
स्टार इंडिया न्यूज प्रतिनिधि। उत्तर भारत से आ रही बर्फीली हवाओं के असर से प्रदेश के कई जिलों में तापमान तेजी से गिरने लगा है। खास तौर पर शेखावाटी क्षेत्र—सीकर, चूरू और झुंझुनूं—इस समय सबसे ज्यादा ठंड की चपेट में हैं।राजस्थान में कड़ाके की ठंड ने दस्तक दे दी है। उत्तर भारत से आ रही बर्फीली हवाओं के असर से प्रदेश के कई जिलों में तापमान तेजी से गिरने लगा है। खास तौर पर शेखावाटी क्षेत्र—सीकर, चूरू और झुंझुनूं—इस समय सबसे ज्यादा ठंड की चपेट में हैं। बुधवार को सीकर के फतेहपुर में न्यूनतम तापमान 1.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो इस सीजन का सबसे कम तापमान है। इससे पहले मंगलवार को इसी क्षेत्र में न्यूनतम तापमान 3.2 डिग्री था, लेकिन लगातार दूसरे दिन पारा गिरने से सर्दी और बढ़ गई।मौसम विभाग के अनुसार पिछले 48 घंटों से तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। उत्तरी राजस्थान के कई शहरों में रात का तापमान सामान्य से काफी नीचे पहुंच गया है। बीकानेर के लूणकरणसर में भी न्यूनतम तापमान 3.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जिससे पूरे इलाके में ठिठुरन बढ़ गई। शेखावाटी के विभिन्न क्षेत्रों में तापमान में 6 डिग्री तक की गिरावट देखी गई है, जिससे लोगों को सुबह और रात के समय ही कड़ाके की ठंड का सामना करना पड़ रहा है।

दिन के तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। बुधवार को प्रदेश के किसी भी शहर में अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस तक नहीं पहुंच पाया। श्रीगंगानगर, फलोदी, बीकानेर, चूरू, करौली और हनुमानगढ़ में अधिकतम तापमान औसत से कम रहा। सिरोही बुधवार को दिन में सबसे ठंडा जिला रहा, जहां अधिकतम तापमान 21.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। इसके अलावा अलवर, सीकर सहित कई जिलों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री के नीचे बना हुआ है, जिससे सर्दी का असर और तेज हो गया है।मौसम केन्द्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि अगले एक सप्ताह तक राजस्थान का मौसम साफ रहने की संभावना है, लेकिन इस दौरान ठंडी हवाएं और तेज होंगी, जिससे ठंड और बढ़ सकती है। उन्होंने बताया कि अगले 24 से 48 घंटों के भीतर उत्तरी राजस्थान में रात का तापमान 1 से 2 डिग्री तक और गिर सकता है। इसमें सीकर, चूरू और झुंझुनूं सबसे अधिक प्रभावित रहेंग।
मौसम केन्द्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि अगले एक सप्ताह तक राजस्थान का मौसम साफ रहने की संभावना है, लेकिन इस दौरान ठंडी हवाएं और तेज होंगी, जिससे ठंड और बढ़ सकती है। उन्होंने बताया कि अगले 24 से 48 घंटों के भीतर उत्तरी राजस्थान में रात का तापमान 1 से 2 डिग्री तक और गिर सकता है। इसमें सीकर, चूरू और झुंझुनूं सबसे अधिक प्रभावित रहेंग। मौसम विभाग ने 4 और 5 दिसंबर को सीकर, चूरू और झुंझुनूं जिलों में कोल्ड वेव को लेकर यलो अलर्ट जारी किया है। कोल्ड वेव की स्थिति में न्यूनतम तापमान बेहद तेजी से गिरता है और सामान्य से काफी नीचे पहुंच जाता है। ऐसे में लोगों को स्वास्थ्य और सुरक्षित रहने के लिए विशेष सावधानियां बरतने की सलाह दी गई है।स्थानीय प्रशासन ने भी लोगों से रात व सुबह के समय बाहर निकलते समय गर्म कपड़ों का उपयोग करने और बच्चों व बुजुर्गों को ठंडी हवाओं से बचाने की अपील की है। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को भी सतर्क करते हुए कहा कि लगातार गिरते तापमान का असर फसलों पर पड़ सकता है, इसलिए खेतों में सिंचाई और संरक्षण के उपाय समय पर करने चाहिए।मिलाकर राजस्थान में सर्दी अब अपने चरम की ओर बढ़ रही है। तापमान में लगातार गिरावट और ठंडी हवाओं के चलते आने वाले दिनों में ठिठुरन और बढ़ने की संभावना है। शेखावाटी समेत उत्तरी राजस्थान के जिलों में विशेष सतर्कता की जरूरत है, क्योंकि अगले दो दिन कोल्ड वेव की स्थिति और अधिक प्रभाव दिखा सकती है।
मौसम विभाग ने 4 और 5 दिसंबर को सीकर, चूरू और झुंझुनूं जिलों में कोल्ड वेव को लेकर यलो अलर्ट जारी किया है। कोल्ड वेव की स्थिति में न्यूनतम तापमान बेहद तेजी से गिरता है और सामान्य से काफी नीचे पहुंच जाता है। ऐसे में लोगों को स्वास्थ्य और सुरक्षित रहने के लिए विशेष सावधानियां बरतने की सलाह दी गई है।स्थानीय प्रशासन ने भी लोगों से रात व सुबह के समय बाहर निकलते समय गर्म कपड़ों का उपयोग करने
कुल मिलाकर राजस्थान में सर्दी अब अपने चरम की ओर बढ़ रही है। तापमान में लगातार गिरावट और ठंडी हवाओं के चलते आने वाले दिनों में ठिठुरन और बढ़ने की संभावना है। शेखावाटी समेत उत्तरी राजस्थान के जिलों में विशेष सतर्कता की जरूरत है, क्योंकि अगले दो दिन कोल्ड वेव की स्थिति और अधिक प्रभाव दिखा सकती है।
मौसम विभाग ने 4 और 5 दिसंबर को सीकर, चूरू और झुंझुनूं जिलों में कोल्ड वेव को लेकर यलो अलर्ट जारी किया है। कोल्ड वेव की स्थिति में न्यूनतम तापमान बेहद तेजी से गिरता है और सामान्य से काफी नीचे पहुंच जाता है। ऐसे में लोगों को स्वास्थ्य और सुरक्षित रहने के लिए विशेष सावधानियां बरतने की सलाह दी गई है।स्थानीय प्रशासन ने भी लोगों से रात व सुबह के समय बाहर निकलते समय गर्म कपड़ों का उपयोग करने और बच्चों व बुजुर्गों को ठंडी हवाओं से बचाने की अपील की है। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को भी सतर्क करते हुए कहा कि लगातार गिरते तापमान का असर फसलों पर पड़ सकता है, इसलिए खेतों में सिंचाई और संरक्षण के उपाय समय पर करने चाहिए।
कुल मिलाकर राजस्थान में सर्दी अब अपने चरम की ओर बढ़ रही है। तापमान में लगातार गिरावट और ठंडी हवाओं के चलते आने वाले दिनों में ठिठुरन और बढ़ने की संभावना है। शेखावाटी समेत उत्तरी राजस्थान के जिलों में विशेष सतर्कता की जरूरत है, क्योंकि अगले दो दिन कोल्ड वेव की स्थिति और अधिक प्रभाव दिखा सकती है।



