संभल एसपी केके बिश्नोई और बरेली एसपी अंशिका वर्मा शादी करने जा रहे;3 साल पहले गोरखपुर में पहली बार मिले, अब 29 मार्च को बाड़मेर में शादी करेंगे

संभल एसपी केके बिश्नोई और बरेली एसपी अंशिका वर्मा शादी करने जा रहे हैं। शादी के सभी कार्यक्रम राजस्थान में होंगे। 27 मार्च को बाड़मेर जिले के धोरीमना गांव में हल्दी-संगीत सेरेमनी है। 29 मार्च को शादी और 30 को जोधपुर के लारिया रिसोर्ट में रिसेप्शन है।
दोनों की पहली मुलाकात 2023 में गोरखपुर में पोस्टिंग के दौरान हुई थी। बिश्नोई गोरखपुर में एसपी सिटी थे। यहीं पर अंशिका अंडर ट्रेनिंग IPS ऑफिसर थीं। यहीं से दोनों की लव स्टोरी शुरू हुई। अब दोनों शादी के बंधन में बंधने जा रहे हैं।
केके बिश्नोई यूपी कैडर के 2018 बैच के IPS अधिकारी हैं। वह राजस्थान के बाड़मेर जिले के धोरीमना गांव के रहने वाले हैं। वर्तमान में संभल में एसपी के पद पर तैनात हैं। जबकि, अंशिका वर्मा 2021 बैच की IPS अधिकारी हैं। बरेली में एसपी के पद पर तैनात हैं। अंशिका प्रयागराज के सिविल लाइन इलाके की रहने वाली हैं।
इससे पहले, यूपी में पुलिसकर्मियों की होली में दोनों अफसर रंगों से सराबोर नजर आए थे। बरेली में IPS अंशिका वर्मा ने 5 मार्च (गुरुवार) को काला चश्मा पहनकर ‘लंदन ठुमकदा’ गाने पर डांस किया था। अगले दिन संभल में एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई ने फिल्म धुरंधर के रहमान डकैत स्टाइल में डांस किया था। शिकारियों वाली हैट पहनी थी। खुली जिप्सी से ‘धुरंधर’ मूवी के ‘फसला’ गाने पर पुलिस लाइन में एंट्री की थी।


केके बिश्नोई ने कीं बड़ी कार्रवाई, एक नजर
1. 100 करोड़ से अधिक का बीमा धोखाधड़ी घोटाला (संभल) संभल एसपी के रूप में कृष्ण कुमार बिश्नोई के नेतृत्व में पुलिस ने एक बड़ा अंतर्राज्यीय बीमा धोखाधड़ी गिरोह का पर्दाफाश किया। इस गिरोह ने फर्जी दस्तावेज, नकली मृत्यु प्रमाण पत्र और गढ़े हुए हादसों के जरिए बीमा कंपनियों से करोड़ों रुपए ठगे थे। इस मामले में अब तक 70 से अधिक गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। इस बड़ी सफलता के लिए उन्हें मुख्यमंत्री ने प्लैटिनम पदक और उत्कृष्ट सेवा पुलिस पदक से सम्मानित किया था।
2. संभल हिंसा पर कंट्रोल किया (नवंबर, 2024) जामा मस्जिद सर्वे के दौरान भड़की हिंसा को उन्होंने अपनी प्रशासनिक सूझबूझ से कंट्रोल किया था। उन्होंने उपद्रवी भीड़ के सामने खड़े होकर युवाओं को समझाया कि वे नेताओं के बहकावे में आकर अपना भविष्य खराब न करें। इसके अलावा दंगाइयों के बरसाए गए ईंट-पत्थरों का इस्तेमाल करके नई पुलिस चौकियों का

3. भ्रष्टाचार के खिलाफ आंतरिक कार्रवाई (संभल- फरवरी 2026) पुलिस विभाग में भ्रष्टाचार मिटाने के लिए उन्होंने ऐतिहासिक कदम उठाए। अवैध वसूली के आरोपों की पुष्टि होने पर पूरी SOG टीम को सस्पेंड किया। काम में लापरवाही और अनुशासनहीनता के चलते एक साथ 39 पुलिसकर्मियों (जिनमें दरोगा और हेड कॉन्स्टेबल शामिल थे) को लाइन हाजिर किया।
4. माफिया पर बुलडोजर चलाया और संपत्ति जब्त की (मेरठ-गोरखपुर) मेरठ में अपनी पहली पोस्टिंग के दौरान विश्नोई ने कुख्यात माफिया बदन सिंह बद्दो के अवैध बंगले और बाजार पर बुलडोजर चलवाया। उसकी करोड़ों की संपत्ति कुर्क की। गोरखपुर में एसपी सिटी रहते हुए संगठित अपराधियों के खिलाफ अभियान चलाकर लगभग 803 करोड़ की अवैध संपत्ति जब्त की।
5. वित्तीय और क्रिप्टो धोखाधड़ी पर नकेल संभल में बिटकॉइन निवेश के नाम पर करोड़ों की ठगी करने वाले जावेद हबीब के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी करवाया। साथ ही पीड़ितों का पैसा वापस दिलाने की प्रक्रिया भी शुरू की।
अब देखिए शादी के कार्ड

अब जानिए IPS अंशिका वर्मा के बारे में
अंशिका वर्मा प्रयागराज की रहने वाली हैं। अंशिका ने अपनी प्राथमिक शिक्षा नोएडा में की। साल 2014 से 2018 तक गलगोटिया कॉलेज से इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग में बीटेक की डिग्री हासिल की। उन्होंने UPSC परीक्षा के दूसरे अटेम्प्ट में 136वीं रैंक हासिल की थी।
अंशिका के पिता अनिल वर्मा यूपी विद्युत निगम लिमिटेड (UPPCL) से रिटायर्ड कर्मचारी हैं। मां वंदना वर्मा गृहिणी हैं। अंशिका की पहली पोस्टिंग 2021 में फतेहपुर सीकरी थाना, आगरा बतौर ट्रेनी ऑफिसर हुई। दूसरी पोस्टिंग गोरखपुर में बतौर ASP हुई। IPS अंशिका वर्मा इंस्टाग्राम पर काफी फेमस हैं। उनके 6 लाख से ज्यादा फॉलोअर हैं।

मार्च, 2025 में मिला था यह अवार्ड मार्च, 2025 में दिल्ली में ब्रिक्स चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के 5वें वार्षिक महिला शिखर सम्मेलन में अंशिका वर्मा को वुमेन ऑइकन अवार्ड से सम्मानित किया गया था। महिला सशक्तिकरण की दिशा में बेहतर कार्य के लिए उन्हें यह अवार्ड मिला था।
आगरा से शुरू हुआ पुलिस करियर
- ट्रेनिंग के बाद अंशिका वर्मा की पहली तैनाती आगरा में हुई।
- उन्हें फतेहपुर सीकरी थाने की जिम्मेदारी दी गई।
- उन्होंने मिशन शक्ति अभियान के तहत महिलाओं की सुरक्षा के लिए कई अभियान चलाए।
- आगरा में एक चर्चित हत्या के मामले का खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार किया।
गोरखपुर में जंगल में सक्रिय गैंग का भंडाफोड़ किया
- गोरखपुर में ASP रहते हुए अंशिका ने कुसुम्ही जंगल में महिलाओं के साथ हो रही लूट और रेप की घटनाओं की जांच की।
- सामने आया कि डायना उर्फ दयानंद उर्फ देवेंद्र गैंग बनाकर जंगल में वारदात कर रहा था।
- आरोपी खुद को कभी पुलिस तो कभी वन विभाग का अधिकारी बताता था।
- पुलिस ने करीब एक महीने की जांच और सर्च ऑपरेशन के बाद उसे गिरफ्तार किया।
- पूछताछ में पता चला कि वह लंबे समय से महिलाओं को निशाना बनाकर लूट और दुष्कर्म की वारदातें कर रहा था।
यूपी के बड़े फर्जी स्टांप घोटाले का खुलासा
- गोरखपुर में अंशिका को फर्जी स्टांप छापने वाले गैंग की सूचना मिली।
- जांच में पता चला कि गैंग बिहार के सिवान से नकली स्टांप छापकर पूर्वांचल के कई जिलों में बेच रहा था।
- पुलिस ने गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर और महाराजगंज में एक साथ छापेमारी कर करीब डेढ़ करोड़ रुपए के नकली स्टांप बरामद किए।
- इस ऑपरेशन में 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
- इस बड़े खुलासे के लिए अंशिका को डीजीपी के सिल्वर मेडल से सम्मानित किया गया।
बरेली में हत्या के सनसनीखेज केस का खुलासा
- नवंबर 2024 में बरेली के फरीदपुर क्षेत्र में हिस्ट्रीशीटर बब्लू उर्फ मल्हारे का शव सड़क किनारे मिला।
- शुरुआती जांच में यह हादसा लग रहा था, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने हत्या की पुष्टि की।
- अंशिका की टीम ने सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल सीडीआर के आधार पर जांच की।
- जांच में सामने आया कि जमीन के पैसों के विवाद में आरोपियों ने पहले बब्लू को बंधक बनाकर पीटा, फिर बोलेरो से कुचला।
- पुलिस ने मुख्य आरोपी सहित कई लोगों को गिरफ्तार कर केस का खुलासा किया।



