मध्य प्रदेश

रीवा शहर में नशीली सिरप के अवैध कारोबार ने एक बार फिर पुलिस व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए

रीवा शहर में नशीली सिरप के अवैध कारोबार ने एक बार फिर पुलिस व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हैरानी की बात यह है कि यह धंधा पुलिस अधीक्षक कार्यालय से महज करीब 200 मीटर की दूरी पर मेन रोड पर खुलेआम चल रहा है। पुराना बस स्टैंड स्थित इको पार्क के पास फल के ठेले की आड़ में कोरेक्स कफ सिरप की अवैध बिक्री किए जाने का मामला सामने आया है।

गुरुवार को इस मामले का एक वीडियो भी सामने आया है। यह वीडियो एक से 2 दिन पुराना बताया जा रहा है। जिसमें तस्कर सड़क पर खड़े होकर खुलेआम नशीली सिरप बेचते नजर आ रहा है। वीडियो में वह ग्राहक से कहता सुनाई दे रहा है, “ओरिजनल माल है, पीकर देखो।” बताया जा रहा है कि यहां एक बोतल कोरेक्स 450 रुपए में बेची जा रही है।

स्थानीय लोगों के मुताबिक दिन के समय संबंधित ठेले पर सामान्य रूप से फल बेचे जाते हैं, लेकिन इसी की आड़ में चोरी-छिपे नशीली सिरप की सप्लाई की जाती है। ग्राहक इशारों में सौदा तय करते हैं और बिना किसी डर के उन्हें नशा उपलब्ध करा दिया जाता है।

ऑपरेशन प्रहार पर उठ रहे सवाल

शहर में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे पुलिस के “ऑपरेशन प्रहार” पर भी अब सवाल उठने लगे हैं। सिविल लाइन थाना क्षेत्र, कोतवाली थाना क्षेत्र, गुढ़ चौराहा, धोबिया टंकी, बिछिया, चोरहटा सहित कई शहरी और ग्रामीण इलाकों में खुलेआम नशीली सिरप बिकने की शिकायतें सामने आ रही हैं। कबाड़ी मोहल्ला, जिसे कभी नशे का गढ़ माना जाता था, वहां भी मेन रोड पर अब तक यह अवैध कारोबार जारी है। जबकि यातायात थाना यहां से मात्र लगभग 100 मीटर की दूरी पर स्थित है।

जनप्रतिनिधि भी जता चुके चिंता

रीवा में बढ़ते नशे के कारोबार को लेकर सांसद जनार्दन मिश्रा और उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल भी चिंता जता चुके हैं। दोनों नेताओं ने सार्वजनिक रूप से कहा है कि बड़ी संख्या में युवा नशे की चपेट में आ रहे हैं। वहीं कांग्रेस विधायक अभय मिश्रा तो रीवा को “कोरेक्स सिटी” तक कह चुके हैं।

इस मामले को लेकर स्थानीय निवासी बीके माला का कहना है कि क्षेत्र में लंबे समय से खुलेआम नशीली सिरप की बिक्री हो रही है। कई बार शिकायत किए जाने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि पुलिस को तत्काल कार्रवाई कर इस अवैध कारोबार पर रोक लगानी चाहिए, क्योंकि इसकी वजह से इलाके के युवा तेजी से नशे की गिरफ्त में जा रहे हैं।

बिना पर्चे के शहर में ब्रिकी से लोगों में नाराजगी जानकारों का कहना है कि कोडीन युक्त कफ सिरप की बिना चिकित्सकीय पर्चे के बिक्री करना कानूनन अपराध है। इसके बावजूद यदि शहर के मुख्य इलाकों में खुलेआम इसकी बिक्री हो रही है, तो यह कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

अब देखना होगा कि पुलिस और प्रशासन इस मामले को कितनी गंभीरता से लेते हैं और कब तक कार्रवाई होती है।

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