SIR के लिए सलीम 40 साल बाद गांव लौटा:हिंदू से मुस्लिम बन गया था; कानपुर में BLO का टाइम बदला

यूपी में SIR को लेकर हलचल बढ़ गई है। सपा समेत तमाम राजनीतिक दल इसे भाजपा की साजिश बता रहे हैं। चुनाव आयोग पर जल्दबाजी में पूरी प्रक्रिया कराने का आरोप लगा रहे हैं। अब तक SIR ड्यूटी में लगे 4 कर्मचारियों की मौत हो चुकी है। गाजियाबाद में लापरवाही के लिए 21 BLO पर FIR भी दर्ज की गई है।
इस बीच बरेली में हिंदू से मुस्लिम बना एक शख्स SIR के लिए 40 साल बाद वापस अपने गांव लौट आया। काशीपुर निवासी वेदराम के बेटे ओमप्रकाश महज 15 साल की उम्र में नाराज होकर घर छोड़कर चले गए थे। दिल्ली जाकर उन्होंने मुस्लिम धर्म अपना लिया और सलीम बन गए।
कई सालों तक जब ओमप्रकाश नहीं लौटे तो गांव वालों को लगा कि वो अब इस दुनिया में नहीं रहे। लेकिन, अब जब यूपी में SIR शुरू हुआ तो वे फॉर्म भरने अपने 15 साल के बेटे जुम्मन के साथ गांव वापस आ गए। गांव वालों को जब उनकी पहचान पता चली तो पहले उन्हें भरोसा नहीं हुआ। बाद में ग्रामीणों ने फूल-माला, बैंड-बाजे और जुलूस के साथ उनका स्वागत किया।

इस बीच कानपुर देहात के बीएसए ने उन सभी स्कूलों के समय में बदलाव किया है, जिन्हें मतदान केंद्र के रूप में उपयोग किया जा रहा है। इन विद्यालयों को अब सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक खोला जाएगा। BSA अजय कुमार मिश्र ने बताया- यह बदलाव विशेष रूप से उन स्कूलों पर लागू होगा, जहां SIR जैसे महत्वपूर्ण निर्वाचन संबंधी कार्य किए जा रहे हैं।
इस बीच लखनऊ में सपा की नई होर्डिंग लगी है। सपा कार्यालय के पास मोहम्मद इखलाक की तरफ लगवाई गई होर्डिंग में नोटबंदी, किसान कानून, कोविड और एसआईआर के सहारे भाजपा पर सवाल उठाए गए हैं। होर्डिंग पर लिखा है- ‘SIR ड्यूटी- कर्मचारियों की मजबूरी’, काम के दबाव में 10 से ज्यादा BLO की जान चली गई। ये सिर्फ आंकड़ा नहीं… हर संख्या के पीछे एक परिवार का उजड़ना है।’