MP देश में नंबर वन;15 दिन में एक लाख बेटियों को लगी HPV वैक्सीन: बालाघाट, खरगोन, राजगढ़ जैसे जिले अभियान में बड़े जिलों से आगे

मध्यप्रदेश में किशोरियों को सर्वाइकल कैंसर से सुरक्षित रखने के उद्देश्य से चलाया जा रहा HPV टीकाकरण अभियान तेजी से सफल होता दिखाई दे रहा है। प्रदेश में बीते 15 दिनों में 13 से 14 साल की एक लाख से अधिक किशोरियों का टीकाकरण पूरा कर लिया गया है। इस उपलब्धि के साथ मध्यप्रदेश HPV टीकाकरण के मामले में देश में पहले स्थान पर पहुंच गया है। खास बात यह है कि यह उपलब्धि राष्ट्रीय टीकाकरण दिवस 16 मार्च के अवसर पर हासिल की गई।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इसे प्रदेश के लिए बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में शुरू हुए इस अभियान ने बेटियों को सर्वाइकल कैंसर के खिलाफ मजबूत सुरक्षा कवच प्रदान किया है। स्वास्थ्य विभाग, आंगनवाड़ी, आशा और एएनएम कार्यकर्ताओं के संयुक्त प्रयास से यह अभियान प्रदेशभर में तेजी से आगे बढ़ रहा है
एचपीवी टीकाकरण अभियान का राष्ट्रीय शुभारंभ 28 फरवरी 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा राजस्थान के अजमेर से किया गया था। इसके बाद मध्यप्रदेश में भी इस अभियान को तेजी से लागू किया गया। अभियान का मुख्य उद्देश्य 14 वर्ष आयु वर्ग की किशोरी बालिकाओं को सर्वाइकल कैंसर से बचाने के लिए HPV वैक्सीन लगाना है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, एक लाख से अधिक टीकाकरण पूरे होने के बावजूद अब तक किसी भी लाभार्थी में गंभीर प्रतिकूल प्रभाव (AEFI) की कोई सूचना प्राप्त नहीं हुई है।
इन जिलों ने दिखाई सबसे ज्यादा सक्रियता
अभियान की सफलता में बालाघाट, खरगोन, राजगढ़, मंडला, मुरैना, खंडवा, ग्वालियर, डिंडोरी, मंदसौर और कटनी जिले टीकाकरण में अग्रणी रहे। जिलों में कलेक्टर की अध्यक्षता में अंतरविभागीय समन्वय बनाकर अभियान को प्रभावी तरीके से लागू किया गया। इसमें स्कूल शिक्षा विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, पंचायत विभाग तथा कई स्वैच्छिक संगठनों का सहयोग लिया गया।
आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में कुल 8,03,684 बालिकाओं का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अब तक 1,08,842 किशोरियों को टीका लगाया जा चुका है। यानी तय टार्गेट का 13.54 प्रतिशत लक्ष्य हासिल किया जा चुका है।
जिलावार टीकाकरण के आंकड़े
बालाघाट (जबलपुर संभाग)
लक्ष्य: 15,541
16 मार्च का टीकाकरण: 1,639
कुल टीकाकरण: 7,420
कवरेज: 47.74%
खरगोन (पश्चिम निमाड़) – इंदौर संभाग
लक्ष्य: 23,051
16 मार्च का टीकाकरण: 550
कुल टीकाकरण: 7,333
कवरेज: 31.81%
राजगढ़ – भोपाल संभाग
लक्ष्य: 15,942
16 मार्च का टीकाकरण: 737
कुल टीकाकरण: 6,789
कवरेज: 42.59%
मंडला – जबलपुर संभाग
लक्ष्य: 9,785
16 मार्च का टीकाकरण: 591
कुल टीकाकरण: 5,079
कवरेज: 51.91%
मुरैना – ग्वालियर संभाग
लक्ष्य: 23,580
16 मार्च का टीकाकरण: 374
कुल टीकाकरण: 4,716
कवरेज: 20.00%
खंडवा (पूर्व निमाड़) – इंदौर संभाग
लक्ष्य: 15,584
16 मार्च का टीकाकरण: 903
कुल टीकाकरण: 4,712
कवरेज: 30.24%
ग्वालियर – ग्वालियर संभाग
लक्ष्य: 22,494
16 मार्च का टीकाकरण: 180
कुल टीकाकरण: 3,716
कवरेज: 16.52%
डिंडोरी – जबलपुर संभाग
लक्ष्य: 7,913
16 मार्च का टीकाकरण: 636
कुल टीकाकरण: 3,657
कवरेज: 46.22%
मंदसौर – उज्जैन संभाग
लक्ष्य: 13,091
16 मार्च का टीकाकरण: 631
कुल टीकाकरण: 3,404
कवरेज: 26.00%
कटनी – जबलपुर संभाग
लक्ष्य: 12,613
16 मार्च का टीकाकरण: 421
कुल टीकाकरण: 3,136
कवरेज: 24.86%
इन विभागों और संगठनों ने दिया सहयोग
इस अभियान को सफल बनाने के लिए कई विभागों और संस्थाओं ने मिलकर काम किया। स्कूल शिक्षा विभाग ने विद्यालयों में HPV वैक्सीन के बारे में जागरूकता बढ़ाई, जबकि महिला एवं बाल विकास और पंचायत विभाग ने लक्षित बालिकाओं की पहचान कर उन्हें टीकाकरण के लिए प्रेरित किया। इसके अलावा FOGSI, AMPOGS, IMA और IAP जैसे संगठनों ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई।
डिप्टी सीएम की अभिभावकों से टीकाकरण कराने की अपील
प्रदेश के उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि एक पखवाड़े में एक लाख से अधिक टीकाकरण पूरा करना बड़ी उपलब्धि है। साथ ही निर्देश दिए गए हैं कि शेष पात्र किशोरी बालिकाओं का टीकाकरण भी जल्द पूरा किया जाए। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपनी 14 वर्ष की बेटियों को HPV वैक्सीन अवश्य लगवाएं, ताकि उन्हें सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से सुरक्षित रखा जा सके।
हर टीके के बाद 30 मिनट की निगरानी अनिवार्य प्रदेश में एचपीवी टीकाकरण सत्र रोज सुबह 9 बजे से दोपहर 2 बजे तक शासकीय स्वास्थ्य संस्थानों में आयोजित हो रहे है। 14 वर्ष पूर्ण कर चुकी और 15 वर्ष से कम आयु की बालिकाएं पात्र हैं। टीकाकरण पूरी तरह स्वैच्छिक है और अभिभावक की सहमति आवश्यक है।
यू-विन पोर्टल पर पंजीकरण कर स्लॉट लिया जा सकता है। टीका लगने के बाद 30 मिनट तक निगरानी में रखा जाएगा। हल्के दुष्प्रभाव जैसे इंजेक्शन वाली जगह पर दर्द या सिरदर्द सामान्य हैं। हेल्पलाइन 104 भी जारी की गई है, जिससे जानकारी और सहायता मिल सके।
3 माह तक चलेगा अभियान एनएचएम की संचालक डॉ. सलोनी सिडाना ने कहा कि एचपीवी वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित है और दुनिया भर में लाखों बालिकाओं को दी जा चुकी है। यह अभियान तीन माह तक चलेगा, जिसमें देशभर की 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की लगभग 1 करोड़ बालिकाओं को टीका लगाया जाएगा। मध्यप्रदेश में 8 लाख किशोरियों को कवर करने का लक्ष्य रखा गया है। यह पहल प्रिवेंटिव हेल्थ केयर को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है।
सबसे पहला टीकाकरण भाव्या का
अभियान के तहत सबसे पहला टीकाकरण 14 साल की भाव्या का किया गया। भाव्या ने कहा कि यह वैक्सीन भविष्य को सुरक्षित करने के लिए है और उसे कोई दिक्कत नहीं हुई। उसने कहा कि
90 दिन में 8 लाख बालिकाओं का लक्ष्य प्रदेश में करीब 8 लाख 14 वर्षीय बालिकाओं को टीका लगाने का लक्ष्य रखा गया है। स्वास्थ्य विभाग ने 90 दिनों में यह लक्ष्य पूरा करने की योजना बनाई है। पहले चरण में 5.8 लाख डोज जिलों में भेजी जा चुकी हैं। टीकाकरण स्कूलों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, जिला अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में किया जाएगा।
लगाई जा रही यह वैक्सीन अभियान के तहत गार्डासिल-4 (क्वाड्रीवेलेंट एचपीवी वैक्सीन) की सिंगल डोज दी जा रही है। यह एचपीवी टाइप 16 और 18 से सुरक्षा देती है, जो सर्वाइकल कैंसर के मुख्य कारण माने जाते हैं। साथ ही यह टाइप 6 और 11 से भी बचाव करती है। विशेषज्ञों का कहना है कि 9 से 14 वर्ष की उम्र में टीका लगने पर आगे चलकर कैंसर का खतरा 80 से 85 प्रतिशत तक कम किया जा सकता है।


