आगरा | उत्तर प्रदेश के आगरा में एक अनोखे गुमशुदगी मामले ने लोगों का ध्यान खींचा है। किसी लापता व्यक्ति की तलाश के बजाय एक अधिवक्ता ने अपने प्यारे पालतू तोते ‘मऊ’ को ढूंढने के लिए शहरव्यापी अभियान शुरू किया है और तोते को सुरक्षित लौटाने वाले के लिए ₹50,000 का इनाम तक घोषित कर दिया है।
यह मामला सिकंदरा आवास विकास कॉलोनी के सेक्टर-4 स्थित कान्हा जी रेजिडेंसी से सामने आया है, जहां अधिवक्ता सुनील कुमार का कहना है कि तोता उनके लिए महज एक पालतू जानवर नहीं, बल्कि परिवार का एक दुलारा सदस्य है।
बच्चे की तरह पाला था
सुनील कुमार के अनुसार, उन्हें यह तोता करीब 15 महीने पहले मिला था, जब वह एक पेड़ से गिर गया था। पंख पूरी तरह विकसित न होने के कारण पक्षी कमज़ोर, घायल और उड़ने में असमर्थ था।
वह उसे घर ले आए, एक बच्चे की तरह उसकी देखभाल की और धीरे-धीरे उसे स्वस्थ किया। समय के साथ तोता परिवार से गहराई से जुड़ गया और उसे प्यार से ‘मऊ’ नाम मिला।
कभी पिंजरे में नहीं रखा
कई पालतू पक्षियों के विपरीत, मऊ को कभी पिंजरे में नहीं रखा गया। परिवार उसे घर और आसपास के इलाकों में स्वतंत्र रूप से उड़ने देता था।
हर सुबह तोता स्थानीय पार्क में सुनील कुमार के साथ सैर पर जाता था। हफ्ते में एक बार तो वह परिवार के साथ कार में शहर के बाहर छोटी सैर पर भी जाता था।

परिवार का कहना है कि मऊ बेहद प्रशिक्षित था और जब भी सुनील कुमार उसका नाम पुकारते, वह तुरंत लौट आता।
13 जुलाई को हुआ गायब
परिवार ने बताया कि मऊ 13 जुलाई को शाम करीब 4:30 बजे पास के सेक्टर-4 पार्क की ओर उड़ गया, जो वह नियमित रूप से करता था।
शुरू में उन्हें उम्मीद थी कि पक्षी खुद ही लौट आएगा, लेकिन घंटों बीत जाने के बाद भी उसका कोई पता नहीं चला। परिवार के सदस्यों ने पार्क और आसपास के मोहल्लों में उसका नाम पुकारते हुए तलाश की, लेकिन तोता वापस नहीं आया।
कई दिनों तक लगातार खोजबीन के बावजूद वे पक्षी का पता नहीं लगा सके।
शहरभर में होर्डिंग
हर संभव प्रयास के बाद परिवार ने जनता की मदद लेने का फैसला किया।
बोदला रोड सहित कई स्थानों पर मऊ की तस्वीर वाले बड़े होर्डिंग लगाए गए हैं, जिनमें तोते को पाने वाले से परिवार से संपर्क करने का अनुरोध किया गया है। पोस्टरों में उसकी सुरक्षित वापसी पर ₹50,000 के नकद इनाम की भी घोषणा की गई है।
इस अनोखी अपील ने स्थानीय निवासियों और सोशल मीडिया यूज़र्स का खासा ध्यान खींचा है, जिनमें से कई ऑनलाइन इस संदेश को फैलाने में मदद कर रहे हैं।
परिवार बेहद व्यथित
सुनील कुमार का कहना है कि मऊ के गायब होने से परिवार भावनात्मक रूप से टूट गया है।
उन्हें विश्वास है कि यदि पक्षी सुरक्षित होता तो वह खुद ही घर लौट आता, और उन्हें डर है कि कहीं वह फंस न गया हो, घायल न हो गया हो या किसी ने उसे पकड़ न लिया हो।
परिवार का कहना है कि पक्षी के गायब होने के बाद से वे ठीक से खा या सो नहीं पा रहे हैं और उम्मीद कर रहे हैं कि मऊ जल्द मिल जाएगा।


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