पिता बना रहा था ड्रग्स,बेटा नशा-मुक्ति केंद्र में भर्ती:चार दिन में 4.5 करोड़ की एमडी बनाने की तैयारी थी, 5वीं पास आरोपी गिरफ्तार

बाड़मेर में ड्रग्स बनाने की फैक्ट्री पकड़ी है। इस फैक्ट्री को पांचवीं पास आरोपी चला रहा था। चौंकाने वाली बात यह है कि खुद आरोपी का बेटा जोधपुर के नशा मुक्ति केंद्र में इलाज करवा रहा है।
एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) और धोरीमन्ना पुलिस की संयुक्त टीम ने शनिवार रात यह कार्रवाई की। फैक्ट्री से केमिकल और उपकरण बरामद किए हैं। इससे 4.5 करोड़ रुपए की एमडी ड्रग बनाई जानी थी।
आरोपी निंबाराम (57) पुत्र रिणमलराम निवासी जाणियों का मगरा को गिरफ्तार कर लिया है। अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।
ANTF के आईजी विकास कुमार ने रविवार को बताया- धोरीमन्ना थाना क्षेत्र के जाणियों का मगरा गांव में खेत की टापरी (छप्पर) में अवैध सिंथेटिक ड्रग बनाने की लैब तैयार करने की सूचना मिली थी। इसके बाद टीम मौके पर पहुंची।

खेत में बने मकान के पास चारे के छप्पर के पीछे केमिकल के पीले-नीले रंग के ड्रम दिखाई दिए। टीम जब वहां पहुंची तो आरोपी पुलिस को देखते ही भागने लगा, जिसे घेराबंदी बनाकर पकड़ लिया।

देसी जुगाड़ से बनाने वाले थे एमडी
आईजी के अनुसार- आरोपी देसी जुगाड़ से बड़ी मात्रा में एमडी ड्रग बनाने की तैयारी कर रहे थे। पुलिस ने मौके से 4 ड्रम में 146.230KG टॉल्विन, 1 ड्रम में 45.880 किलोग्राम मोनो मिथाइल एमीन (MMA) और अन्य उपकरण जब्त किए हैं।
इन केमिकल से करीब 15 किलो एमडी ड्रग तैयार होती, जिसकी बाजार कीमत करीब 4.50 करोड़ रुपए होती। इससे करीब 15 हजार खुराक बनाई जा सकती थी। पूछताछ में सामने आया कि यह खुराक सिर्फ 4 दिन के भीतर बनाने की तैयारी थी। इस दौरान दो स्टीम उपकरण भी बरामद किए गए।
10-15 दिन पहले आया था केमिकल
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपी के भांजे ओमप्रकाश और उसके साथी शैतान ने करीब 10-15 दिन पहले केमिकल लाकर खेत में रखवाया था।
आरोपियों ने काफी पैसा कमाने का लालच देकर निंबाराम को ड्रग्स फैक्ट्री लगाने के लिए तैयार किया था। जांच में सामने आया कि निंबाराम के खिलाफ मारपीट का एक मामला पहले से दर्ज है।
फिलहाल मारवाड़ क्षेत्र में ड्रग्स बनाने में इस्तेमाल होने वाले केमिकल की लगातार जब्ती



