उत्तर प्रदेश

खेलते-खेलते गले में फंसा कूलर का तार, बच्चे की मौत:इटावा में हेड कॉन्स्टेबल पिता ड्यूटी पर गए थे, मां बाथरूम में थी

इटावा में 10 साल के बच्चे ने खेलते-खेलते कूलर का तार गले में फंसा लिया, जिससे उसकी मौत हो गई। हादसे के वक्त वह अकेला कमरे में खेल रहा था। जब मां कमरे में पहुंची, तो बेटा तारों के बीच उलझा जमीन पर पड़ा था। शोर मचाने पर घर के दूसरे लोग दौड़े। बच्चे को जिला अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

बच्चे के पिता कोर्ट में मुहर्रिर (हेड कॉन्स्टेबल) के पद पर तैनात हैं। हादसे के वक्त वह अपनी ड्यूटी पर गए थे। घर वालों ने पोस्टमॉर्टम से इनकार कर दिया और शव लेकर चले गए। मामला फ्रेंड्स कॉलोनी थाना क्षेत्र के बगिया अड्डा मोहल्ले का है।

बच्चे की मौत से मां का रो-रोकर बुरा हाल है। पति और बेटा मां को संभालने की कोशिश करते रहे।

 

पिता की इटावा कोर्ट में है ड्यूटी बगिया अड्डा मोहल्ले में यूपी पुलिस के हेड कॉन्स्टेबल वीरेंद्र सिंह परिवार के साथ रहते हैं। वह मूलरूप से कानपुर देहात के सिकंदरा का रहने वाले हैं। यहां किराए के मकान में उनके साथ उनकी मां, पत्नी के अलावा 2 बेटे रहते थे।

वीरेंद्र सिंह इस समय में इटावा में एसीजीएम फर्स्ट कोर्ट में मुहर्रिर के पद पर तैनात हैं। गुरुवार सुबह करीब 10 बजे वह ड्यूटी के लिए घर से निकल गए थे। बड़ा बेटा एक कमरे में पढ़ाई कर रहा था। दादी भी उसी के पास बैठी थीं। उनका छोटा बेटा हर्ष एक प्राइवेट स्कूल में कक्षा-4 का छात्र था।

 

पिता कोर्ट की ड्यूटी से सीधे अस्पताल पहुंचे।

 

 

मां बाथरूम में नहा रही थी गुरुवार सुबह पति वीरेंद्र के कोर्ट जाने के बाद उनकी पत्नी बाथरूम में नहाने लगी गईं। इस बीच उनका 10 साल का छोटा बेटा हर्ष दूसरे कमरे में खेल रहा था। खेलते हुए वह कूलर के तारों के बीच उलझ गया। इस बीच कूलर का तार उसके गले में फंदे की तरह लिपट गया। हर्ष जितना तार छुड़ाने की कोशिश करता, उतना ही तार उसके गले में कसता गया। थोड़ी ही देर में उसका गला कस गया और दम घुटने से उसकी मौत हो गई।

अस्पताल पहुंचने से पहले हो गई मौत मां जब नहाकर वापस आई, तो हर्ष के नहीं दिखने पर आवाज दी। जवाब न मिलने पर कमरे में जाकर देखा। वहां हर्ष की लाश पड़ी थी। इस पर मां जोर-जोर से चीखने-चिल्लाने लगी। शोर सुनकर बच्चे का बड़ा भाई और दादी भागकर पहुंचे।

बड़े बेटे ने तुरंत पिता को फोन किया। इसके बाद घरवाले हर्ष को लेकर तुरंत जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। इमरजेंसी में तैनात डॉक्टर शिवम राजपूत ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। डॉक्टर के अनुसार, बच्चे को अस्पताल लाए जाने से पहले ही उसकी मौत हो चुकी थी।

अस्पताल वालों ने घटना की जानकारी सिविल लाइन पुलिस को दी। पुलिस मौके पर पहुंची। लेकिन, घरवालों ने बच्चे का पोस्टमॉर्टम कराने से इनकार कर दिया। इस हादसे के बाद परिवारवालों का रो-रोकर बुरा हाल है। मां रोते-रोते बेहोश हो जा रही है। घरवाले बच्चे का शव लेकर अपने पैतृक गांव चले गए हैं।

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