-
आज के कार्यक्रम में दिग्गज अभिनेता राजीव वर्मा भी विशेष रूप से उपस्थित रहें। इसके अलावा कार्यक्रम में मलॉय जैन, मनोज नायर, अनूप जोशी और मॉडरेटर के रूप में सीमा रायजादा भी शामिल हुए।


