
अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जारी युद्ध के कारण दुबई में फंसे जोधपुर के 120 लोग आज लौट आए हैं। ये सभी लोग कथावाचक सूरसागर बड़ा रामद्वारा के संत अमृतराम महाराज के साथ गए थे।
जोधपुर आने पर लोगों ने कहा- 28 फरवरी को ब्लास्ट के बाद डर गए थे। वापस आने दुबई एयरपोर्ट गए तो होटल जाने को बोला गया। हमारे पास पैसे भी खत्म हो रहे थे। वहीं होटल वालों ने भी किराया बढ़ा दिया था।
ऐसे में दुबई में रहने वाले माहेश्वरी, माली, राजपुरोहित, जांगिड़, राजपूत समाज के लोगों ने मदद की। पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने फोन पर हाल-चाल जाना था।
वहीं जयपुर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से खाड़ी देशों के लिए संचालित होने वाली चार फ्लाइट्स को गुरुवार को लगातार पांचवें दिन भी रद्द कर दिया।
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जोधपुर से दुबई कथा सुनने गए थे
दरअसल, दुबई में जोधपुर के सूरसागर बड़ा रामद्वारा के संत अमृतराम महाराज की 24 से 28 फरवरी तक कथा थी। महाराज समेत जोधपुर शहर से 120 श्रद्धालु 23 फरवरी को दुबई गए थे। 28 फरवरी को कथा समापन के बाद वापस लौटना था, ऐसे में एयरपोर्ट पहुंच गए थे।
युद्ध के चलते सभी को एयरपोर्ट से वापस मीना बाजार स्थित एक होटल भेज दिया गया था। 120 भक्तों में से 76 यात्री दुबई से कोच्चि और 30 यात्री अहमदाबाद पहुंच गए थे। 14 लोग दुबई में थे। आज अलग-अलग रूट से सभी जोधपुर लौटे।
पढ़िए- दुबई से लौटे लोगों ने क्या कहा
1- सोशल मीडिया पर ज्यादा माहौल खराब बताया जा रहा
कैलाश भूतड़ा ने बताया कि दुबई में एयरपोर्ट बंद होने की वजह से फंस गए थे। जितना माहौल सोशल मीडिया के जरिए बताया जा रहा है,उतना खराब नहीं है। हालांकि केंद्र सरकार और वहां की सरकार से उन्हें कोई मदद नहीं मिली।
भूतड़ा ने बताया कि महाराज की कथा का एक लाख रुपए प्रति व्यक्ति का पैकेज था। यह बजट बढ़कर तीन लाख रुपए तक पहुंच गया। हालांकि फ्लाइट कैंसिल होने पर वहां भारत के रहने वाले लोगों से पैसों में काफी मदद मिली। कथा में ले जाने वाले महाराज का भी इतना सहयोग नहीं मिला।
2- दुबई में होटलों का किराया बढ़ाया
BJS के रहने वाले त्रिलोक नाथ ने बताया कि वो 23 फरवरी को गए थे। 28 की रात को वापस लौटने वाले थे, लेकिन युद्ध के चलते फ्लाइट भी कैंसिल हो गई। इसके बाद वापस होटल पहुंचे तो होटल वालों ने किराया बढ़ा दिया। वहां पर अभिमन्यु सिंघवी ने मदद की।
गोकुलजी की प्याऊ के रहने वाले ललित देवड़ा ने बताया कि युद्ध के चलते उन्हें एयरपोर्ट से वापस होटल जाना पड़ा था। एक कमरे के करीब बीस-बीस हजार रुपए लिए गए। इसके बाद माहेश्वरी समाज के दबाव में दस हजार रुपए किए। वहां से दो फ्लाइट मिली थी। एक शारजाह से कोच्चि और दूसरी दुबई से अहमदाबाद की फ्लाइट थी। जिसे जो फ्लाइट मिली, उससे भारत आए और अब अपने-अपने हिसाब से जोधपुर आए।
3- दुबई में भारत के लोगों से मिली मदद
सूरसागर बड़ा रामद्वारा के संत अमृतराम महाराज ने बताया कि दुबई का माहौल तो ठीक ही था, लेकिन 28 फरवरी को हुए ब्लास्ट के चलते एक दिन थोड़ी घबराहट रही। उस दिन 120 लोग साथ थे। यह चिंता थी कि इतने लोगों को कैसे मैनेज किया जाए, लेकिन सब ठीक हो गया। हालांकि वहां रह रहे भारत के लोगों ने खूब सेवा की।।
भारत आने की खुशी है। जिस प्रकार से बच्चा मां से मिलकर खुश होता है, उस प्रकार से उन्हें भी खुशी हुई है कि हम सब कुशलमंगल भारत पहुंच गए।
मनोहर दास महाराज ने बताया कि कथा के आखिरी दिन हम आबूधाबी जाने वाले थे, लेकिन वहां पर धमाका हो गया था। प्रति व्यक्ति का पैकेज करीब 90 हजार रुपए का था। हालांकि श्रद्धालुओं की ओर से अव्यवस्था की शिकायत के सवाल पर उन्होंने कहा कि ऐसा कुछ नहीं है।



