राजस्थान

जैसलमेर से उत्तराखंड घूमने गए परिवार के 3 लोग अलकनंदा नदी में 2 दिन से मिसिंग:बेटे की जांघ की हड्डी 2 जगह से टूटी; अलकनंदा की गहराई में उतरेगी SDRF

जैसलमेर से उत्तराखंड घूमने गए परिवार के 3 लोग अलकनंदा नदी में 2 दिन से मिसिंग हैं। 4 के शव मिल चुके हैं, आज उनका अंतिम संस्कार किया गया। 1 घायल का इलाज जारी है। हादसा इतना भीषण था कि घायल 12 साल के घायल आयुष्मान की जांघ की हड्डी 2 जगह से टूट गई। उसे वेंटिलेटर पर रखा गया है।

SDRF की टीम ने मां और 2 बेटियों को ढूंढने के लिए 8 KM तक नदी में सर्च चलाया था। अब अलकनंदा की गहराई में उतरकर तलाश की जाएगी।

वहीं रेस्क्यू टीमों को इनोवा नदी में मिल गई है, इसमें कोई भी नहीं था। यह बुरी तरह पिचकी हुई थी।

पहले ब्रीफ में समझ लीजिए हादसा

10 दिन पहले एम्स के डॉक्टर दिनेश कुमार (27) का परिवार चार धाम की यात्रा के लिए उत्तराखंड निकला था।

26 मई को पिता लूणाराम को हरिद्वार में पतंजलि के आश्रम में पंचकर्म के लिए छोड़ा था। दिनेश, उनकी मां और बड़ी बहन गुड्डी देवी अपने 4 बच्चों के साथ इनोवा कार से उत्तराखंड घूमने निकले थे। 2 जून को पिता को लेने हरिद्वार लौट रहे थे।

मंगलवार को हरिद्वार लौटने के दौरान कार का एक्सीडेंट हो गया। हादसे में दिनेश कुमार, उनकी मां कमला देवी (67) और भांजी अश्लेषा (18) की मौत हो गई।

गुड्डी देवी (40), उनकी बेटी नम्रता (20) और जान्हवी (16) अभी तक लापता हैं। दिनेश का 12 साल का भांजा आयुष्मान हादसे में घायल है। उसे ऋषिकेश एम्स में एडमिट कराया गया है।

SDRF की टीमें अलकनंदा नदी और आसपास के क्षेत्रों में लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही हैं।

हरिद्वार में अंतिम संस्कार

परिजनों ने बताया- एम्स में डॉक्टर दिनेश कुमार, उनकी मां कमला देवी, उनकी भांजी अश्लेषा का अंतिम संस्कार हरिद्वार में किया गया। तीन लोगों के मिसिंग होने के चलते परिवार जैसलमेर नहीं आ सकेगा। ऐसे में, यही अंतिम संस्कार किया जाएगा।

मां और 2 बेटियों की तलाश 2 दिन से जारी

देवप्रयाग कोतवाली प्रभारी निरीक्षक प्रशांत बहुगुणा ने बताया- हादसे में चारों मृतकों के शवों का पोस्टमॉर्टम श्रीनगर में करवाने के बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए हैं। दुर्घटना में जैसलमेर के दरियानाथ की बावड़ी निवासी लापता गुड्डी देवी (40) पत्नी हरीश परिहार, जान्हवी (15) पुत्री हरीश परिहार और नम्रता (20) पुत्री हरीश परिहार की तलाश की जा रही है। जबकि हादसे में गंभीर घायल 12 वर्षीय आयुष्मान पुत्र हरीश परिहार को घटना के कुछ ही समय बाद रेस्क्यू कर उपचार के लिए बेस अस्पताल, श्रीनगर भेज दिया गया था, जहां उसका इलाज जारी है।

तस्वीर, कमला देवी और उनके पति लूणाराम की है। कमला देवी अब इस दुनिया में नहीं हैं। लूणाराम अपना पंचकर्म करवाने पंतजलि आश्रम में रुक गए थे। उनकी जान बच गई।
तस्वीर, कमला देवी और उनके पति लूणाराम की है। कमला देवी अब इस दुनिया में नहीं हैं। लूणाराम अपना पंचकर्म करवाने पंतजलि आश्रम में रुक गए थे। उनकी जान बच गई।

नदी की गहराई में उतर रही टीमें

बहुगुणा ने बताया- इनोवा कार को क्रेन की मदद से बाहर निकाल लिया गया है। कार के अंदर कोई भी नहीं मिला। जिस कारण घटना के बाद से लापता लोगों की तलाश के लिए एसडीआरएफ की टीम गोताखोरों के साथ दुर्घटना स्थल पर ही गंगा में डीप डाइविंग के जरिए तलाशी कर रही है। जिसके लिए मंगलवार के बाद बुधवार सुबह से गंगा में और दुर्घटना स्थल के आसपास सर्च अभियान चलाया गया। लेकिन बुधवार देर शाम तक भी तीनों का कुछ पता नहीं लग सका।

हरिद्वार में दिनेश, उनकी माता कमला, और उनकी भांजी अश्लेषा का अंतिम संस्कार किया गया।
हरिद्वार में दिनेश, उनकी माता कमला, और उनकी भांजी अश्लेषा का अंतिम संस्कार किया गया।

इनोवा मिली; मासूम की जांघ की हड्डी टूटी

पुलिस के अनुसार, कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो रखी थी। जिस जगह पर हादसा हुआ है, वहां पर सीधी ढलान है। आशंका है कि कार सड़क से मिट्टी के टीले को तोड़कर खाई में गिरी होगी। कार की स्पीड भी तेज होने का अनुमान है। हालांकि, मामले में अभी जांच जारी है।

जानकारी के अनुसार, इनोवा 200 मीटर नीचे खाई में पलट गई थी। इसमें घायल आयुष्मान के दाहिने पैर की जांघ की हड्डी (राइट फीमर) में फ्रैक्चर आया गया। ऑर्थो टीम ने तत्काल पैर में ट्रैक्शन लगाया। आयुष्मान अभी वेंटिलेटर पर है और उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है।

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