गोरखपुर: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से अयोध्या राम मंदिर और गोरखनाथ मंदिर के खिलाफ बम धमकी से जुड़ा एक मामला सामने आया है। गोरखपुर रेंज के डीआईजी को दोनों मंदिरों को उड़ाने की धमकी भरा एक फोन कॉल मिला। इस कॉल से पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया और कॉल करने वाले का पता लगाने की कोशिशें तुरंत शुरू कर दी गईं। तेजी से कार्रवाई करते हुए पुलिस ने मोबाइल लोकेशन डेटा के जरिए युवक का पता लगा लिया। इस दौरान एक चौंकाने वाला तथ्य सामने आया: युवक मानसिक रूप से अस्थिर है। वह पहले भी इस तरह की परेशान करने वाली कॉल कर चुका था। सच्चाई सामने आने के बाद आरोपी को उसकी दादी के हवाले कर दिया गया। पूरी घटना के दौरान पुलिस टीम करीब एक घंटे तक हाई अलर्ट पर रही।
पूरा मामला क्या है?
डीआईजी को सीधे फोन कर राम मंदिर और गोरखनाथ मंदिर को बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी। जांच के दौरान कॉल करने वाले की पहचान कुशीनगर जिले के पटेरवा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बलुआ टकिया के निवासी के रूप में हुई। युवक की उम्र करीब 17–18 वर्ष है, और पता चला कि वह मानसिक रूप से अस्थिर है।
युवक की इस हरकत ने गोरखपुर एसओजी (स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप) और कुशीनगर के पटेरवा थाने की पुलिस के लिए काफी परेशानी खड़ी कर दी। धमकी मिलने के बाद डीआईजी ने तुरंत कार्रवाई के लिए पुलिस टीमों को रवाना कर दिया था। बाद की जांच में उसकी मानसिक अस्थिरता का पता चला।
पुलिस के आने से सहमे ग्रामीण
सोमवार देर रात मिली कॉल के बाद पुलिस टीम ने गहन जांच की। युवक का पता लगाने के बाद, मंगलवार सुबह पुलिस की गाड़ियां कुशीनगर के पटेरवा क्षेत्र के बलुआ टकिया गांव पहुंचीं। गाड़ियों की आवाज सुनकर ग्रामीणों को लगा कि कोई बड़ी घटना हो गई है। पुलिस ने युवक को पकड़कर थाने ले गई। बाद में टीम लौटी और युवक का मोबाइल फोन भी जब्त कर लिया। जांच में पुष्टि हुई कि किशोर मानसिक रूप से अस्थिर है। पुलिस पूछताछ में पता चला कि उसने पहले भी मोबाइल फोन से धमकियां दी थीं। पुलिस पूछताछ में लगातार यही संकेत मिला कि वह मानसिक बीमारी से ग्रस्त है। वह गांव में अपनी दादी के साथ रहता है। जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने लड़के को उसकी दादी के हवाले कर दिया।


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