यूपी में 3 दिनों तक भयंकर ठंड पड़ेगी:आज 45 जिलों में कोहरा, कुछ नहीं दिख रहा; बारिश जैसी गिर रही ओस


यूपी में शीतलहर और कोहरे का कहर जारी है। आगरा, गोरखपुर, कानपुर समेत 45 जिले घने कोहरे की चपेट में हैं। 18 जिलों में विजिबिलिटी शून्य पहुंच गई हैं। सड़कों पर सन्नाटा पसरा है। ओस की बूंदें बारिश जैसी पड़ रही हैं। गोरखपुर-बलिया में सुबह सड़क और फर्श भीगी नजर आई। आगरा में कोहरे में ताजमहल छिप गया।
मेरठ सबसे ठंडा जिला रहा। यहां का पारा 5.9 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। गोरखपुर, जालौन, वाराणसी रेलवे स्टेशनों पर 50 से ज्यादा ट्रेनें 2 से 10 घंटे की देरी से पहुंचीं। गोरखपुर एयरपोर्ट पर 4 फ्लाइट लेट आईं। इस बीच मौसम विभाग (IMD) ने 2–3 दिनों तक भयंकर ठंड की चेतावनी जारी की है। लोगों को बेवजह यात्रा करने से बचने की सलाह दी है।
बुलंदशहर में कोहरे के चलते ब्रेजा कार सड़क किनारे लगे नल से टकरा गई। टक्कर के बाद कार में आग लग गई। सेना के जवान ने कूदकर अपनी जान बचाई। थोड़ी देर में कार पूरी तरह जलकर राख हो गई।

आज 30 जिलों में कोहरे का ऑरेंज और 24 जिलों में यलो अलर्ट है। धूप निकलने के चांस कम हैं। शनिवार को कोहरे के चलते 5 सड़क हादसे हुए, जिनमें 30 गाड़ियां टकराईं। करीब 15 लोग घायल हुए। प्रदेश में बीते एक हफ्ते में ठंड की वजह से पांच लोगों की मौत हो चुकी है।
लखनऊ के मौसम वैज्ञानिक अतुल सिंह ने बताया-
पहाड़ों पर बर्फबारी हो रही है। इसके कारण प्रदेश में सर्दी में कमी आने के आसार नहीं हैं। अगले तीन दिनों में रात के साथ ही दिन में भी ठंड और बढ़ेगी।

मौसम की तस्वीरें देखिए-


ठंड को लेकर लोगों ने क्या कहा, पढ़िए
- कानपुर के शिवशंकर का कहना है कि ठंड बहुत है। कोहरा ज्यादा है। गाड़ी चलाने में दिक्कत हो रही है। ओस की बूंदें गिर रही हैं, जिससे ठिठुरन और बढ़ गई है।
- गोरखपुर में मॉर्निंग वॉक पर निकले फडवींद्र यादव ने कहा- आज पाला पड़ रहा है। इससे गलन बढ़ी है। हम लोग नियमित रूप से पार्क में आते हैं, जिससे थोड़ा आराम मिलता है।
फसलों के बचाव के लिए कृषि वैज्ञानिक डॉ. खलील खान ने बताया-
- मौसम पर नजर रखें, बदलते तापमान और कोहरे से फसलों में कीट और रोग बढ़ सकते हैं।
- गेहूं की बुवाई के 20-30 दिन बाद पहली सिंचाई के बाद जिंक की कमी दिखे तो 5 किलो जिंक सल्फेट +16 किलो यूरिया को 800 लीटर पानी में घोलकर प्रति हेक्टेयर छिड़काव करें।
- छोटी और चौड़ी पत्ती के खरपतवार के लिए सल्फोसल्फ्यूरान, मेटासल्फ्यूरॉन का छिड़काव करें या मेट्रीब्यूजिन का उपयोग पहली सिंचाई के बाद करें।
- सरसों के खेत में नमी कम हो तो हल्की सिंचाई जरूर करें।
- चने के पौधों में कटुआ कीड़े लगें तो क्लोरपाइरीफास का छिड़काव करें।
- टमाटर-मिर्च के पौधों में रोग ज्यादा हों तो डाईमेथोएट या इमिडाक्लोप्रिड को पानी में घोल कर छिड़काव करें।