मध्य प्रदेश

राजधानी भोपाल अगले साल सैन्य शक्ति और देशभक्ति के अनूठे संगम की गवाह बनेगी;राजनाथ होंगे चीफ गेस्ट:सीएम से मिले थल सेना प्रमुख, सैन्य प्रदर्शनी भी लगेगी

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल अगले साल सैन्य शक्ति और देशभक्ति के अनूठे संगम की गवाह बनेगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से थल सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने उनके निवास पर सौजन्य भेंट की। इस मुलाकात के दौरान प्रदेश के युवाओं को सेना में शामिल होने के लिए प्रेरित करने पर विस्तृत चर्चा हुई।

सीएम ने घोषणा की कि अगले साल 15 जनवरी 2027 को भोपाल में भव्य ‘सेना दिवस’ (Army Day) परेड आयोजित की जाएगी।

9 जनवरी से शुरू होंगे आयोजन

भोपाल में सेना दिवस से संबंधित कार्यक्रमों की शुरुआत 9 जनवरी से ही हो जाएगी। इन आयोजनों का उद्देश्य राष्ट्र की समृद्ध सैन्य विरासत को प्रदर्शित करना और वीर सैनिकों के प्रति सम्मान की भावना को मजबूत करना है।

9 जनवरी से आगाज: शौर्य संध्या और सैन्य प्रदर्शनी जैसे कार्यक्रम शुरू होंगे।

सैन्य अभ्यास: नागरिक सेना के अत्याधुनिक हथियारों और युद्ध कौशल के जीवंत अभ्यास देख सकेंगे।

मुख्य कार्यक्रम: 15 जनवरी को मुख्य परेड होगी, जिसमें केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह मुख्य रूप से शिरकत करेंगे।

थल सेना प्रमुख ने की सीएम से चर्चा

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि जनरल उपेंद्र द्विवेदी के साथ हुई चर्चा का मुख्य केंद्र बिंदु युवाओं को सेना के प्रति आकर्षित करना था। मध्य प्रदेश के जांबाज युवा बड़ी संख्या में सेना में अपनी सेवा देना चाहते हैं। भोपाल में होने वाली इस राष्ट्रीय स्तर की परेड से प्रदेश के छात्रों और युवाओं में देशप्रेम का नया संचार होगा।

दशकों तक ‘सेना दिवस’ की मुख्य परेड केवल दिल्ली के करियप्पा परेड ग्राउंड तक सीमित थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के तहत अब इसे देश के अलग-अलग राज्यों में ले जाया जा रहा है, ताकि स्थानीय युवा सेना को करीब से देख सकें। बेंगलुरु (2023) और लखनऊ (2024) के बाद अब भोपाल इस गौरवशाली सूची में शामिल होने जा रहा है।

भोपाल के आयोजन में क्या होगा खास?

मिराज और सुखोई का फ्लाईपास्ट

चूंकि, भोपाल में ‘बड़ा तालाब’ जैसा विशाल जलस्रोत है, तो उम्मीद है कि सेना के हेलीकॉप्टर्स और वायुसेना के फाइटर जेट्स का रोमांचक एयर शो और फ्लाईपास्ट देखने को मिलेगा।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और आधुनिक हथियार

इस परेड में केवल मार्च पास्ट नहीं होगा, बल्कि ‘धनुष’ तोप, ‘भीष्म’ टैंक और सेना में शामिल किए गए नए ड्रोन्स व रोबोटिक उपकरणों का प्रदर्शन भी होगा।

9 जनवरी से ‘शौर्य संध्या’ का जादू

15 जनवरी की मुख्य परेड से पहले 9 जनवरी से ही शौर्य संध्या शुरू होगी। इसमें सेना के ‘बैंड’ का डिस्प्ले, घोड़ों के हैरतअंगेज कारनामे और ‘खुकरी डांस’ जैसे सांस्कृतिक सैन्य प्रदर्शन होंगे।

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