सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद जबलपुर की मदनमहल पहाड़ी पर चला बुलडोजर:715 परिवार होंगे विस्थापित, परीक्षा और शादी वाले घरों को कुछ दिन की मोहलत

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद शनिवार को जबलपुर की मदनमहल पहाड़ी को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए प्रशासन ने कार्रवाई शुरू कर दी। सुबह से ही राजस्व विभाग, नगर निगम और पुलिस की संयुक्त टीम पुरवा में ICMR के सामने वाले हिस्से में पहुंची और मकानों को खाली कराकर तोड़फोड़ की कार्रवाई शुरू की। कार्रवाई के दौरान कई परिवारों ने घर खाली करते हुए प्रशासन से कुछ समय की मोहलत देने की मांग भी की।
एसडीएम गोरखपुर अनुराग सिंह के अनुसार मदनमहल पहाड़ी से अतिक्रमण हटाने की शुरुआत पुरवा क्षेत्र से की गई है। पिछले कई दिनों से यहां मुनादी कर लोगों को अतिक्रमण हटाने के लिए कहा जा रहा था। शनिवार को निर्धारित योजना के अनुसार टीम ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई शुरू की है।
कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने कहा, माननीय उच्चतम न्यायालय के निर्देश के अनुपालन में आज से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई प्रारंभ की गई है। हमें इसका कंप्लायंस रिपोर्ट फाइल करना है। मदनमहल पहाड़ी की इक्कीस एकड़ जमीन पर 715 चिन्हित आवास हैं इनको अतिक्रमण मुक्त कराते हुए कंप्लायंस प्रतिवेदन दिया जाना है। यहां रह रहे लोगों के लिए हमने तेवर ग्राम में व्यवस्था कर रखी है। लोगों को प्लॉट आवंटन की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
पहले से जो सर्वे हुआ था उसके आधार पर सर्वे में जिनका भी नाम रहा है उनको हम लोग यहां पर स्थापित करके उनके सेटलमेंट की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

7 मार्च की सुबह 11 बजे मदनमहल की पहाड़ी का पुरवा क्षेत्र छावनी में तब्दील हो गया। यहां भारी तादाद में पुलिस बल तैनात रहा साथ की क्षेत्रीय एसडीएम अनुराग सिंह समेत तमाम प्रशासनिक अमला मौजूद रहा। नगरनिगम के अतिक्रमण दस्ते के करीब 100 कर्मचारी मकानों को खाली कराने में लगे हुए हैं। 12 बजे तक कुछ घरों को चिन्हित कर उन्हें खाली कराया गया। इसके बाद उनमें तोड़फोड़ शुरू कर दी गई।
जिनके घर टूट रहे थे वे महिलाएं, बच्चे अपने उन घरों को उदास चेहरे के साथ खामोशी से टूटता हुआ देख रहे हैं जिनमें वो कई सालों से रह रहे हैं। वहीं कुछ महिलाएं पुरुष पुरवा क्षेत्र के दुर्गा मंदिर में इकट्ठे होकर इस कार्रवाई का विरोध कर रहे हैं। हमने विरोध करने वाले लोगों से बात की।
बच्चे ने कहा- परसों से हमारा पेपर है टूट रहे घर के सामने खड़े एक चौथी कक्षा के बच्चे लोकेश वाल्मीक ने कहा, पास ही हमारा स्कूल है। 9 तारीख दे पेपर है। अब हमें यहां से हटाया जा रहा है। तेवर गांव भेजा जा रहा है। ऐसे में हम पेपर नहीं दे पाएंगे। मैडम डांटेगी।
महिला ने कहा, सबकी व्यवस्था की जाए कार्रवाई के दौरान रहवासियों ने प्रशासन से पूरे मोहल्ले के लिए एक साथ व्यवस्था करने की मांग की। साथ ही 1 महीने की मोहलत देने की मांग की है। उनका कहना था कि कई परिवार वर्षों से यहां रह रहे हैं लेकिन दूसरी जगह कुछ ही लोगों को प्लॉट दिए जा रहे हैं। अचानक घर खाली करना उनके लिए मुश्किल है।
स्थानीय निवासी शीला और पुष्पा ने कहा कि हम लोग यही मांग कर रहे हैं कि पूरे मोहल्ले के लिए पहले व्यवस्था की जाए। जब तक सभी परिवारों के रहने की व्यवस्था नहीं होगी, तब तक हम लोग घर खाली कैसे करेंगे?
दीपक विश्वकर्मा ने कहा, हम जानते हैं ये हमारी जमीन नहीं है। सरकारी जमीन है। लेकिन हमारे साथ इंसाफ होना चाहिए, मै यहां पैदा हुआ। खेला पला बढ़ा। 30 साल से यहां रह रहा हूं। पहले हमारा 3 लोगों का परिवार था आज 15 लोगों का परिवार है। अब हमारे घर में एक परची मिली है तो अब बाकी लोग कहां रहेंगे। एक प्लॉट में क्या पूरा परिवार आ जाएगा।
कार्रवाई के दौरान अभिषेक सिंह ने कहा, पहले भी हमने यहां लोगों के साथ जनसंवाद किया था उन्हें कार्रवाई की जानकारी दी थी सत्य ये भी बताया था कि उन्हें किस तरह विस्थापित किया जाएगा। हो सकता है कुछ परिवार उस वक्त यहां मौजूद ना रहे हों। उनकी कुछ आशंकाएं थीं आज हमने उनसे भी बात कर उनके संदेहों को दूर किया है। उनको संतुष्ट करने का प्रयास किया गया है। अभी कुछ लोग संतुष हुए हैं। जानकारी मिली है कि कुछ घरों में शादी है, गामी हो गई है, बच्चों का एग्जाम भी है। ऐसे में प्रशासन प्रत्येक घरों के जाकर जांच करेगी। जिन घरों में इस तरीके को समस्याएं हैं उन्हें उचित समय दिया जाएगा। इसके अलावा बाकी के अतिक्रमण की हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
पिछले सर्वे के बाद करीब साढ़े 6 सौ परिवार अभी भी अतिक्रमण में हैं। एक बार इन सभी को हटा दिया गया था। इनके द्वारा दोबारा अतिक्रमण किया गया है। अब इन सभी को ग्राम तेवर में शिफ्ट किया जा रहा है। कुछ ऐसे भी लोग हैं जिन्होंने नया अतिक्रमण किया है। उन्हें लिस्ट नहीं किया जाएगा। उन्हें तेवर में जगह नहीं दी जाएगी। उन्हें केवल हटाया जाएगा।


