
स्टार इंडिया न्यूज प्रतिनिधि। सरकारी अस्पतालों में यह पहला मौका है जब किसी मरीज पर एडवांस तकनीक से कैंसर की सर्जरी सफलतापूर्वक की गई है। एसएमएस मेडिकल कॉलेज के ऑन्कोलॉजी सर्जरी विभाग में बुधवार को 65 साल की महिला का करीब 8 घंटे तक ऑपरेशन चला।राजस्थान के सरकारी अस्पतालों में यह पहला मौका है जब किसी मरीज पर एडवांस तकनीक से कैंसर की सर्जरी सफलतापूर्वक की गई है। एसएमएस मेडिकल कॉलेज के ऑन्कोलॉजी सर्जरी विभाग में बुधवार को 65 साल की महिला का करीब 8 घंटे तक ऑपरेशन चला। इस जटिल सर्जरी को साइटोरिडक्शन सर्जरी (CRS) और HIPEC प्रक्रिया के माध्यम से किया गया।डॉक्टरों के अनुसार यह सर्जरी पेट और गर्भाशय में फैले कैंसर सेल्स को खत्म करने की सबसे उन्नत तकनीक मानी जाती है। इस प्रक्रिया की सफलता राजस्थान के चिकित्सा क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि के रूप में देखी जा रही है।
एसएमएस मेडिकल कॉलेज के ऑन्कोलॉजी सर्जरी विभाग के हेड और सीनियर प्रोफेसर डॉ. सुरेश सिंह ने बताया कि ऑपरेशन बुधवार सुबह 7:30 बजे शुरू हुआ और दोपहर 3:30 बजे तक चला। “यह सर्जरी 65 वर्षीय महिला के अंडाशय और बच्चेदानी में फैले कैंसर को पूरी तरह से हटाने के उद्देश्य से की गई। इसके दौरान ऑपरेशन थिएटर से पूरी प्रक्रिया लाइव दिखाई गई, जिसे प्रदेशभर के अन्य शहरों के सर्जनों ने भी देखा और सीखा,” उन्होंने कहा।साइटोरिडक्शन सर्जरी (CRS) पेट के अंदर फैले कैंसर को हटाने की एक व्यापक सर्जरी है। इसमें पेट में दिखाई देने वाले सभी ट्यूमर को सावधानीपूर्वक हटाया जाता है और प्रभावित अंगों के हिस्सों को भी निकाला जाता है, ताकि अधिकतम कैंसर सेल्स नष्ट किए जा सकें। CRS के बाद पेट में बची हुई माइक्रोस्कोपिक कैंसर कोशिकाओं को नष्ट करने के लिए हाइपरथर्मिक इंट्रापेरिटोनियल कीमोथैरेपी का इस्तेमाल किया जाता है।
राजस्थान के सरकारी अस्पतालों में यह पहला मौका है जब किसी मरीज पर एडवांस तकनीक से कैंसर की सर्जरी सफलतापूर्वक की गई है। एसएमएस मेडिकल कॉलेज के ऑन्कोलॉजी सर्जरी विभाग में बुधवार को 65 साल की महिला का करीब 8 घंटे तक ऑपरेशन चला। इस जटिल सर्जरी को साइटोरिडक्शन सर्जरी (CRS) और HIPEC प्रक्रिया के माध्यम से किया गया |
डॉक्टरों के अनुसार यह सर्जरी पेट और गर्भाशय में फैले कैंसर सेल्स को खत्म करने की सबसे उन्नत तकनीक मानी जाती है। इस प्रक्रिया की सफलता राजस्थान के चिकित्सा क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि के रूप में देखी जा रही है।
एसएमएस मेडिकल कॉलेज के ऑन्कोलॉजी सर्जरी विभाग के हेड और सीनियर प्रोफेसर डॉ. सुरेश सिंह ने बताया कि ऑपरेशन बुधवार सुबह 7:30 बजे शुरू हुआ और दोपहर 3:30 बजे तक चला। “यह सर्जरी 65 वर्षीय महिला के अंडाशय और बच्चेदानी में फैले कैंसर को पूरी तरह से हटाने के उद्देश्य से की गई। इसके दौरान ऑपरेशन थिएटर से पूरी प्रक्रिया लाइव दिखाई गई, जिसे प्रदेशभर के अन्य शहरों के सर्जनों ने भी देखा और सीखा,” उन्होंने एसएमएस अस्पताल में लाइव सर्जरी का आयोजन कर इसे अन्य सर्जनों के लिए भी देखा जा सका। प्रदेशभर के सर्जन ऑपरेशन थिएटर से जुड़कर इस एडवांस तकनीक का अनुभव प्राप्त कर सके। यह पहल राजस्थान के सरकारी स्वास्थ्य क्षेत्र में तकनीकी उन्नति की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

डॉ. सुरेश सिंह ने बताया कि इस तरह की जटिल सर्जरी पहले केवल बड़े निजी अस्पतालों में ही होती थी, लेकिन अब राजस्थान के सरकारी अस्पतालों में भी यह संभव हो गया है। “यह मरीजों के लिए जीवन बचाने और उनके इलाज।



