14 साल के बेटे की बात सुनकर शिल्पा शेट्टी बोलीं- लगा, अब सच में जिंदगी में कुछ हासिल किया है

हर सफलता की कहानी सिर्फ तालियों और शोहरत से नहीं बनती। इसके पीछे ऐसे दौर भी होते हैं जब मौके छूटते हैं, फैसले गलत साबित होते हैं और फिर खुद को साबित करना पड़ता है। शिल्पा शेट्टी की कहानी भी ऐसी ही रही।
एक तस्वीर से मॉडलिंग की शुरुआत, पहली फिल्म बंद होने का झटका, करियर में ठहराव और फिर वापसी- उन्होंने हर मोड़ पर खुद को खड़ा किया। इसी सफर में बेटे की तारीफ ने उन्हें एहसास कराया कि असली सफलता सिर्फ नाम नहीं, बल्कि हर दौर में प्रासंगिक बने रहना है।

एक तस्वीर ने बदल दी शिल्पा की जिंदगी
8 जून 1975 को कर्नाटक के मंगलुरु में जन्मीं शिल्पा शेट्टी का असली नाम अश्विनी शेट्टी है। उनका परिवार बाद में मुंबई आ गया, जहां उनकी पढ़ाई हुई। शुरुआती दिनों में उनकी जिंदगी फिल्मों और ग्लैमर से अलग थी। पढ़ाई पूरी करने के बाद वह पिता के काम में हाथ बंटाती थीं और उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि वह फिल्मों की दुनिया का जाना-पहचाना चेहरा बनेंगी।
इसी दौरान उन्हें एक फैशन शो में हिस्सा लेने का मौका मिला। उनकी मौजूदगी ने लोगों का ध्यान खींचा। शो में मौजूद एक फोटोग्राफर ने उनकी तस्वीरें खींचीं और बाद में उन्हीं के जरिए उन्हें मॉडलिंग के ऑफर मिलने लगे। धीरे-धीरे विज्ञापनों और फोटोशूट्स का सिलसिला शुरू हुआ और यहीं से मनोरंजन जगत में सफर शुरू हुआ।

16 साल की उम्र में शिल्पा ने 1991 में पहली बार लिम्का के लिए मॉडलिंग की। उस समय उन्हें अंदाजा नहीं था कि यह मौका आगे चलकर बॉलीवुड का दरवाजा खोलेगा। मॉडलिंग में पहचान बनने के बाद उन्हें फिल्मों के ऑफर मिलने लगे और जिंदगी ने नया मोड़ लिया।
पहली फिल्म बंद हुई, लेकिन उसी ने खोला बॉलीवुड का दरवाजा
शिल्पा शेट्टी की सफलता की कहानी सीधे ‘बाजीगर’ से शुरू नहीं हुई थी। कम लोग जानते हैं कि उनकी पहली फिल्म ‘गाता रहे मेरा दिल’ थी, जिसमें उनके साथ रोनित रॉय और रोहित रॉय थे। फिल्म की शूटिंग शुरू हो चुकी थी और ट्रेड मैगजीन में उनकी तस्वीर के साथ बॉलीवुड डेब्यू की घोषणा भी हो गई थी। लेकिन रिलीज से पहले ही फिल्म बंद हो गई। इसे यश चोपड़ा के असिस्टेंट रह चुके डायरेक्टर दिलीप नाइक ने डायरेक्ट किया था।

नए कलाकार के लिए पहली फिल्म का बंद होना करियर खत्म होने जैसा हो सकता था, लेकिन शिल्पा के साथ उल्टा हुआ। उसी ट्रेड मैगजीन में छपी उनकी तस्वीर इंडस्ट्री के लोगों की नजर में आई और उन्हें ‘बाजीगर’ का ऑफर मिला।
फिल्म ‘बाजीगर’ से जुड़ा किस्सा शेयर करते हुए शिल्पा शेट्टी कहती हैं- लोग आज भी उस सीन की बात करते हैं जिसमें मैं गिरते हुए मुस्कुरा रही हूं। उस समय वीएफएक्स नहीं हुआ करता था। हमने वो सीन कई बार शूट किया था। आज भी ध्यान से देखें तो उसमें इस्तेमाल हुई स्ट्रिंग दिखाई देती है। लेकिन उससे सीखा कि फिल्में सिर्फ पैसों से नहीं बनतीं, उनमें आत्मा होनी चाहिए। ‘बाजीगर’ में वही बात थी।
प्रोड्यूसर्स ने फिल्म से बाहर कर दिया
‘बाजीगर’ की सक्सेस के बाद शिल्पा शेट्टी ‘मैं खिलाड़ी तू अनाड़ी’, ‘छोटे सरकार’, ‘आओ प्यार करें’, ‘हथकड़ी’, ‘औजार’ और ‘परदेसी बाबू’ जैसी फिल्मों का हिस्सा रहीं और दर्शकों के बीच लोकप्रिय हुईं।
सफलता का सफर हमेशा नहीं रहता। शिल्पा के करियर में एक दौर ऐसा भी आया जब फिल्मों में काम मिलना बंद हो गया था। कई बार उन्हें फिल्म के लिए चुना गया, लेकिन बाद में प्रोड्यूसर्स ने बाहर कर दिया। लगातार निराशा ने उन्हें परेशान किया, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी।



