मामा-भांजे ने जेल में बनाई गैंग-11…किन्नर-गुरु के घर डकैती डाली:बंधक बनाकर 22 तोला सोना, 4 किलो चांदी लूटा, कपड़े उतरवा कर अश्लील हरकतें की

मुरैना के अंबाह में किन्नर के घर हुई डकैती के मामले में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। वारदात को मामा-भांजे की जोड़ी ने अंजाम दिया था। मामा-भांजे ने जेल में मिले 9 अन्य लोगों को इसमें जोड़ा और पांच दिन में तीन जगह हाथ आजमाया।
दो बार बदमाश नाकाम रहे, लेकिन तीसरी बार अंबाह में किन्नर के घर डकैती डालकर फरार हो गए। डकैतों ने बंधक बनाकर अश्लील हरकतें भी की थीं।
पुलिस के मुताबिक, पकड़े गए और फरार सभी आरोपी पहले भी मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में वारदातों में शामिल रहे हैं।
अब तक भांजा सुनील निषाद सहित 5 बदमाश गिरफ्त में आ चुके हैं। वहीं मामा सुरेश निषाद समेत 6 आरोपी अभी भी फरार हैं।
मामा-भांजे की जोड़ी ने 11 लोगों का डकैत गिरोह कैसे खड़ा किया, इसे लेकर दैनिक भास्कर टीम ने पुलिस और आरोपियों से बातचीत की।
जांच में सामने आया कि गिरोह में शामिल 11 में से 9 आरोपी निषाद समाज से हैं, जबकि दो मुस्लिम और तोमर युवक भी इस गैंग का हिस्सा है।
पांच दिन, तीन वारदातें: पाली में फेल, कैलारस में खाली हाथ, अंबाह में लूट
- डकैती- 1: 13 जनवरी की रात मामा-भांजे की गैंग राजस्थान के पाली जिले के सराफा बाजार पहुंची। गैंग गैस कटर के साथ थी और एक दुकान को काटना शुरू भी कर दिया, लेकिन तभी बाजार में हलचल मच गई। लोगों के जाग जाने से डरकर बदमाशों को बिना डकैती किए ही भागना पड़ा। यह पहला मौका था, जब गैंग का प्लान फेल हो गया।
- डकैती- 2: 16 जनवरी को मुरैना जिले के कैलारस कस्बे में बदमाशों ने सिकरवार परिवार को बंधक बनाकर चोरी-डकैती की घटना को अंजाम दिया। यहां उन्हें उम्मीद के मुताबिक सोना-चांदी या नकदी नहीं मिली। कैलारस पुलिस ने चोरी का केस दर्ज किया था। उसी रात गैंग ने कैलारस के सराफा बाजार में भी सीसीटीवी कैमरों के तार काटे, लेकिन वहां भी वारदात करने में नाकाम रहे।
- डकैती- 3: 17 जनवरी की रात करीब 2 बजे बदमाश सफेद एसयूवी से अंबाह में किन्नर के घर पहुंचे। खेतों के रास्ते छत पर चढ़े। गैस कटर से गेट काटकर घर में घुस गए। राबिया किन्नर और रिया को हथियारों की नोक पर बंधक बनाकर 4 किलो चांदी, 22 तोला सोना और करीब 4 लाख रुपए ले गए। पहचान छिपाने के लिए सीसीटीवी का डीवीआर भी ले गए।

डकैती में शामिल सभी 11 आरोपी हार्डकोर अपराधी
इस गिरोह की शुरुआत मामा सुरेश निषाद और भांजा सुनील निषाद की जोड़ी से हुई। दोनों लंबे समय से आपराधिक गतिविधियों में सक्रिय रहे हैं। जेल में बंद रहने के दौरान उनकी पहचान अन्य अपराधियों से हुई। एक ही समाज और जाति से जुड़े होने के साथ-साथ अपराध करने का तरीका समान होने के कारण इनके बीच नजदीकियां बढ़ीं।
जेल से रिहा होने के बाद मामा-भांजे ने संपर्क बनाए रखा और धीरे-धीरे 9 लोगों को जोड़कर गैंग तैयार कर ली। जांच में सामने आया है कि इस डकैती में शामिल सभी 11 आरोपी हार्डकोर अपराधी हैं। इनके खिलाफ मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में केस दर्ज हैं। भिंड जिले के उदी मोड़


