यूपी में ‘घूसखोर पंडत’ के खिलाफ ब्राह्मणों का अर्धनग्न प्रदर्शन:अपर्णा भड़कीं, बोलीं- यह ठीक नहीं, मौलाना शहाबुद्दीन ने कहा- फिल्म पर बैन लगे

यूपी में मनोज बाजपेयी की फिल्म ‘घूसखोर पंडत’ के नाम को लेकर विरोध जारी है। आगरा में ब्राह्मण समाज के लोगों ने अर्धनग्न होकर प्रदर्शन किया और शंखनाद किया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि ब्राह्मणों का अपमान बंद होना चाहिए। उनकी सामाजिक और धार्मिक भावनाओं को बार-बार आहत किया जाता है।
भाजपा नेता अपर्णा यादव ने कहा कि इस तरह की असंवेदनशील बातें कहना या लिखना, वह भी एक ऐसे समाज के बारे में जिसने पूरी दुनिया में सनातन संस्कृति को जीवित रखा है, ठीक नहीं है। बरेली के मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने कहा कि फिल्म ‘घूसखोर पंडित’ पर प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए।
वहीं, विदेश राज्यमंत्री कीर्तिवर्धन सिंह ने कहा-
फिल्म में ब्राह्मण समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का घृणित प्रयास किया गया है। जातिसूचक और आपत्तिजनक भाषा व चित्रण निंदनीय है और यह सामाजिक ताने-बाने के साथ खिलवाड़ है।

लखनऊ में गुरुवार को फिल्म के डायरेक्टर के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। शिकायत सीएम के निर्देश पर हजरतगंज कोतवाली में इंस्पेक्टर विक्रम सिंह ने एफआईआर कराई थी। पुलिस का कहना है कि फिल्म का नाम और इसकी कहानी एक खास जाति और समुदाय, विशेष रूप से ब्राह्मण समाज को गलत तरीके से दिखाती है। इससे लोगों में नाराजगी फैल सकती है और कानून-व्यवस्था बिगड़ने का खतरा है।

फिल्म के बारे में जानिए
- फिल्म ‘घूसखोर पंडत’ को नीरज पांडेय और रीतेश शाह डायरेक्ट कर रहे हैं। फिल्म में मनोज बाजपेयी, नुसरत भरूच और श्रद्धा दास प्रमुख किरदारों में नजर आ रहे हैं। इसका टीजर तीन फरवरी को रिलीज हुआ था। फिल्म इसी साल नेटफ्लिक्स पर रिलीज होगी।
- टीजर में मनोज बाजपेयी सीनियर इंस्पेक्टर अजय दीक्षित के किरदार में नजर आ रहे हैं, जिन्हें दिल्ली में ‘पंडत’ के नाम से जाना जाता है। फिल्म में उन्हें एक बदनाम पुलिस अधिकारी के रूप में दिखाया गया है।
- टीजर के मुताबिक, दीक्षित 20 साल पहले सब-इंस्पेक्टर के रूप में भर्ती हुए थे। अपने कारनामों की वजह से उन्हें बार-बार डिमोट किया गया। एक बार वो घायल लड़की को बचाने के चक्कर में बुरी तरह फंस जाते हैं, जिससे उनकी जिंदगी बदल जाती है। नीरज पांडेय वही निर्देशक हैं, जिन्होंने एमएस धोनी : द अनटोल्ड स्टोरी और बेबी जैसी फिल्में बनाई हैं।