नई दिल्ली: एक असामान्य प्रशासनिक फेरबदल में, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC) ने 3 जुलाई को जारी अलग-अलग आदेशों के जरिए केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव के निजी स्टाफ के तीन प्रमुख सदस्यों को हटा दिया है।
आधिकारिक आदेशों के अनुसार, मंत्री के निजी सचिव के रूप में कार्यरत भारतीय राजस्व सेवा (IRS) अधिकारी अमर सिंह को तत्काल प्रभाव से उनके मूल विभाग—राजस्व विभाग—में वापस भेज दिया गया है। मंत्रालय के आदेश में कहा गया है कि यह निर्णय "प्रशासनिक आधार" पर लिया गया है।
अमर सिंह 2021 से भूपेंद्र यादव के निजी सचिव के रूप में कार्यरत थे, जब मंत्री श्रम एवं रोजगार विभाग संभाल रहे थे। बाद में कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) के दिशानिर्देशों के अनुरूप उनका कार्यकाल बढ़ाया गया था।
एक अलग आदेश में, मंत्री के अतिरिक्त निजी सचिव (APS) के रूप में कार्यरत शैलेश कुमार सिंह को कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) के तहत समय से पहले उनके मूल कैडर में वापस भेज दिया गया। आदेश में उन्हें तुरंत अपने मूल विभाग में रिपोर्ट करने का निर्देश दिया गया है।
मंत्रालय ने एक अन्य अतिरिक्त निजी सचिव, आयुष सरन की नियुक्ति भी तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी। यह निर्णय 2 जुलाई, 2026 के DoPT कार्यालय ज्ञापन के बाद जारी किया गया और सक्षम प्राधिकारी द्वारा अनुमोदित किया गया।
आदेशों की प्रतियां प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO), कैबिनेट सचिवालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) और अन्य संबंधित अधिकारियों को भेजी गई हैं।
पर्यावरण मंत्रालय ने एक आदेश में प्रशासनिक आधार का हवाला देने के अलावा तीनों अधिकारियों को एक साथ हटाए जाने के पीछे के कारणों का सार्वजनिक रूप से खुलासा नहीं किया है। इस फेरबदल की व्याख्या करते हुए न तो मंत्रालय और न ही मंत्री कार्यालय की ओर से कोई आधिकारिक बयान आया है।
फिलहाल, इन कार्मिक परिवर्तनों को किसी अनुशासनात्मक कार्रवाई या विशिष्ट जांच से जोड़ने का कोई आधिकारिक संकेत नहीं है। प्रशासनिक निर्णयों के पीछे के कारण अभी अस्पष्ट बने हुए हैं।


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