यूपी में बूंदाबांदी, 4 दिन कड़ाके की ठंड पड़ेगी:कोहरे से ट्रक टकराए, जिंदा जलकर ड्राइवर कंकाल बना; कानपुर में 65 को हार्टअटैक

यूपी कड़ाके की ठंड और घने कोहरे की चपेट में है। नए साल पर मथुरा, हाथरस, बदायूं और फर्रुखाबाद समेत कई जिलों में हुई हल्की बारिश ने ठिठुरन बढ़ा दी है। शुक्रवार सुबह कानपुर, गोरखपुर, झांसी समेत 30 जिलों में घना कोहरा छाया रहा। कई जगह विजिबिलिटी शून्य से 10 मीटर तक सिमट गई।
राजधानी लखनऊ में दोपहर 12 बजे तक धूप के दर्शन नहीं हुए। ठंडी हवाओं की वजह से गलन बढ़ गई। इससे लोग ठिठुरते नजर आए। कानपुर में दिल के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। कार्डियोलॉजी में हार्ट अटैक के 65 मरीज भर्ती हुए। हैलट इमरजेंसी में ब्रेन स्ट्रोक के 15 मरीज आए। इनमें 7 को मृत अवस्था में लाया गया। ओपीडी में 509 लोगों की जांच की गई। फतेहपुर में ठंड से एक मजदूर की मौत हो गई।
कोहरे के चलते इटावा में दो ट्रकों की टक्कर हो गई। हादसे के बाद ट्रक में आग लग गई। जिससे ड्राइवर केबिन में फंसकर जिंदा जल गया। उसका सिर्फ कंकाल बचा। हरदोई में गन्ना लदी ट्रॉली में क्रेटा कार घुस गई। इसमें 4 लोग घायल हो गए। गोरखपुर समेत तमाम शहरों में 100 से ज्यादा ट्रेनें लेट चल रही हैं। 10 से ज्यादा फ्लाइट्स कैंसिल हैं, जबकि कई देरी से उड़ान भर रही हैं।
वहीं, शीतलहर की वजह से गोरखपुर-कानपुर में आज सभी स्कूलों की छुट्टी कर दी गई है। बाकी शहरों में स्कूल बदले हुए समय यानी सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक खुलेंगे।
पिछले 24 घंटे की बात करें तो प्रदेश बाराबंकी और हरदोई में सबसे ठंडा रहा, यहां न्यूनतम तापमान 6°C रिकॉर्ड किया गया। इसके बाद गोरखपुर में पारा 6.4°C, आजमगढ़ में 6.9°C और कानपुर में 7.2°C रिकॉर्ड किया गया। राजधानी लखनऊ में पारा 8.6°C रहा।
मौसम विभाग ने अगले चार दिन भीषण कोल्ड-वेव की चेतावनी जारी की है। घने कोहरे के बीच सुबह और रात के समय विजिबिलिटी बेहद कम रह सकती है। लोगों को सतर्क रहने और जरूरी न होने पर यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।
मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया-
प्रदेश में अगले 3 से 4 दिनों तक ठंड से राहत मिलने की संभावना नहीं है। सुबह और शाम के समय घना कोहरा छाए रहने से दृश्यता बेहद कम रहेगी, वहीं रात का तापमान सामान्य से कम रहेगा।

मौसम की तस्वीरें-


जनवरी में कैसा रहेगा मौसम?
- मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, 7 जनवरी तक प्रदेश में ठंड और कोहरे का असर बना रहेगा। न्यूनतम तापमान सामान्य से कम रहेगा। कुछ इलाकों में पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से हल्की बारिश या बूंदाबांदी भी देखने को मिल सकती है। पूरे महीने की बात करें तो शीतलहर के दिन औसत से 3 दिन अधिक रह सकते हैं।
- मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, वर्तमान में जारी ला-नीना परिस्थितियां धीरे-धीरे कमजोर होकर जनवरी–फरवरी–मार्च में तटस्थ स्थिति में बदल सकती हैं। इसके असर से जनवरी में प्रदेश के बड़े हिस्से में न्यूनतम तापमान सामान्य से कम रहने की संभावना है, जबकि अधिकतम तापमान सामान्य या उससे थोड़ा अधिक रह सकता है।