अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने कच्चे तेल की कीमतों को फिर हवा दे दी है। कच्चा तेल 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है। इससे महंगाई को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। दूसरी तरफ अमेरिकी डॉलर और बॉन्ड यील्ड में तेजी ने भी सोने की चमक फीकी कर दी है। बाजार की नजर अब अगले सप्ताह होने वाली अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक पर है। 15 और 16 सितंबर 2026 को होने वाली इस बैठक में ब्याज दर को लेकर फैसला होना है। महंगाई के बढ़ते दबाव के बीच बाजार में फेड की ओर से ब्याज दर बढ़ाने की चर्चा तेज हो गई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कॉमेक्स गोल्ड इस सप्ताह करीब 1.50% गिरकर 4,408.90 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुआ।

एनरिच मनी के सीईओ Ponmudi R के मुताबिक, तेल की कीमतों में दोबारा आई तेजी ने महंगाई की आशंका बढ़ा दी है। इससे बाजार में अगले सप्ताह फेड की बैठक में ब्याज दर बढ़ने की संभावना को लेकर चिंता बढ़ी है। इसका सीधा असर सोने और चांदी जैसी कीमती धातुओं पर पड़ा है।
कच्चा तेल 104 डॉलर के पार, एक महीने में करीब 16% चढ़ा
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ने के साथ कच्चे तेल की कीमतें लगातार ऊपर जा रही हैं। WTI Crude Oil 104 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है। पिछले पांच कारोबारी सत्रों में इसमें करीब 9.6% की तेजी आई है, जबकि पिछले एक महीने में यह लगभग 16% चढ़ चुका है। Ponmudi R के मुताबिक, एनर्जी की बढ़ती कीमतें अब महंगाई के लिए बड़ी चिंता बनती जा रही हैं। अमेरिका में डीजल की कीमत भी पहली बार 6 डॉलर प्रति गैलन के ऊपर पहुंच गई है। कच्चे तेल की यह तेजी अब भू-राजनीतिक तनाव से निकलकर महंगाई और अमेरिकी फेड की मौद्रिक नीति तक असर डाल रही है। यही वजह है कि निवेशक सोने को लेकर फिलहाल सतर्क नजर आ रहे हैं।


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