अयोध्या

अयोध्या में SBI बैंक मैनेजर सरयू में कूदा:पीठ से बैग तक नहीं उतारा, पत्नी को लास्ट लोकेशन भेजी

अयोध्या में SBI ब्रांच मैनेजर ने सरयू नदी में कूदकर जान दे दी। वह दोपहर 12 बजे पुल पर पहुंचे। वहां से पत्नी को लास्ट लोकेशन भेजी। इसके बाद पीठ पर लदा बैग बिना उतारे वह कूद गए। दिन का वक्त होने के चलते पुल पर भीड़भाड़ थी।

लोगों ने उन्हें कूदते देखा तो तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया। रात करीब 8 बजे मैनेजर का शव मिला। बैग में मिले कागजों से उनकी शिनाख्त राम बाबू सोनी (38) के रूप में हुई।

पुलिस ने रात को परिवार को जानकारी दी। राम बाबू सोनी गोंडा जिले के मनकापुर के रहने वाले थे। वह बहराइच में SBI ब्रांच में तैनात थे। बैंक मैनेजर ने सुसाइड क्यों किया? वजह अभी क्लियर नहीं हो पाई है।बैंक मैनेजर दवा खरीदने की बात बताकर घर से निकले थे। घर पर पत्नी और दोनों बेटियां हैं।

अब विस्तार से पूरी घटना पढ़िए…

घर से दवा लेने निकले, रास्ते में कूद गए: अयोध्या कोतवाली प्रभारी पंकज सिंह ने कहा- 31 दिसंबर को रामबाबू बैंक नहीं गए थे। वह सुबह घर से दवा लेने के लिए अयोध्या बाइपास के लिए निकले थे। दोपहर 12 बजे गोरखपुर हाईवे पर सरयू पर बने पुल के पास पहुंचे। वहां उन्होंने मां शोभा देवी से फोन पर बात की। फिर पत्नी को लास्ट लोकेशन भेज दी। इसके बाद फोन स्विच ऑफ करके नदी में कूद गए।

घर से दवा लेने की बात कहकर निकले थे: छोटे भाई ओम बाबू ने बताया- राम बाबू को सिरदर्द रहता था। वह दवा भी खाते थे। बुधवार को घर से दवा लेने की बात कहकर निकले थे। रास्ते में उन्होंने घरवालों से बात की। उसका बाद फोन ऑफ हो गया। रात में पुलिस से फोन पर उनके सुसाइड की जानकारी दी।

रामबाबू सोनी बहराइच में एसबीआई ब्रांच के मैनेजर थे। भाई ने बताया- वह सिरदर्द की दवाई खाते थे।

पत्नी हाउस वाइफ, 13 और 10 साल की दो बेटियां राम बाबू की 2011 में सिद्धार्थ नगर जिले के बांसी में रहने वाली ऐश्वर्या लक्ष्मी से शादी हुई थी। उनकी दो बेटियां हैं। बड़ी बेटी ओजस्वी 13 साल जबकि छोटी बेटी अन्वी 10 साल की है। पत्नी हाउस हैं। 15 दिन पहले यानी 15 दिसंबर को परिवार के साथ जन्मदिन मनाया था। पिता विश्वनाथ सोनी की 2001 में मौत हो गई थी।

राम बाबू की दो बेटियां हैं। बड़ी बेटी ओजस्वी 13 साल, जबकि छोटी बेटी अन्वी 10 साल की है।

25 दिन पहले ही बहराइच ट्रांसफर हुआ था भाई ने बताया राम बाबू की पहले असम एसबीआई में फील्ड अफसर की पोस्टिंग थी। उसके बाद यूपी में ट्रांसफर करा लिया था। पहले बस्ती में आरबीओ थे। 25 दिन पहले ही बहराइच में ट्रांसफर हुआ था।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सरयू पुल से कूदने वाले मैनेजर ने पीठ पर बैग टांग रखी थी।

सुसाइड क्यों किया? 2 एंगल पर पुलिस की जांच पुलिस के मुताबिक- राम बाबू जब पुल से सरयू में कूदे तो उनकी पीठ पर बैग था। जूते पहने हुए थे। बैग से मोबाइल फोन दवाएं और कागजात मिले हैं। हालांकि, अब तक कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। पुलिस 2 एंगल पर जांच कर रही है।

  1. राम बाबू को सिर दर्द की बीमारी थी। उसका इलाज चल रहा था। पुलिस को शंका है कि वह बीमारी से परेशान हो गए थे। या कुछ ऐसा डॉक्टरों ने बता दिया था जिससे वह टूट गए और डिप्रेशन में जाकर सुसाइड कर लिया।
  2. परिवार में किसी से कोई विवाद एंगल पर भी जांच की जा रही है। राम बाबू ने पत्नी को लास्ट लोकेशन भेजी। इससे पहले मां से बात की थी। ऐसी कोई और वजह नहीं दिख रही है जिस कारण वह सुसाइड करें।

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