
देश की हवाई सुरक्षा को और मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम उठाया गया है। रक्षा खरीद बोर्ड ने फ्रांस की विमान निर्माता कंपनी डसॉल्ट एविएशन से 114 राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद के प्रस्ताव को अपनी मंजूरी दे दी है।
रक्षा सूत्रों के अनुसार, अब इस प्रस्ताव को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली रक्षा अधिग्रहण परिषद के समक्ष रखा जाएगा। वहां से स्वीकृति मिलने के बाद इस सौदे को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता वाली सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति के पास अंतिम मंजूरी के लिए भेजा जाएगा

अगले महीने तक अंतिम समझौते पर हस्ताक्षर
बताया जा रहा है कि भारतीय वायु सेना ने पिछले साल रक्षा मंत्रालय को 114 राफेल लड़ाकू विमानों की आवश्यकता से जुड़ा औपचारिक प्रस्ताव सौंपा था। सूत्रों का कहना है कि भारत और फ्रांस के बीच इस रक्षा सौदे पर अगले महीने तक अंतिम समझौते पर हस्ताक्षर हो सकते हैं।
यह खरीद अंतर-सरकारी समझौते के तहत की जाएगी, जिससे किसी भी तरह के बिचौलिए की भूमिका नहीं होगी और सौदे में पारदर्शिता बनी रहेगी।
26 राफेल-मरीन लड़ाकू विमानों की खरीद
गौरतलब है कि इससे पहले पिछले वर्ष अप्रैल में भारत ने नौसेना के लिए करीब 63 हजार करोड़ रुपये की लागत से 26 राफेल-मरीन लड़ाकू विमानों की खरीद का करार किया था। इस समझौते में 22 सिंगल-सीटर और चार ट्विन-सीटर ट्रेनर विमान शामिल हैं, जिनकी आपूर्ति 2031 तक पूरी होने की संभावना है।



