यूपी में फिर से मौसम बिगड़ रहा,10 जिलों में अलर्ट:कानपुर में 55 साल का रिकॉर्ड टूटा, सबसे गर्म फरवरी की रात

। 30.4 डिग्री के साथ प्रयागराज दूसरे नंबर पर रहा। जबकि कानपुर में सीजन की सबसे गर्म रात रही। यहां 55 साल का रिकार्ड टूट गया। न्यूनतम पारा 16.6°C दर्ज किया गया।
लखनऊ के मौसम वैज्ञानिक अतुल सिंह ने कहा-
उत्तराखंड में बर्फबारी हुई तो इससे पारा में गिरावट देखने को मिलेगी। फिलहाल यूपी में किसी बड़े वेदर सिस्टम के सक्रिय होने के संकेत नहीं हैं। ऐसे में हल्की बारिश के बाद मौसम के शुष्क और साफ होने के आसार हैं। आने वाले दिनों में दिन में हल्की गर्माहट बनी रह सकती है, जबकि रात के तापमान में हल्का उतार-चढ़ाव जारी रहेगा।


कुशीनगर में शुक्रवार सुबह 5 बजे घने कोहरे के चलते नेशनल हाईवे-730 पर 5 से अधिक वाहन टकरा गए। हादसा रामकोला के इंद्रसेनवा गांव के मोड़ के पास हुआ।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि सबसे पहले एक मैजिक वाहन गन्ने से लदी ट्रैक्टर-ट्रॉली से टकराकर सड़क पर पलट गई। सड़क पर विजिबिलिटी बेहद कम होने के कारण पीछे से आ रही दो अन्य मैजिक वाहन, एक ऑटो और दो-तीन बाइक सवार भी गन्ना लदी ट्रेलर से टकरा गए।

रात का तापमान बढ़ा, अब फिर गिरेगा गुरुवार को पश्चिमी यूपी के आगरा, मेरठ और मुरादाबाद मंडल में दिन के तापमान में 2 से 4 डिग्री तक की गिरावट दर्ज की गई। वहीं, पूर्वांचल और बुंदेलखंड के कई जिलों में दिन का तापमान सामान्य से अधिक रहा।
पिछले 24 घंटों में अयोध्या, कानपुर, लखनऊ और बरेली मंडल में रात के तापमान में 2 से 4 डिग्री तक की बढ़ोतरी हुई। मौसम विभाग का कहना है कि अगले 2 से 3 दिनों में न्यूनतम तापमान में फिर 2 से 4 डिग्री तक की गिरावट आ सकती है, जिससे रातें ठंडी होंगी।
गेहूं-सरसों की फसल गिरी तो पैदावार कम होगी
विशेषज्ञों ने किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी है। कहा है कि अगर तेज हवा के साथ बारिश होती है, तो गेहूं और सरसों की फसल गिर सकती है। इससे दाने कमजोर हो सकते हैं और पैदावार पर असर पड़ सकता है। मौसम विभाग ने कटी हुई फसलों को खुले में न रखने और सुरक्षित जगह पर भंडारण करने की सलाह दी है।
अब तक कैसा रहा मौसम नोएडा स्थित स्काईमेट वेदर के मौसम विशेषज्ञ महेश पलावत बताते हैं- यूपी में 2 साल के मुकाबले इस बार कम ठंड रही। दिसंबर-जनवरी में औसत अधिकतम और न्यूनतम तापमान सामान्य से ज्यादा रहे। 1 जनवरी से 11 फरवरी के बीच 36 फीसदी की कमी देखी गई। इस बार एक्सट्रीम ठंड देखने को नहीं मिली। ला-नीना एक्टिव न होने की वजह से ठंड ज्यादा नहीं पड़ सकी।
लखनऊ मौसम विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक मोहम्मद दानिश भी यही बताते हैं कि इस बार प्रदेश में सर्दियों के मौसम में पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टर्बेंस) की सक्रियता भी कम रही। इससे ठंड के सीजन में बारिश भी सामान्य से कम हुई।
बीएचयू के मौसम वैज्ञानिक प्रोफेसर मनोज श्रीवास्तव बताते हैं- अब ठंड अपने अंतिम चरण में है। आने वाले दिनों में तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी होगी। अभी वसंत का मौसम चल रहा है। अगले 2-3 हफ्तों तक मौसम में ज्यादा बदलाव नहीं होगा। इस दौरान सुबह और रात में हल्की ठंड रहेगी, जबकि दोपहर में धूप थोड़ी तेज महसूस होगी।
वेदर एक्सपर्ट महेश पलावत के अनुसार, 18 फरवरी के आसपास यूपी के कई जिलों में हल्की बूंदाबांदी देखने को मिल सकती है। इसमें हाथरस, मथुरा, प्रयागराज, वाराणसी, बांदा, ललितपुर और झांसी जैसे इलाके शामिल हैं।