जयपुर

राजस्थान-समय से पहले फूल खिले , आशंका- 55 डिग्री पहुंचेगा तापमान:ज्योतिषाचार्य बोले- ग्रहों की स्थिति बढ़ाएगी हीटवेव, जानें- क्या बोले मौसम एक्सपर्ट

राजस्थान में इस बार 2026 की गर्मी पिछले कई दशकों का रिकॉर्ड तोड़ सकती है। वैज्ञानिक अनुमान और पर्यावरणीय संकेत दोनों इस ओर इशारा कर रहे हैं कि इस बार ‘अर्ली और एक्सट्रीम समर’ के लिए तैयार रहना होगा।

पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि रोहिड़ा (टीक का पेड़) के पेड़ों में फूल समय से पहले आ रहे हैं, यह संकेत पर्यावरण के हिसाब से अनुकूल नहीं है। अनुमान है कि मौसम में बड़ा फेरबदल होगा और भीषण गर्मी का दौर शुरू हो सकता है।

मौसम वैज्ञानिकों के साथ पर्यावरण विशेषज्ञ और ज्योतिषियों का आंकलन है कि इस बार तापमान पिछले सालों की तुलना में ज्यादा रह सकता है। ग्रहों की स्थिति भी हीट वेव के अनुकूल है। आशंका है कि तापमान 50 से 55 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है।

तस्वीर मई, 2024 की है। जब भारत-पाक बॉर्डर (बाड़मेर से लगती सीमा क्षेत्र में) पर तापमापी में तापमान 50 डिग्री सेल्सियस को पार कर गया था। हालांकि मौसम विभाग ने इसे आधिकारिक आंकड़ा नहीं बताया था।

 

‘लॉन्ग रेंज फॉरकास्ट’ में हीटवेट की चेतावनी

मौसम विभाग ने मार्च- मई तक का पूर्वानुमान जारी कर दिया है। इसमें इस बार की गर्मी पिछले सालों की तुलना में ज्यादा हॉट होने की आशंका जताई जा रही है।

मौसम विभाग के निदेशक राधेश्याम शर्मा का कहना है- अभी जारी चेतावनी ‘लॉन्ग रेंज फॉरकास्ट’ है, यानी समय से काफी पहले की घोषणा है, जिसमें आंशिक परिवर्तन हो सकता है। इसके बाद भी मानना पड़ेगा कि इस बार गर्मी काफी तेज रह सकती है।

यह है मौसम विभाग का मार्च से मई तक का आंकलन

  • देश के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक रहेगा।
  • न्यूनतम तापमान भी सामान्य से ऊपर रहने की संभावना।
  • उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के कुछ हिस्सों में तापमान सामान्य या थोड़ा कम रह सकता है, लेकिन हीटवेव के दिन बढ़ सकते हैं।
  • राजस्थान जैसे शुष्क और अर्ध-शुष्क क्षेत्रों में लू की आवृत्ति बढ़ने की आशंका।
  • न्यूनतम तापमान पूरे देश में अधिक रहने के संकेत- यानी रातों में भी राहत कम मिलेगी।

जानलेवा लू चलने की आशंका

मार्च से मई के बीच उत्तर-पश्चिम और पश्चिम-मध्य भारत में लू के दिनों की संख्या सामान्य से ज्यादा रहने की संभावना। अस्पतालों में हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन के मामलों में बढ़ोतरी की आशंका है।

औसत बारिश होने का अनुमान

मौसम विभाग के निदेशक राधेश्याम शर्मा का कहना है- इस बार मार्च में देशभर में औसत वर्षा सामान्य रहने की संभावना है। उत्तर-पश्चिम भारत के कुछ हिस्सों में सामान्य से कम वर्षा के संकेत। राजस्थान में प्री-मानसून बारिश सीमित रहने पर तापमान और तेजी से चढ़ सकता है।

वहीं, महाराजा गंगा सिंह यूनिवर्सिटी के पर्यावरण विभागाध्यक्ष अनिल छंगाणी के अनुसार भी इस बार गर्मी काफी तेज रहेगी। तापमान 50 से 55 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है।

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