आगरा | द ओपन प्रेस: आगरा के जगदीशपुरा इलाके में कक्षा 10 की एक छात्रा के कथित अपहरण की जांच अहम दौर में पहुंच गई है, और पुलिस अब उस व्यक्ति की पहचान पर ध्यान केंद्रित कर रही है जिसने कथित रूप से पीड़िता के परिवार तक फिरौती का पत्र पहुंचाया था। हालांकि छात्रा सुरक्षित घर लौट आई है, लेकिन जांचकर्ताओं का कहना है कि कई सवाल अब भी अनुत्तरित हैं।
पुलिस के अनुसार, छात्रा शुक्रवार शाम अपनी कोचिंग क्लास में जाने के लिए घर से निकली थी, लेकिन तय समय पर वापस नहीं लौटी। कुछ देर बाद उसके परिवार को कथित तौर पर एक पत्र मिला जिसमें उसकी सुरक्षित वापसी के लिए ₹1 लाख की फिरौती की मांग की गई थी। परिवार ने तुरंत पुलिस को सूचित किया, जिसके बाद इलाके में बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चलाया गया।
जांच के तहत पुलिस ने कोचिंग सेंटर, आस-पास की सड़कों और छात्रा के रास्ते के आसपास के स्थानों की सीसीटीवी फुटेज की पड़ताल की। शुरुआती जांच में कथित तौर पर यह सामने आया कि कोचिंग क्लास के बाद छात्रा किसी संदिग्ध व्यक्ति के साथ जाते हुए नहीं दिखी। जांचकर्ताओं को ऐसी फुटेज भी मिली है जिसमें कथित तौर पर वह अकेले अपने घर की ओर चलती दिख रही है, जिसके बाद पुलिस ने जांच की दिशा पर दोबारा विचार करना शुरू कर दिया है।
शनिवार देर रात छात्रा सुरक्षित घर लौट आई। पुलिस ने पुष्टि की कि उसका मेडिकल परीक्षण कराया गया और उसका बयान दर्ज कर लिया गया है। अधिकारियों ने बताया कि घटनाक्रम को फिर से जोड़ने के लिए उसके बयान के साथ-साथ तकनीकी साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज का बारीकी से विश्लेषण किया जा रहा है।
जांच का फोकस अब उस रहस्यमय फिरौती पत्र पर केंद्रित हो गया है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इसे किसने लिखा, किसने परिवार के घर तक पहुंचाया और क्या यह किसी सुनियोजित साजिश का हिस्सा था या जांचकर्ताओं को गुमराह करने के लिए तैयार किया गया था। जिम्मेदार लोगों की पहचान के लिए हस्तलेख विश्लेषण, फॉरेंसिक जांच और सीसीटीवी फुटेज का सहारा लिया जा रहा है।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने जल्दबाजी में किसी नतीजे पर पहुंचने के प्रति आगाह किया है। उन्होंने कहा कि यह तय करना अभी बहुत जल्दबाजी होगी कि यह घटना वास्तविक अपहरण थी या इसके पीछे कोई और कारण छिपा है। जांचकर्ता अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले हर संभावित पहलू की पड़ताल कर रहे हैं।
द ओपन प्रेस से बातचीत में पुलिस अधिकारियों ने कहा कि मामले के किसी भी पहलू को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि जांच के दौरान किसी व्यक्ति की संलिप्तता साबित होती है तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जहां छात्रा की सुरक्षित वापसी से उसके परिवार को राहत मिली है, वहीं अधिकारी घटना के पीछे की सच्चाई और कथित फिरौती की मांग से जुड़ी परिस्थितियों को उजागर करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।


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