मध्य प्रदेश से एक गंभीर वन्यजीव अपराध सामने आया है, जहाँ जंगली जानवरों का शिकार करने के लिए जंगल के भीतर एक तालाब में कथित रूप से ज़हर मिलाने के आरोप में तीन लोगों को गिरफ़्तार किया गया है।
अधिकारियों को संदेह है कि आरोपियों ने एक ऐसे जलस्रोत को निशाना बनाया, जहाँ जानवर अक्सर पानी पीने आते थे। जाँचकर्ताओं का मानना है कि योजना एक साथ कई जानवरों को ज़हर देने की थी, ताकि अवैध शिकार आसान हो जाए।
यह मामला तब सामने आया जब वन अधिकारियों ने नियमित निगरानी के दौरान तालाब के पास संदिग्ध गतिविधि देखी। बताया जा रहा है कि नज़दीकी जाँच में संदूषण के संकेत मिले, जिसके बाद परीक्षण के लिए पानी के नमूने एकत्र किए गए।
वन विभाग और स्थानीय पुलिस की एक संयुक्त कार्रवाई के चलते तीन संदिग्धों की गिरफ़्तारी हुई। जाँचकर्ता अब यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि आरोपी अकेले काम कर रहे थे या किसी बड़े शिकार गिरोह से जुड़े थे।
वन्यजीव विशेषज्ञों का कहना है कि जलस्रोतों में ज़हर मिलाना सबसे ख़तरनाक शिकार तरीक़ों में से एक है, क्योंकि यह किसी एक निशाने के बजाय जानवरों के पूरे समूहों को प्रभावित कर सकता है। हिरण, जंगली सूअर और कई छोटे जानवरों जैसी प्रजातियाँ ख़तरे में पड़ सकती थीं।
जाँच जारी रहने के बीच इलाके में निगरानी बढ़ा दी गई है। अधिकारियों का मानना है कि समय रहते हस्तक्षेप ने क्षेत्र के वन्यजीवों को बड़ी क्षति से बचा लिया होगा।


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