उत्तर प्रदेश

बेटी को छुआ तो मां ने प्रेमी को मार डाला:कानपुर में बोली- मेरा खून खौल उठा था; 49 दिन बाद युवक का कंकाल मिला

‘गोरेलाल के साथ मेरे अवैध संबंध थे। लेकिन वह मेरी 13 साल की बेटी पर बुरी नजर रखता था। कहता था कि मुझे तुम्हारी बेटी के साथ शारीरिक संबंध बनाने हैं। मैंने जब मना किया तो उसने धमकी दी। कहने लगा- तेरे इकलौते बेटे को मारकर फेंक दूंगा। एक दिन उसने मेरी बेटी को बैड टच किया। यह देखकर मेरा खून खौल उठा।

मैंने उसी पल गोरेलाल को खत्म करने का मन बना लिया। मैंने अपने भतीजे ईशू को बुलाया। गोरेलाल को शराब पिलाई। फिर गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। शव को जंगल में फेंक दिया।’

यह कबूलनामा है कि चौबेपुर की रहने वाली लक्ष्मीदेवी गौतम का। पुलिस ने उसे और उसके भतीजे को अरेस्ट किया है। दोनों ने मिलकर 49 दिन पहले गोरेलाल का मर्डर किया था। पुलिस ने दोनों की निशानदेही से चौबेपुर के जंगल से गोरे लाल का कंकाल बरामद किया है।

कोर्ट में पेश करने के बाद दोनों को जेल भेज दिया गया। गोरेलाल 31 अक्टूबर से लापता था। परिजनों ने 2 नवंबर को थाने में गुमशुदगी लिखाई थी।

अब विस्तार से पढ़िए…

49 दिन बाद पुलिस ने गोरेलाल का कंकाल चौबेपुर के जंगल से बरामद किया।

महिला और युवक के बीच चार साल से था अफेयर डीसीपी वेस्ट दिनेश चंद्र त्रिपाठी ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर हत्याकांड का खुलासा किया। उन्होंने बताया, चौबेपुर के रौतापुर कला निवासी गोरे लाल 31 अक्टूबर को लापता हो गया था। पिता रामस्वरूप ने 2 नवंबर को गुमशुदगी लिखाई थी। इसके बाद सर्विलांस टीम को लगाया था।

पुलिस ने गांव वालों और रिश्तेदारों से बात की। पुलिस की जांच में पता चला कि बंशीपुरवा रौतापुर कला निवासी 35 साल लक्ष्मीदेवी गौतम से गोरे लाल से चार साल से अवैध संबंध थे। लक्ष्मी की 5 बेटियां और एक बेटा है।पूछताछ में लक्ष्मी ने बताया, 13 साल बेटी पर गोरे लाल की बुरी नीयत थी।

वह कहता था कि मुझे तुम्हारी बड़ी बेटी के साथ शारीरिक संबंध बनाने हैं। वह लगातार मुझ पर दबाव बना रहा था। मैं उसे लगातार मना कर रही थी। ऐसा कुछ नहीं करना है, वह मेरी बेटी है। तुम्हें चाचा कहती है। मगर वह नहीं मान रहा था।

पुलिस ने लक्ष्मी का नंबर सर्विलांस पर लगाया तो मर्डर का खुलासा हुआ।

मेरे सामने बेटी को गलत तरीके से छुआ लक्ष्मी ने बताया, एक दिन गोरेलाल ने मेरी बेटी को बुलाया। उसने मेरे सामने ही बैड टच किया। फिर मेरी तरफ देखकर मुस्कुराया। मेरी बेटी झेंप गई और वह रोते हुए बाहर भाग गई। दो-तीन दिन तक वह गुमसुम रही। मैंने गोरेलाल को मना किया तो उसने कहा कि अब अगर मुझे रोका या मेरे रास्ते में आई तो तेरे बेटे को मार दूंगा।

गोरेलाल जब भी आता, उसे छेड़ता था। मैं ये सब देख नहीं पा रही थी। ये सब बर्दाश्त के बाहर हो रहा था। फिर मैंने उसे मारने की प्लानिंग की। इसमें गांव शाह निवादा निवासी भतीजे ईशू को शामिल किया। मैंने ईशू को फोन कर बुलाया।

पुलिस ने बुआ और भतीजे को अरेस्ट कर जेल भेज दिया।

लड़की दिखाने के बहाने मायके ले गई, फिर मार दिया लक्ष्मी ने आगे खुलासा करते हुए बताया, एक दिन मैंने गोरेलाल से कहा कि मेरे मायके में एक लड़की है, उसे देख लो चलकर। तुम्हारी उससे शादी करा देंगे। गोरेलाल मेरे साथ चलने को तैयार हो गया। 31 अक्टूबर को मैं उसे अपने मायके लेकर शाह निवादा लेकर गई। यहां पर भतीजे ने उसे खूब शराब पिलाई। जब गोरे लाल नशे में हो गया तो उसका गमछे से गला घोंट दिया।

इसके बाद उसकी डेडबॉडी को घर से 300 मीटर दूर जंगल में फेंक दिया। शुक्रवार को पुलिस लक्ष्मी और ईशू को लेकर जंगल पहुंची। जहां से गोरे लाल का कंकाल बरामद किया।

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