उत्तर प्रदेश

आगरा में पिता, बेटा-बहू और पोती समेत 5 की मौत:नवरात्रि पर दर्शन करके लौट रहे थे, बोलेरो के दरवाजे तोड़कर लाश निकाली

आगरा में श्रद्धालुओं से भरी बोलेरो कार पेड़ से टकरा गई। हादसे में एक ही परिवार के 5 लोगों की मौत हो गई। मरने वालों में पिता, बेटा, बहू, पोती और नाती शामिल हैं। तीन लोग घायल हैं। हादसे के बाद गांव वालों ने गाड़ी के शीशे तोड़कर सभी को बाहर निकाला।

परिवार के लोग नवरात्रि के पहले दिन इटावा से राजस्थान के कैलादेवी मंदिर के दर्शन करने गए थे। लौटते समय गाड़ी चला रहे ड्राइवर को झपकी आने लगी। तभी परिवार के 20 साल के नाती ने गाड़ी चलाने के लिए कहा।

ड्राइवर ने जैसे ही लड़के को गाड़ी चलाने को दी। इसके करीब 15 मिनट बाद गुरुवार रात 11 बजे थाना चित्राहाट क्षेत्र में हादसा हो गया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बोलेरो का आगे का हिस्सा पूरी तरह खत्म हो गया। गाड़ी की आधी छत तक उखड़ गई।

पेड़ से टकराने के बाद बोलेरो का आगे का हिस्सा बुरी तरह पिचक गया। आधी छत उखड़ गई।

दो गाड़ियों से 18 लोग कैलादेवी दर्शन करने गए मृतकों की पहचान इटावा के इकदिल के गांव नगला वर के रहने वाले कांता प्रसाद (70), उनके बेटे देवेंद्र (35), बहू सीमा (30), पोती आराध्या (3) और गाड़ी चला रहे नाती औरैया थाना क्षेत्र के अजीतमल के गांव प्रतापपुर निवासी ऋषि (20) के रूप में हुई है। घायलों में देवेंद्र का बेटा आदित्य, ऋषभ की पत्नी रश्मि और अवनीश शामिल हैं।

ऋषि के दादा गंगादीन ने बताया कि नवरात्रि में देवेंद्र के पिता कांता प्रसाद ने कैलादेवी दर्शन की इच्छा जताई थी, तभी मंदिर जाने का प्लान बना। 18 मार्च को दो गाड़ियों से परिवार और रिश्तेदारी के 18 लोग दर्शन के लिए निकले थे। बोलेरो में देवेंद्र का परिवार सवार था। बोलेरो देवेंद्र के दोस्त अवनीश की थी।

 

कार के दरवाजे तोड़कर घायलों को बाहर निकाला गया। इसके बाद पुलिस की टीम उन्हें पास के सीएचसी लेकर पहुंची।

घर से 30 किमी पहले हुआ हादसा गंगादीन ने बताया, ‘रात में लौटते वक्त दूसरी गाड़ी आगे निकल गई, जबकि बोलेरो पीछे रह गई। बोलेरो चला रहे अवनीश को झपकी आने लगी। इस पर ऋषि ने अवनीश से कहा- मैं गाड़ी चलाता हूं, तुम आराम करो। इसके बाद ऋषि गाड़ी चलाने लगा।

इसके करीब 15 मिनट बाद ही गांव से 30 किमी पहले ही बोलेरो पेड़ से टकरा गई। जब बोलेरो गांव नहीं पहुंची तो घरवालों ने फोन किया। लेकिन किसी का फोन रिसीव नहीं हुआ। इसके बाद परिजन दूसरी गाड़ी से वापस उन्हें खोजने निकले। तभी उन्हें हादसे की जानकारी हुई।

बोलेरो पेड़ से टकराने पर धमाके जैसी आवाज आई

प्रत्यक्षदर्शी ने बताया, ‘कार पेड़ से टकराने के बाद धमाके जैसी तेज आवाज आई। हम लोग दौड़कर मौके पर पहुंचे। कार के दरवाजे खोलने की कोशिश की गई, लेकिन नहीं खोल पाए। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। थोड़ी देर बाद पुलिस मौके पर पहुंची। फिर कार के दरवाजे तोड़कर सभी को बाहर निकाला गया।

घायलों को इलाज के लिए पास के ही सीएचसी भेजा गया, जहां डॉक्टर ने 5 लोगों को मृत घोषित कर दिया। बाकी घायलों का इलाज करने के बाद सैफई मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। बाह में सीएचसी पर पांचों शवों का पोस्टमार्टम कराया गया। परिजन सभी के शव लेकर इटावा रवाना हो गए हैं।

बेटी नहीं जाना चाहती थी, लेकिन साथ ले गए

छोटे बेटे नीरज ने बताया कि उनकी बेटी आराध्या मेले में जाने के लिए तैयार नहीं थी और रूठकर घर में सो गई थी। लेकिन ताऊ देवेंद्र के कहने पर उसे जगाकर साथ ले जाया गया। परिवार ने पिनाहट में रुककर नाश्ता किया, जिसके बाद भांजे रिषभ ने गाड़ी चलानी शुरू की और ड्राइवर पीछे बैठ गया। कुछ ही दूरी पर गाड़ी अनियंत्रित होकर पेड़ से टकरा गई और पूरा परिवार तबाह हो गया।

शुक्रवार शाम सभी शव इटावा पहुंचे। यहां नम आंखों से यमुना घाट पर दादा, बेटे-बहू और पोती का अंतिम संस्कार किया गया। वहीं नाती के शव को औरैया उसके घर भेजा गया।

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