कप्तान सौरव गांगुली ने कहा-मैंने यूसुफ पठान को सांसदी छोड़ने नहीं कहा:ममता ने मेरे जरिए कोई राजनीतिक संदेश नहीं भिजवाया; राजनीति से मुझे कोई मतलब नहीं

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली ने कहा कि मैंने ममता बनर्जी के कहने पर TMC सांसद और पूर्व क्रिकेटर यूसुफ पठान से इस्तीफा देने के लिए नहीं कहा। उन्होंने कहा कि मीडिया ऐसी अफवाहों और अटकलों पर भरोसा न करे।
4 जून को बंगाल के अखबार आनंदबाजार पत्रिका ने दावा किया था कि पूर्व सीएम ममता बनर्जी ने सौरव से कहा है कि वह यूसुफ पठान को अपनी लोकसभा सीट से इस्तीफा देने के लिए मनाएं, ममता उपचुनाव के जरिए संसद पहुंच सकें।
यूसुफ पठान अभी पश्चिम बंगाल की बहरामपुर लोकसभा सीट से TMC सांसद हैं।

सौरव ने कहा- राजनीतिक मामलों में कभी शामिल नहीं रहा
लेटर में सौरव गांगुली ने कहा कि मैं कभी भी राजनीति में शामिल नहीं रहा हूं। जब मैंने कभी ऐसा कुछ किया ही नहीं, तो इस मामले में यूसुफ पठान या किसी के भी प्रतिक्रिया देने का सवाल ही नहीं है। मैंने कभी ममता का संदेश लेकर यूसुफ से संपर्क नहीं किया। अभी हालात ऐसे हैं कि लेटर लिखकर सारी बात साफ करना जरूरी था।
बहरामपुर TMC के लिए सेफ सीट

2024 के लोकसभा चुनावों में यूसुफ पठान ने कांग्रेस के अधीर रंजन चौधरी को 85 हजार वोटों से हराया था। अधीर उस सीट से लगातार 5 बार चुनाव जीतते आ रहे थे और उस वक्त लोकसभा में कांग्रेस के नेता थे।
इसके बाद से इस सीट को टीएमसी के लिए एक सेफ सीट की तरह देखा जाने लगा क्योंकि यहां 50-52% मुस्लिम आबादी के वोट हैं, जो बंगाल में टीएमसी के कोर वोटर माने जाते हैं।म
ममता अब विधायक भी नहीं
पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी 4 मई को आए विधानसभा चुनाव नतीजों में अपनी सीट से हार गई थीं। अभी के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने ममता को 15 हजार वोटों से हरा दिया था। यानी तीन बार बंगाल की मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री रह चुकीं ममता बनर्जी अब विधायक भी नहीं हैं।
शुभेंदु ने लगातार दूसरी बार ममता को विधानसभा चुनाव हराया था। 2026 से पहले 2021 में भी उन्होंने ममता को नंदीग्राम विधानसभा से हराया था।
13 दिन में टूटी 28 साल पुरानी TMC

तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर चल रहे राजनीतिक संकट के बीच, पार्टी से निकाले गए नेता संदीपन साहा ने गुरुवार को आरोप लगाया कि पार्टी के भीतर किसी को भी अभिषेक बनर्जी के खिलाफ बोलने की इजाजत नहीं थी। TMC की हार के बावजूद, नेताओं को डायमंड हार्बर के सांसद की तारीफ करने का निर्देश दिया गया था।



