इस्लामाबाद | 19 जुलाई 2026
अफगानिस्तान-पाकिस्तान सीमा पर ताज़ा हिंसा तेज़ हो गई है, पाकिस्तान ने दावा किया है कि अफगान सीमा के निकट देश के उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र में खुफिया-आधारित अभियानों में उसके सुरक्षा बलों ने 24 आतंकियों को मार गिराया। यह ताज़ा घटनाक्रम उस लगातार जारी सुरक्षा संकट को उजागर करता है, जिसने इस्लामाबाद और काबुल की तालिबान-नीत सरकार के बीच रिश्तों में तनाव पैदा किया है।
पाकिस्तानी सेना के अनुसार, हाल के आतंकी हमलों के बाद कई छापे मारे गए, जिनमें खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के बन्नू में एक आत्मघाती बम धमाका और एक थाने पर हमला शामिल था। अधिकारियों ने कहा कि अभियानों में तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) और बलोच विद्रोही गुटों से जुड़े आतंकियों को निशाना बनाया गया।

पाकिस्तान बार-बार आरोप लगाता रहा है कि टीटीपी लड़ाके अफगान क्षेत्र से सक्रिय हैं और सीमा-पार हमले कर रहे हैं। काबुल की तालिबान सरकार लगातार इन आरोपों को खारिज करती रही है और कहती है कि वह अफगान ज़मीन का इस्तेमाल किसी पड़ोसी देश के खिलाफ नहीं होने देती।
राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने इन अभियानों के लिए सुरक्षा बलों की सराहना की और पाकिस्तान के जारी “अज्म-ए-इस्तेहकाम” सुरक्षा अभियान के तहत आतंकवाद को खत्म करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
संघर्ष की पृष्ठभूमि
अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच रिश्ते 2026 की शुरुआत से तनावपूर्ण बने हुए हैं, जब विवादित डूरंड रेखा पर सीमा-पार हवाई हमलों और जवाबी कार्रवाइयों ने सैन्य टकराव को काफी बढ़ा दिया था। हालांकि दोनों पक्षों ने तनाव कम करने के लिए बातचीत की है, फिर भी छिटपुट हिंसा और आतंकी हमले स्थायी शांति की कोशिशों को कमज़ोर करते रहे हैं।
सुरक्षा विश्लेषकों का मानना है कि नए सिरे से बढ़ी आतंकी गतिविधि क्षेत्रीय स्थिरता को और जटिल बना सकती है, खासकर जब दोनों सरकारें सीमा-पार आतंकवाद की जिम्मेदारी को लेकर एक-दूसरे पर आरोप लगाती रहती हैं।


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