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आर्मी डे परेड की प्रैक्टिस में दिखे स्वदेशी डॉग्स:चश्मा लगाए मुधोल हाउंड ने खींचा ध्यान, टैंक-मिसाइल और आधुनिक युद्ध क्षमता के साथ करेंगे कदमताल

जयपुर में पहली बार सैन्य छावनी की सीमाओं से बाहर आयोजित की जा रही आर्मी डे परेड इस बार कई मायनों में खास होने वाली है। 15 जनवरी 2026 को जगतपुरा की महल रोड पर होने वाली इस परेड में इंडियन आर्मी की अलग-अलग बटालियन के साथ टैंक, मिसाइल, ड्रोन तकनीक और आधुनिक युद्ध क्षमताओं का प्रदर्शन किया जाएगा। परेड का एक अहम आकर्षण सेना के स्पेशल डॉग्स भी होंगे, जिनकी झलक इन दिनों चल रही प्रैक्टिस में देखने को मिल रही है। सोमवार को जगतपुरा महल रोड पर हुई प्रैक्टिस के दौरान इंडियन आर्मी में शामिल मुधोल हाउंड, रामपुर हाउंड, चिप्पिपराई, कोम्बई और राजपालयम जैसी स्वदेशी नस्लों के डॉग्स ने परेड अभ्यास किया। चश्मा लगाए मुधोल हाउंड ने खास तौर पर ध्यान खींचा, जिसे उसकी चुस्ती, फुर्ती और आक्रामकता के लिए जाना जाता है। इससे एक दिन पहले रविवार को हुई प्रैक्टिस में आर्मी के रोबोट डॉग्स भी परेड अभ्यास का हिस्सा बने थे, जो सेना में आधुनिक तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल को दिखाता है।

विदेशी नस्ल से है अलग पहचान

सेना में शामिल इन स्वदेशी डॉग्स की खासियतें इन्हें फौजी श्वान बनने के लिए उपयुक्त बनाती हैं। दुबला-पतला शरीर होने के बावजूद इनमें जबरदस्त चुस्ती, फुर्ती और आक्रामकता होती है, जो इन्हें विदेशी नस्लों से अलग पहचान देती है। सूंघने की मजबूत क्षमता और खोजी प्रवृत्ति के कारण ये गार्ड और असाल्ट दोनों तरह की जिम्मेदारियों में कारगर होते हैं। मुधोल हाउंड वफादार और रिजर्व स्वभाव का माना जाता है, चिप्पिपराई स्वतंत्र और शांत रहता है, राजपालयम साहसी और क्षेत्र को कंट्रोल करने वाला होता है, जबकि रामपुर हाउंड सतर्क और अपनों के प्रति स्नेह रखने वाला स्वभाव रखता है।

भारतीय सीमाओं पर तैनात है ये स्पेशल डॉग्स ये स्वदेशी डॉग्स देश के सामरिक और संवेदनशील इलाकों में तैनात हैं। भारत-पाकिस्तान और भारत-बांग्लादेश सीमा, नक्सल प्रभावित इलाके और अन्य ऑपरेशनल ड्यूटी में इनकी अहम भूमिका रहती है। जयपुर में हो रही आर्मी डे परेड की प्रैक्टिस के जरिए आम लोग पहली बार इन फौजी डॉग्स, आधुनिक सैन्य उपकरणों और सेना की तैयारियों को करीब से देख पा रहे हैं।

9, 11 और 13 जनवरी को आम आदमी देख सकेंगे परेड

यह आर्मी डे परेड पहली बार सैन्य छावनी के बाहर आयोजित की जा रही है। मुख्य परेड 15 जनवरी 2026 को महल रोड (जगतपुरा) पर होगी। इससे पहले 9, 11 और 13 जनवरी को सुबह 6 बजे से दोपहर 12 बजे तक इसकी रिहर्सल आयोजित की जाएगी, जिसे आम लोग भी देख सकेंगे। हर रिहर्सल और मुख्य आयोजन में करीब डेढ़ लाख लोगों के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है।

1 जनवरी से जारी है प्रैक्टिस

आर्मी डे परेड की तैयारियों के तहत 1 जनवरी से महल रोड पर लगातार प्रैक्टिस चल रही है, जो आयोजन दिवस तक जारी रहेगी। इस दौरान सुबह 5 बजे से दोपहर 1 बजे तक एनआरआई चौराहा से बॉम्बे हॉस्पिटल चौराहा तक महल रोड पर ट्रैफिक डायवर्ट किया गया है। प्रैक्टिस के दौरान लड़ाकू विमानों और हेलीकॉप्टर की फ्लाई-पास्ट, सैन्य टुकड़ियों का मार्च, टैंक, मिसाइल, ड्रोन तकनीक और आधुनिक युद्ध क्षमताओं का अभ्यास किया जा रहा है। सैन्य सुरक्षा बल की टुकड़ियां फ्लैग मार्च करती भी नजर आईं। इसके साथ ही नेपाल की आर्मी बैंड ने भी प्रैक्टिस में हिस्सा लिया। आम विजिटर्स के लिए बैठने और एंट्री की व्यवस्था 9, 11, 13 और 15 जनवरी को सुबह 6 बजे से दोपहर 12 बजे तक आम विजिटर्स को एंट्री दी जाएगी। विजिटर्स के बैठने की व्यवस्था अक्षय पात्र मंदिर के सामने की गई है। इस ओर आने के लिए डी-मार्ट सर्किल की तरफ से महावीर मार्ग और केन्द्रीय विहार मार्ग का उपयोग किया जा सकेगा।

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